क्या Corona संक्रमण के मामले में 'आर्थिक राजधानी' को पीछे छोड़ देगी दिल्‍ली?
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क्या Corona संक्रमण के मामले में 'आर्थिक राजधानी' को पीछे छोड़ देगी दिल्‍ली?
दिल्ली में 14 दिनों में कोरोना के मामले दोगुना हो रहे हैं, जबकि मुंबई में 36 दिन लग रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली (Delhi) में कोरोना (Corona) के बढ़ते मामले को काबू में करने के लिए नीति आयोग (Niti Aayog) के वीके पॉल, ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव और एम्स (AIIMS) के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक नई रणनीति तैयार की है.

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दिल्ली. देशभर में कोरोना (Corona) तेजी से पांव पसार रहा है. लेकिन जो रफ्तार देश की राजधानी ने पकड़ी है, उससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या दिल्ली (Delhi) आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) को भी पीछे छोड़ देगी. ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि मौजूदा वक्त में मुंबई में कोरोना के मामले 36 दिनों में दोगुना हो रहे हैं, जबकि दिल्ली में लगभग 14 दिनों में. कोरोना केस बढ़ने की रफ्तार यही रही तो दिल्ली जल्द ही मुंबई को पीछे छोड़ देगी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने को लेकर एक ख़ास और अलग रणनीति बनाई गई है.

दो दिनों में देश में 24 % नए मामले और 25% मौत दिल्ली से रिपोर्ट हुई है. आज पूरे देश के मामलों में करीब 20% नए मामले और 14 % मौत दिल्ली से हैं. बढ़ते मामलों को काबू में करने को लेकर नीति आयोग के वीके पॉल, ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव और एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक नई रणनीति तैयार की है.

ये है नई रणनीति 



- दिल्ली के कंटेनमेंट जोन को लेकर स्ट्रेटजी को बदला जाएगा. किसी इलाके में सामने आते नए मामले और उसकी रफ़्तार को लेकर ज़ोन बनाए जाएंगे.
- कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को मजबूत किया जाएगा, जिसमें दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों की मदद ली जाएगी.

- अनलॉक-1 में बेपरवाह हुए लोगों पर सख्ती की जाएगी. फेस कवर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों पर फाइन लगाने तक की बात है.

- ज़िलास्तर पर सरकारी ढांचे से मदद ली जाएगी. मसलन ज़िले में कोई मेडिकल कॉलेज है, तो उसके छात्रों को कोरोना की लड़ाई में जोड़ा जाएगा.

- सीरो सर्वे के तहत 27 जून से 10 जुलाई तक 20 हज़ार लोगों के ब्लड सैंपल लिए जाएंगे ताकि पता लगाया जा सके कि संक्रमण का दायरा क्या है?

-दिल्ली भले मामलों में दूसरे नंबर पर हो, पर टेस्टिंग में देश में 8 वें नंबर पर है. नए मामलों को लेकर अगर दिल्ली की रफ्तार यही रही, तो कम वक्त में ही दिल्ली मुंबई से आगे निकल जाएगी.

- दिल्ली में डबलिंग रेट करीब 14 दिन है,- वहीं मुंबई का 36 दिन है.

- देश में कोरोना के मामले करीब 21 दिन में दोगुने हो रहे हैं.

- एक हफ्ते में दिल्ली में करीब 17 हज़ार नए मामले सामने आए, वहीं मुंबई में करीब 7 हज़ार.

दिल्ली में जिस रफ्तार से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. उससे चिंतालगातार बढ़ते पॉजिटिविटी रेट को लेकर भी हो रही है. केन्द्र सरकार के सामने पहले से ही देश की आर्थिक राजधानी चुनौती बनकर उभरी है, अब दिल्ली भी उसी राह पर है.

 
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