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    Corona ही नहीं बल्कि वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्‍क बनेगा 'कवच', जानें पूरा मामला

    दिल्‍ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
    दिल्‍ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

    दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air pollution) की वजह से लोगों के लिए मास्‍क लगाना जरूर हो चला है. हालांकि पहले इसे कोरोना से बचने के लिए इस्‍तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा था.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 6, 2020, 4:30 PM IST
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    नई दिल्‍ली. देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली इस समय दोहरी मार झेल रही है. एक तरफ पिछले तीन दिन से कोरोना वायरस संक्रमण (coronavirus Infection) के मामले लगातार 6000 से अधिक आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ वायु प्रदूषण (Air pollution) ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. यही वजह है कि चेहरे पर लगा मास्क (Mask) अब तक कोविड-19 से बचाव के लिए जरूरी था, लेकिन अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण और जहरीली होती हवा से बचाने के लिए यह कवच का काम करेगा.

    डॉक्टर मोहसीन वली ने कही ये बात
    गंगाराम के वरिष्ठ डॉक्टर मोहसीन वली का कहना है कि मास्क लगाने से वायु प्रदूषण से बचा जा सकता है और हम पिछले कई सालों से लोगों से मास्क लगाने की अपील कर रहे थे, लेकिन लोग सुनते नहीं थे. हालांकि कोविड-19 के दौर में सबने मास्‍क का इस्तेमाल किया, क्योंकि कोरोना से बचने के लिए मास्‍क, सैनिटाइजेशन और सामाजिक दूरी जरूरी है. साथ ही कहा कि अब मास्क बढ़ते वायु प्रदूषण में भी जीवन का कवच बनता जा रहा है, क्योंकि मास्क लगाने से वायु में मिले हुए प्रदूषित कण हमारे शरीर के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे जिससे तमाम तरीके की बीमारियों से बचा जा सकता है. खासकर सांस की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी और स्किन की बीमारी से बचाव किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण में एन 95 मास्क बेहद कारगर साबित होता है. उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही कपड़े से बने मास्क का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, क्‍योंकि उसके जरिए भी काफी हद तक धूल मिट्टी को हमारे शरीर में प्रवेश होने से रोका जा सकता है. वायु प्रदूषण के दौरान आंखों में मिट्टी जाने से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी के चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आंखों को जलन होने से बचाया जा सके.


    प्रदूषण ने खड़ी की मुश्किल


    वहीं, दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. नोएडा से दिल्ली काम करने आने वाले सौरव ने बताया कि लॉकडाउन में प्रदूषण बिलकुल कम हो गया था. अब बाइक चलाने में भी दिक्कत हो रही है. यही नहीं, आंखें खुलती नहीं हैं और जलन जैसी महसूस होती है, लेकिन मास्क लगाने से थोड़ा बचाव जरूर हो रहा है.

    आपको बता दें कि वायु प्रदूषण के मामले में दिल्ली खतरनाक स्टेज पर पहुंच गई है. अगर AIQ की बात करें तो दिल्ली में यह आंकड़ा 500 के लेवल को पार कर चुका है. सफर ऐप के अनुसार दिल्ली में एक्यूआई 508 के आंकड़े पर है.
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