सिर्फ WhatsApp मैसेज से जीत सकते हैं 10 हजार रुपये? जानिए दिल्ली सरकार की इस स्कीम के बारे में सब कुछ

बाल श्रम की जानकारी देने वाले को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा. (File Photo)

बाल श्रम की जानकारी देने वाले को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा. (File Photo)

डीसीपीसीआर ने लोगों को बाल श्रम की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन योजना बनाई है. प्रत्येक बाल श्रम की जानकारी देने और सफलतापूर्वक बचाने पर 1 हजार का पुरस्कार दिया जाता है. लोग बाल श्रम की जानकारी देकर 10 हजार रुपये तक जीत सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 2:29 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली को चाइल्ड लेबर फ्री बनाने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) का दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (Delhi Commission for Protection of Child Rights) पूरी तरीके से जुटा हुआ है. आयोग की ओर से पिछले 4 सालों में 533 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया है. साथ ही योजना बनाई गई है कि बाल श्रम की जानकारी देने वाले को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा.

इतना ही नहीं, बाल श्रम की जानकारी देने और उनको सकुशल छुड़वाने वालों को आयोग की तरफ से प्रोत्साहन के रूप में ₹1000 की राशि दी जाएगी. वहीं, इस योजना का हिस्सा बनने वाले लोग ₹10,000 तक तक जीत सकते हैं.

डीसीपीसीआर ने तीन साल में (2016-17 से 2019-20) के बीच 202 बच्चों को बालश्रम (Child Labour) से मुक्त कराया, जबकि पिछले एक साल (2020-21) में 331 बच्चों को बचाया. विभिन्न उम्र के बच्चे फैक्ट्रियों, बैकरी यूनिटों, खरात मशीन इकाइयों, ऑटो इकाइयों के अलावा आवासीय कॉलोनियों में भी घरेलू नौकर के रूप में काम कर रहे थे. इन्हें उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम), दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, चाइल्डलाइन और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की मदद से बचाया गया है.

इसके अलावा एसडीएम (SDM) की ओर से बाल मजदूरी कराने वाली इकाइयों और घरों को सील किया गया है. दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज की गई है. इन बच्चों को उसी दिन बाल कल्याण समितियों के समक्ष पेश किया गया. इसके अलावा बच्चों के पुर्नवास के लिए उनके परिवारों का पता लगाने के लिए जांच की गई.
इस तरह के अधिकांश मामलों में न्यूनतम मजदूरी का भुगतान न करना, लंबे समय तक काम करने के घंटे, और अस्वस्थ हालात देखने को मिली.

डीसीपीसीआर ने 2020-21 में 331 बच्चों को बचाव कार्यों के जरिए बाल श्रम से मुक्त कराया है. जबकि पिछले तीन सालो में 202 बच्चों के बाल मजदूरी से मुक्त कराया है. दिल्ली को बाल श्रम मुक्त करने की प्रतिबद्धता को दिखाते हुए डीसीपीसीआर के बचाव कार्यों में लगभग 490 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

कोविड 19 (Covid 19) महामारी और बेरोजगारी के कारण परिवारों की कम आय ने बच्चों को भी मजदूरी की ओर धकेल दिया है. इसलिए इन बच्चों का पुनर्वास अत्यंत महत्वपूर्ण है. डीसीपीसीआर ऐसे बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूलों में नामांकन कराने और विभिन्न सरकारी योजनाओं में परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. डीसीपीसीआर ने जिन बच्चों को बाल श्रम सेबचाया है उनके लिए आर्थिक मदद की प्रक्रिया शुरू की है.



डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने कहा कि बाल श्रम को केवल जनता द्वारा जानकारी देकर रोका जा सकता है. लोगों को डीसीपीसीआर के व्हाट्सएप नंबर 9599001855 पर बाल श्रम की घटनाओं की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया है. उन्होंने बाल श्रम की जानकारी देने वाले लोगों को डीसीपीसीआर द्वारा पुरस्कृत करने की योजना की जानकारी दी.

डीसीपीसीआर (DCPCR) ने लोगों को बाल श्रम की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन योजना बनाई है. प्रत्येक बाल श्रम की जानकारी देने और सफलतापूर्वक बचाने पर 1 हजार का पुरस्कार दिया जाता है. लोग बाल श्रम की जानकारी देकर 10 हजार रुपये तक जीत सकते हैं.
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