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दिल्ली दंगा : पूरक आरोप-पत्र में येचुरी, योगेंद्र यादव, जयती घोष के नाम सह-षड्यंत्रकर्ता के रूप में दर्ज

दिल्ली दंगा : पूरक आरोप-पत्र में येचुरी, योगेंद्र यादव, जयती घोष के नाम सह-षड्यंत्रकर्ता के रूप में दर्ज

दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में 23 से 26 फरवरी के बीच दंगे हुए थे. (फाइल फोटो)

दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में 23 से 26 फरवरी के बीच दंगे हुए थे. (फाइल फोटो)

पुलिस ने दिल्ली दंगों को लेकर जो पूरक आरोप-पत्र दायर किया है, उसमें इन सभी के नाम हैं. आरोप-पत्र में दावा किया गया है कि दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 581 लोग घायल हो गए थे.

    नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में इस साल फरवरी में हुए दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी (Sitaram Yechury), स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav), अर्थशास्त्री जयती घोष (Jayati Ghosh), दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं कार्यकर्ता अपूर्वानंद (Apurvanand) और डॉक्यूमेंटरी फिल्मकार राहुल रॉय (Rahul Roy) के नाम सह-षड्यंत्रकर्ता के रूप में दर्ज किए हैं. आरोप है कि इन लोगों ने सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को किसी भी हद तक जाने को कहा, सीएए-एनआरसी को मुस्लिम विरोधी बताकर समुदाय में नाराजगी बढ़ाई और भारत सरकार की छवि खराब करने के लिए प्रदर्शन आयोजित किए.

    23 से 26 फरवरी के बीच हुए थे दंगे

    दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में 23 से 26 फरवरी के बीच दंगे हुए थे. इसी मामले में पुलिस ने जो पूरक आरोप-पत्र दायर किया है, उसमें इन सभी के नाम हैं. आरोप-पत्र में दावा किया गया है कि दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 581 लोग घायल हो गए थे, जिनमें से 97 लोग गोली लगने से घायल हुए थे. पुलिस ने इन जानेमाने लोगों को तीन छात्राओं के बयान के आधार पर आरोपी बनाया है. जेएनयू की छात्राएं देवांगना कालिता, नताशा नरवाल और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा गुलफिशा फातिमा पिंजरा तोड़ की सदस्य भी हैं. इन लोगों को जाफराबाद हिंसा मामले में आरोपी बनाया गया है. गौरतलब है कि यहीं से दंगे शुरू होकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अन्य हिस्सों तक फैल गए थे. तीनों ही छात्राओं के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज हैं.

    दिल्ली पुलिस का दावा

    संसद का मॉनसून सत्र आरंभ होने से महज दो दिन पहले सार्वजनिक किए गए आरोप-पत्र में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि कालिता और नरवाल ने दंगों में न केवल अपनी संलिप्तता स्वीकार की है बल्कि घोष, अपूर्वानंद और रॉय का नाम भी अपने संरक्षकों के तौर पर लिया है, जिन्होंने छात्राओं से कथित तौर पर कहा था कि वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करें और किसी भी हद तक जाएं. आरोप-पत्र के मुताबिक छात्राओं-कार्यकर्ताओं ने पुलिस को यह भी बताया कि उन तीनों ने इस्लामी समूह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और जामिया समन्वय समिति के साथ मिलकर पिंजरा तोड़ के सदस्यों को बताया कि सीएए के खिलाफ अभियान को किस तरह आगे लेकर जाना है. घटनाक्रमों की पुष्टि पुलिस ने जामिया की छात्रा फातिमा के बयानों के जरिए की है.

    भारत सरकार की छवि खराब करने के लिए प्रदर्शन

    आरोप-पत्र में दावा किया गया है कि येचुरी और योगेंद्र यादव के अलावा फातिमा के बयान में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के कार्यकर्ता उमर खालिद और पूर्व विधायक मतीन अहमद, विधायक अमानतुल्ला खान जैसे कुछ मुस्लिम समुदाय के नेताओं के नाम भी शामिल हैं. इसमें उन्हें हिंसा के साजिशकर्ताओं का मददगार बताया गया है. पुलिस का दावा है कि फातिमा ने अपने बयान में कहा कि उसे भारत सरकार की छवि को खराब करने के लिए प्रदर्शन आयोजित करने को कहा गया था.

    Tags: Delhi, Delhi police, Delhi riots, Sitaram Yechury, Yogendra yadav

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