OPINION: एयरस्ट्राइक, अनुच्‍छेद-370 हटाने और कई बदलावों के लिए 2019 को कहा जाएगा PM MODI का साल
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OPINION: एयरस्ट्राइक, अनुच्‍छेद-370 हटाने और कई बदलावों के लिए 2019 को कहा जाएगा PM MODI का साल
पीएम मोदी के लिए साल 2019 कई मोर्चों पर उपलब्धियों वाला रहा. (File Photo)

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 14 फरवरी, 2019 को सुरक्षाकर्मियों को ले जाने वाले वाहनों के एक काफिले पर आत्मघाती हमलावर ने हमला किया था. इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 46 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक (Surgical Strike) की थी.

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  • Last Updated: December 31, 2019, 7:21 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी (PM Modi) के लिए ये साल कई मोर्चों पर उपलब्धियों वाला रहा. वहीं, आर्थिक मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है. पीएम मोदी के नेतृत्व में देश कई अहम फैसलों पर मुहर लगा चुका है, जिसको लेकर देशभर में उत्साह का माहौल देखा गया तो वहीं नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर विपक्ष के समर्थन से सड़कों पर विरोध भी देखा गया. आइए जानते हैं साल 2019 में प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए अहम फैसले के बारे में.

2019 बालाकोट हवाई हमला
26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 जेट्स ने नियंत्रण रेखा पार की और बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद संचालित आतंकवादी शिविर पर हमला किया. भारतीय मीडिया ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान लगभग 200 से 300 आतंकवादी मारे गए. जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 14 फरवरी, 2019 को सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले वाहनों के एक काफिले पर भारत के पुलवामा जिले के लेथपोरा (अवंतीपोरा के पास) में एक आत्मघाती हमलावर ने हमला किया. इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 46 जवान शहीद हो गए. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. इसके बाद ही 26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी.

26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. (सांकेतिक तस्वीर)




नागरिकता संशोधन कानून


नागरिकता संशोधन कानून (CAA) संंसद के दोनों सदनों में पा‍रित होने के बाद देश में इसको लेकर खूब हंगामा हुआ. लोकसभा और राज्यसभा में इस बिल को पेश करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इस बिल का मकसद तीन देश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है, जो हमारे देश में सालों से दोयम दर्जे की जिंदगी जीने को मजबूर हैं. उन्होंने जिन देशों का नाम सामने रखा वो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश हैं. इन देशों के अल्पसंख्यकाें को धर्म के आधार पर शोषित और पीड़ित किया गया.

बता दें कि 31 दिसंबर 2014 तक जो नागरिक इन देशों से भागकर भारत आए थे, सरकार ने उन्‍हें भारतीय नागरिकता देने के लिए दोनों सदनों में बिल पास कराया और कानून बनाकर सूर्खियां बटोरीं. वैसे इस कानून के पास होते ही भारत सरकार के खिलाफ विपक्षी दल आवाज उठाने लगे और मोदी सरकार पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि सरकार एनआरसी लाकर यहां के मुसलमानों की नागरिकता छीनने की मंशा से काम कर रही है.

राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ
राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि न सिर्फ दशकों पुराने विवादित मामले का पटाक्षेप हुआ बल्कि राम मंदिर पर होने वाली सियासत पर भी विराम लगा. मोदी सरकार के कार्यकाल में सालों से लंबित पड़े मामले के जल्द निबटारे पर ज़ोर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट ने एक समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी कर ऐतिहासिक फैसला सुनाया. 9 नवंबर 2019 को रामलला के पक्ष में आए फैसले ने दशकों पुराने विवाद को जड़ से खत्म कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश देते हुए कहा कि 3 महीने में राम मंदिर बनाने को लेकर ट्र्स्ट बनाए.

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राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. 


कश्मीर और अनुच्छेद 370
बीजेपी भले ही अपने घोषणापत्रों में अनुच्‍छेद-370 को हटाने की बात करती थी, लेकिन इसको खत्‍म करने को लेकर कोई पहल होगी इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. मोदी सरकार ने 5 अगस्त को अनुच्छेद-370 को लगभग निष्क्रिय बनाते हुए जम्‍मू-कश्‍मीर के स्पेशल स्टेटस को छीन लिया. अब वहां भारत के दूसरे प्रदेश से जाकर लोग जमीन खरीदकर रह सकेंगे. साथ ही वहां भारतीय कानून के जरिए शासन व्यवस्था चलाई जाएगी. भारत सरकार ने इस कड़ी में जम्मू-कश्मीर को दो भागों में बांट दिया है. सूबे को दो केंद्रशा‍सित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटा गया है. विपक्ष जम्मू-कश्मीर में 370 को निष्क्रिय करने के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करता रहा है, लेकिन मोदी सरकार अपने मंसूबे में पूरी तरह कामयाब दिख रही है. पाकिस्तान ने शुरुआती समय में इसका विरोध किया था, लेकिन यूनाइटेड नेशन से लेकर तमाम देशों को भारत के पक्ष में खड़े देखकर उसका सुर धीमा पड़ने लगा है.

तीन तालाक को लेकर बनाया महत्तवपूर्ण कानून
मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में ही इस बिल को कानून का रूप देना चाहती थी लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण इसे दूसरे कार्यकाल का इंतज़ार करना पड़ा. इस कानून के पीछे मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों को दूर करने का प्रयास बताया गया. मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन में इससे जुड़े विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पारित कराकर कानून बना दिया. सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक को पहले ही अवैध करार दे चुका था, लेकिन सरकार इस पर कानून लेकर आई. इसके तहत तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध खत्‍म किए जाने पर 6 महीने की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया. तीन तलाक से संबंधित मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 31 जुलाई, 2019 को कानून बन गया.

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तीन तलाक से संबंधित मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 31 जुलाई, 2019 को कानून बन गया.


एनआईए को ज्यादा ताकत देकर आतंकवाद रोधी कानून को किया मजबूत
गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम संशोधन विधेयक (यूएपीए), 2019 संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ. इसके तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पहले के मुकाबले ज्यादा ताकतवर हुई. एनआईए को पूछताछ के लिए संबंधित राज्य की पुलिस से सहमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही आतंकवाद से जुड़े मामलों में एनआईए संपत्तियां भी कुर्क कर सकती है. विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम संशोधन विधेयक, 2019 अगस्‍त के पहले सप्‍ताह में संसद से पारित होकर कानून का रूप ले चुका है.

मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू, सड़क सुरक्षा हुई दुरुस्त
मोदी सरकार ने नया मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू कर दिया है, जिससे लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे और सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी. मोदी सरकार ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर इतना भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है कि कोई भी शख्स रेड लाइट जंप करने से पहले भी सौ बार सोचेगा. इस सख्ती से यातायात व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी.

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मोदी सरकार ने नया मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू कर दिया


भ्रष्टाचार पर प्रहार, भ्रष्टाचारियों की सेवानिवृत्ति
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही भ्र्ष्टाचार पर लगाम लगाने के मकसद से दागदार नौकरशाहों को अनिर्वाय रिटायरमेंट देने का सिलसिला जारी है. चुनावी सभाओं के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का नारा था 'न खाऊंगा न खाने दूंगा'. उसी के तहत भ्रष्टाचार के आरोपी नौकरशाहों  काे नियमानुसार अनिर्वाय रिटायरमेंट दिया जा रहा है.

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