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Digital Prime Time: EVM पर क्यों मचा है हंगामा, कहां से आया 48 का आंकड़ा
Delhi-Ncr News in Hindi

Anil Rai | News18Hindi
Updated: February 10, 2020, 9:02 PM IST
Digital Prime Time: EVM पर क्यों मचा है हंगामा, कहां से आया 48 का आंकड़ा
ओपी रावत ने कहा कि राजनितिक दल चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिये इस तरह के सवाल उठाते हैं . (प्रतीकात्मक फोटो)

इस बार EVM पर लगे आरोप को देखें तो ये यूं ही नहीं लगे. मतदान के दिन तक सब कुछ ठीक-ठाक था लेकिन चुनाव आयोग ने मतदान के आंकड़े जारी करने में देरी क्या कर दी EVM पर सवाल खड़े होने लगे बाकि रही सही कसर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के उस ट्वीट ने कर दी जिसमें बीजेपी को 70 में 48 सीटें मिलने की गारंटी बताई जा रही थी.

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  • Last Updated: February 10, 2020, 9:02 PM IST
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नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने दिल्ली में हुए मतदान का प्रतिशत जारी करने में कुछ देर क्या कर दी ईवीएम पर ढेरों सवाल खड़े हो गए हैं, आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल खड़ा कर दिया. आप तो आंकड़ों के बहाने चुनाव आयोग पर आक्रामक थी ही, इसी बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने 48 विधानसभा सीटों का आंकड़ा सोशल मीडिया पर डालकर बवाल और तेज कर दिया. ऐसे में आम आदमी पार्टी के साथ और कई दलों ने EVM के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि EVM को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. जब भी कोई चुनाव होता है तो EVM पर आरोप लगना अब आम बात हो गई है. पिछले चार-पांच सालों को देखें तो पूरा विपक्ष EVM को लेकर हमलावर रहा है. EVM का विरोध करने में कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी, सपा, बसपा समेत सभी दल शामिल हैं.

क्या EVM पर आरोप लगाना रस्म अदायगी बन गया है
ये अलग बात है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश,  छत्तीसगढ़ में EVM  से हुए चुनाव में ही कांग्रेस की सरकार बनी जबकि हाल में झारखंड में जेएमएम की सरकार भी ईवीएम से हुए चुनाव में ही बनी. हरियाणा में बीजेपी EVM से हुए चुनाव में सत्ता से दूर रही, इसी EVM से हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी को पहली बार दिल्ली में सबसे बड़ी पार्टी बनने का मौका मिला. 2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें मिलीं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हर चुनाव में EVM पर आरोप लगाना एक रस्म अदायगी बन गया है या सचमुच ईवीएम में कुछ खामियां हैं.

मनोज तिवारी के पास कहां से आया 48 का आंकड़ा?

इस बार EVM पर लगे आरोप को देखें तो ये यूं ही नहीं लगे. मतदान के दिन तक सब कुछ ठीक-ठाक था लेकिन चुनाव आयोग ने मतदान के आंकड़े जारी करने में देरी क्या कर दी EVM पर सवाल खड़े होने लगे. रही सही कसर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के उस ट्वीट ने कर दी जिसमें बीजेपी को 70 में 48 सीटें मिलने की गारंटी बताई जा रही थी. इस ट्वीट के बाद आम आदमी पार्टी समेत पूरा विपक्ष EVM को लेकर हमलावर हो गया. ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि आखिर 48 का आंकड़ा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के पास आया कहां से. आमतौर पर वरिष्ठ नेता सीटों को लेकर एग्जेक्ट नंबर ट्वीट करने से बचते हैं, ऐसे में मनोज तिवारी के 48 के आंकड़े के पीछे कोई न कोई वजह जरूर होगी क्योंकि दिल्ली में बहुमत का आंकड़ा तो 36 का है. इस ट्विट के कुछ ही घंटों बाद एसपी के प्रवक्ता राजीव राय ने एक लिस्ट ट्विट की जिसमें 70 सीटों का हिसाब था. इसमें बीजेपी को 45 और आम आदमी पार्टी को 22 सीटें मिल रही हैं. हालांकि राजीव राय ने इस लिस्ट की पुष्टि नहीं की, लेकिन मामला गरमा जरूर दिया. ऐसे में अब 11 फरवरी को जब तक वोटों की गिनती पूरी नहीं हो जाएगी EVM पर आरोप लगते रहेंगे.

क्या होगा अगर एक्जिट पोल से अलग आए नतीजे
दिल्ली चुनाव के एग्जिट पोल में जिस तरह आम आदमी पार्टी को दिल्ली में क्लीन स्वीप करते हुए दिखाया गया है, उसके बाद EVM पर जिम्मेदारी और बढ़ गई है. वोटों की गिनती के बाद दिल्ली विधान सभा के परिणाम जरा भी इधर-उधर होंगे तो साफ है कि ईवीएम पर सवाल खड़े होंगे. आम आदमी पार्टी सहित विपक्ष के सभी नेताओं के ट्विटर हैंडल को देखें तो इसकी तैयारी पहले से ही दिख रही है.

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First published: February 10, 2020, 9:02 PM IST
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