केजरीवाल सरकार की इस योजना को लागू करेंगी पंजाब-हरियाणा सरकार? जानिए किन मामलों में जताई सहमति

खेतों में पराली को जलाने के बजाय गलाने की तकनीक में अब हरियाणा और पंजाब राज्य भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

खेतों में पराली को जलाने के बजाय गलाने की तकनीक में अब हरियाणा और पंजाब राज्य भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

हरियाणा और पंजाब से वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली पहुंचा. विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दोनों राज्यों के प्रतिनिधि मंडल ने केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) द्वारा पराली की समस्या के समाधान के लिए उस पर किए गए बायो डी-कंपोजर के छिड़काव के प्रभावों की विस्तृत जानकारी ली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 12:12 PM IST
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नई दिल्ली. खेतों में पराली को जलाने के बजाय गलाने की तकनीक में अब हरियाणा और पंजाब राज्य भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. दोनों राज्यों के अधिकारियों ने पराली (Stubble) पर किए गए बायो डी-कंपोजर (Bio-de-Composer) के छिड़काव के प्रभाव जानने के लिए दिल्ली के विकास मंत्री से मुलाकात की है. बायो डी-कंपोजर का छिड़काव कितना कारगर रहा, इस बारे में चर्चा भी की है. साथ ही पराली गलाने के लिए खेतों में बायो डी-कंपोजर छिड़काव कराने वाले किसानों से भी उनके अनुभव पता किए हैं.

दरअसल, हरियाणा और पंजाब से वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल दिल्ली पहुंचा है. विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दोनों राज्यों के प्रतिनिधि मंडल ने केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) द्वारा पराली की समस्या के समाधान के लिए उस पर किए गए बायो डी-कंपोजर के छिड़काव के प्रभावों की विस्तृत जानकारी ली.

उन्होंने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि केजरीवाल सरकार की तरह ही अन्य राज्य सरकारों को भी पराली गलाने के लिए किसानों को बायो डी-कंपोजर निःशुल्क उपलब्ध करानी चाहिए. राज्य सरकारों को बायो डी-कंपोजर का घोल बनाने के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था करनी होगी और हर जिले में एक केंद्र स्थापित करना होगा.
हमें उम्मीद है कि पराली की समस्या से निपटने के लिए सभी राज्य सरकारें मिलकर सकारात्मक पहल करेंगी. इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने विकास विभाग के अधिकारियों, पूसा के वैज्ञानिकों और इस तकनीक से लाभाविंत किसानों से मुलाकात की और दिल्ली सरकार (Delhi Government) के प्रयासों की सराहना की.

प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली के विकास विभाग के अधिकारियों और पूसा संस्थान (Pusa Institute) के वैज्ञानिक के साथ दिल्ली के हिरणकी, पल्ला और जिंदपुर गांव के किसानों से मुलाकात की. किसानों के मुलाकात के बाद पंजाब और हरियाणा के अधिकारी और पूसा संस्थान के वैज्ञानिकों ने दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय से मुलाकात की.

दिल्ली के किसानों ने उन्हें बताया कि बायो डी-कंपोजर के छिड़काव से पराली गल गई और साथ ही साथ उन्हें खाद का कम प्रयोग करना पड़ा है. किसानों ने बताया कि इससे खेत की उर्वरा शक्ति भी अच्छी हुई है.



इस अवसर पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और विकास मंत्री गोपाल राय ने खुद से किसानों के बीच जाकर पराली जलाने की समस्या के लिए कार्य किया, उससे किसानों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा.


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