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Opinion: गांधी परिवार में SPG सुरक्षा हटने को लेकर इतना डर क्यों है?

Opinion: गांधी परिवार में SPG सुरक्षा हटने को लेकर इतना डर क्यों है?

केंद्र सरकार ने महीने भर पहले गांधी परिवार के सदस्यों से एसपीजी सुरक्षा वापस लेते हुए उन्हें अब जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने महीने भर पहले गांधी परिवार के सदस्यों से एसपीजी सुरक्षा वापस लेते हुए उन्हें अब जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है (फाइल फोटो)

साफ है SPG सुरक्षा (SPG Security) मौजूदा खतरे और इंसान किस सांवैधानिक पद पर मौजूद है इसे देखकर दी जाती है. इन दोनों ही मामलों में गांधी परिवार (Gandhi Family) फिट नहीं बैठता. न तो कोई उस परिवार से सरकार में संवैधानिक पद पर है और न ही हाल के कुछ वर्षों में उनसे जुड़ा सुरक्षा का कोई मामला सामने आया है

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नई दिल्ली. बीते कुछ दिनों से कांग्रेस (Congress) बेहद परेशान है. सोचिए क्यों, मुद्दा किसान, एनआरसी, लुढ़कती इकॉनमी नहीं है... प्रियंका का घर, एक एसयूवी गाड़ी, अमित शाह (Amit Shah) का संसद में बयान चर्चा में है. अब आप समझ गए होंगे, बात एसपीजी सुरक्षा (SPG Protection) की हो रही है. गांधी परिवार (Gandhi Family) एसपीजी सुरक्षा हटने से असहज है. संसद (Parliament) का बेहद कीमती समय कांग्रेसी नेताओं ने अपने रहनुमा यानी गांधी परिवार की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए खर्च कर डाला. सवाल ये है कि गांधी परिवार सुरक्षा का स्तर कम होने से इतना परेशान क्यों है. साफ है सुरक्षा मौजूदा खतरे और इंसान किस सांवैधानिक पद पर मौजूद है इसे देखकर दी जाती है. इन दोनों ही मामलों में गांधी परिवार फिट नहीं बैठता. न तो कोई उस परिवार से सरकार में संवैधानिक पद पर है और न ही हाल के कुछ वर्षों में उनसे जुड़ा सुरक्षा का कोई मामला सामने आया है. तो फिर इतना डर क्यों?

कैसे बनी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG)
अब जरा हम तथ्यों पर गौर करते हैं. 8 अप्रैल, 1985 को विशेष सुरक्षा दस्ता तैयार किया गया था. अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इसके गठन का फैसला किया गया था. शुरुआत में इसे सिर्फ प्रधानमंत्री और उसके परिवार के लोगों को मुहैया कराया जाता था लेकिन राजीव गांधी की हत्या के बाद 1991 में एसपीजी एक्ट में बदलाव किया गया और उसमें पूर्व पीएम के परिवारों को भी एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराने का क्लॉज जोड़ा (डाला) गया.

गांधी परिवार ने कई बार छोड़ा SPG कवर
वर्तमान में प्रधानमंत्री के अलावा तीन और लोगों को देश में एसपीजी सिक्युरिटी प्राप्त थी और ये तीनों ही गांधी परिवार से थे. संसद में रखे गए कुछ आंकड़े ऐसे हैं जो बताते हैं कि गांधी परिवार ने एक नहीं कई बार एसपीजी घेरा अपनी मर्जी से छोड़ा और निकल गए. एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 के बाद से राहुल गांधी विदेश यात्राओं में 247 बार एसपीजी को अपने साथ ले ही नहीं गए. वहीं, प्रियंका 78 बार विदेश यात्राओं के दौरान एसपीजी को अपने साथ नहीं ले गईं. ये आंकड़े हैरान करते हैं जिस गांधी परिवार की सुरक्षा को लेकर कांग्रेसी केंद्र सरकार को पानी पी-पी कर कोस रहे हैं उन्होंने खुद ही कई बार एसपीजी कवर को छोड़ दिया.

SPG के कमांडो का काम देश के प्रधानमंत्री की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित रखना है (फाइल फोटो)


सवा अरब आबादी की सोचे कांग्रेस
अब अगर सुरक्षा की ही बात करनी है तो सवा अरब आबादी की सुरक्षा की बात होनी चाहिए थी. कांग्रेसियों ने जितना वक्त इस मुद्दे पर बहस करने में निकाल दिया उस दौरान देश में न जाने कितने अपराध सुरक्षा के अभाव में हो चुके थे. वैसे तो गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार ने उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दे रखा है. लेकिन अगर संसद में बहस की बात की जाए तो बेहतर होता कि कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार को प्रभावी तरीके से घेरती. हैदराबाद रेप और जघन्य हत्या को लेकर देश भर में सड़क से संसद तक काफी नाराजगी दिखी लेकिन उसके बाद से अब तक क्या रेप रुके, क्या पुलिस सख्त हुई, क्या देशभर में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा बढ़ी. मंगलवार को ही बिहार के बक्सर से हैदराबाद जैसी हैवानियत की खबर आई. ये खबरें परेशान करने वाली हैं, बेहतर होगा कि कांग्रेस गांधी परिवार के बजाय देश के परिवारों की सुरक्षा पर गौर करे.

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Tags: Amit shah, Gandhi Family, Parliament, Priyanka gandhi, Rahul gandhi, SPG Security

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