• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • World Breastfeeding Week: कोरोना के खिलाफ माएं स्‍तनपान से शिशुओं को दे सकती हैं एंटीबॉडी

World Breastfeeding Week: कोरोना के खिलाफ माएं स्‍तनपान से शिशुओं को दे सकती हैं एंटीबॉडी

कोरोना के खिलाफ नवजातों में एंटीबॉडी बनाने में कारगर है स्‍तनपान.

कोरोना के खिलाफ नवजातों में एंटीबॉडी बनाने में कारगर है स्‍तनपान.

Word Breastfeeding Week: स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि स्‍तनपान सिर्फ बच्‍चों के विकास के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि आज के दौर में चल रही भयानक बीमारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भी बच्‍चों के शरीर को जरूरी शक्ति प्रदान करता है.

  • Share this:

    नई दिल्‍ली. वर्ल्‍ड ब्रेस्‍टफीडिंग वीक यानी विश्‍व स्‍तनपान सप्‍ताह (World Breastfeeding Week) का आज आखिरी दिन है. एक अगस्‍त से शुरू हुए इस सप्‍ताह में विश्‍व भर में स्‍तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ने के साथ ही स्‍तनपान को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. साल 2020 से शुरू हुई और अब 2021 में भी विश्‍व में हलचल पैदा कर रही कोरोना महामारी को देखते हुए भी विशेषज्ञ स्‍तनपान (Breastfeeding) को बेहतर बता रहे हैं.

    स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि स्‍तनपान सिर्फ बच्‍चों के विकास के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि आज के दौर में चल रही भयानक बीमारी कोरोना वायरस (Corona Virus) से लड़ने के लिए भी बच्‍चों के शरीर को जरूरी शक्ति प्रदान करता है. इस बारे में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की स्‍त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डॉ. मंजु पुरी का कहना है कि देश में कोरोना के खिलाफ वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम चल रहा है. जिसमें स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को भी वैक्‍सीन दी जा रही है. इसके दो फायदे हैं. पहला यह कि मां सुरक्षित है और दूसरा ये के मां के दूध के माध्‍यम से बच्‍चे तक वैक्‍सीन का असर पहुंच रहा है.

    डॉ. पुरी कहती हैं कि अभी तक बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन (Vaccine) नहीं आई है लेकिन मां के माध्‍यम से बच्‍चे के शरीर में एंटीबॉडी जा रही हैं. वे कहती हैं कि एक मां जो भी खाती है उसका असर दूध पीने वाले शिशु में देखने को मिलता है. कई बार देखा गया है कि मां कुछ अपच बढ़ाने वाला खाना खाती है तो बच्‍चे को भी इससे दिक्‍कत होती है. यही वैक्‍सीन के असर के साथ भी है. अगर मां स्‍वस्‍थ है तो बच्‍चे पर भी इसका असर पड़ेगा.

    वहीं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के कोविड टास्‍क फोर्स ऑपरेशन ग्रुप हेड और वरिष्‍ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एन के अरोड़ा कहते हैं कि स्‍तनपान मां और बच्‍चे दोनों के लिए ही फायदेमंद है. वैज्ञानिक रूप से देखें तो मां के दूध से ही बच्‍चे में पोषण जाता है. जैसा कि जन्‍म से पहले भी होता है कि बच्‍चा मां के गर्भ में मां से ही सांस से लेकर भोजन तक पाता है. वहीं जन्‍म के बाद उसे जरूरी चीजें मां के दूध से मिलती हैं.

    यही वजह है कि बच्‍चों के लिए कम से कम छह महीने तक सिर्फ मां का दूध दिए जाने की सलाह दी जाती है. डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि देश में स्‍तनपान कराने वाली महिला अगर वैक्‍सीन लगवाती है तो उससे बच्‍चे के शरीर में भी कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी. अगर मां बच्‍चे को दूध नहीं पिलाती और वैक्‍सीन लगवाती है तो उसका फायदा सिर्फ महिला तक रहेगा लेकिन स्‍तनपान में यह बच्‍चे तक पहुंच जाता है. इसलिए जरूरी है कि माएं अपने बच्‍चों को स्‍तनपान कराएं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज