ओलंपियन सुशील कुमार पर रेलवे से भी गिर सकती है गाज, किए जा सकते हैं सस्‍पेंड!

Chhatrasal Stadium Murder Case: उत्तर रेलवे पहलवान सुशील कुमार को नॉर्दन रेलवे में डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर के पद से कर सकता है सस्‍पेंड

Chhatrasal Stadium Murder Case: उत्तर रेलवे पहलवान सुशील कुमार को नॉर्दन रेलवे में डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर के पद से कर सकता है सस्‍पेंड

Wrestler Sushil Kumar News: पहलवान सुशील कुमार के मर्डर केस में ग‍िरफ्तारी के बाद उत्तर रेलवे सुशील कुमार को सस्पेंड कर सकता है. सूत्रों से म‍िली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 48 घंटों के भीतर हो सकती है और रेलवे की ओर से जल्द सस्पेंशन लेटर जारी किया जाएगा.

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छत्रसाल स्टेडियम में हुई हत्‍या के मामले में ग‍िरफ्तार सुशील कुमार की मुश्‍क‍िलें बढ़ सकती हैं. सूत्रों के मुताबिक, पहलवान सुशील कुमार पर उत्तर रेलवे जल्द कार्रवाई कर सकता है. उत्तर रेलवे सुशील कुमार को सस्पेंड कर सकता है और यह कार्रवाई 48 घंटों के भीतर हो सकती है. रेलवे प्रशासन की ओर से जल्द सस्पेंशन लेटर जारी किया जाएगा. आपको बता दें क‍ि सुशील कुमार नॉर्दन रेलवे में डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर के पद पर तैनात है. वहीं अब इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप द‍िया है. रव‍िवार को द‍िल्‍ली की एक अदालत ने सुशील कुमार को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था.

पहलवान सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद उस मामले की तफ़्तीश का जिम्मा अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपा द‍िया गया है. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है. इस मामले में कई गैंगस्टर और प्रोपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ हो सकता है. आरोपियों द्वारा कई लोगों को डराने-धमकाने और विवादित प्रोपर्टी पर कब्जे का भी आरोप है.

क्‍या है मामला

मामला स्टेडियम में गत चार मई को हुई उस घटना से संबंधित है जिसमें पहलवान सागर की मौत हो गई थी और उसके दो मित्र सोनू और अमित कुमार तब घायल हो गए थे जब उन पर सुशील कुमार और अन्य पहलवानों ने हमला किया था. दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जो तब से फरार था. वहीं अजय कुमार की गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी. अदालत के अंदर करीब 30 मिनट तक सुशील कुमार से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए उसकी 12 दिन की हिरासत मांगी गई. अदालत की कार्यवाही के दौरान राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि अपराध के पीछे की पूरी साजिश और मकसद का पता लगाने के लिए सुशील कुमार की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है.
अभियोजक ने कुमार की हिरासत का अनुरोध करते हुए अदालत को बताया, ‘‘स्टेडियम में लगे कैमरे तोड़ दिये गए और वह उस जगह का डीडीआर साथ ले गया. उसे बरामद किया जाना है.’’ इससे पहले, दिल्ली की एक अदालत ने दो बार ओलंपिक पदक जीतने वाले सुशील कुमार को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि वह प्रथम दृष्टया मुख्य साजिशकर्ता है और उसके खिलाफ आरोपों की प्रकृति गंभीर है. सुशील कुमार और छह अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। यह पहलवान के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 308, 365, 325, 323, 341 और 506 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है. साथ ही मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 120-बी और 34 और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

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