Assembly Banner 2021

दिल्लीः डॉक्टर सुसाइड केस में आप MLA प्रकाश जारवाल की आवाज की होगी जांच, कोर्ट ने ढिलाई पर पुलिस को फटकारा

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आप विधायक के आवाज की जांच के लिए सैंपल भेजने को कहा है. (File Pic)

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आप विधायक के आवाज की जांच के लिए सैंपल भेजने को कहा है. (File Pic)

Doctor Suicide Case:दिल्ली में डॉक्टर के सुसाइड केस की जांच में ढिलाई बरतने के लिए राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस(Delhi Police) को जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने आप विधायक प्रकाश जारवाल की आवाज का सैंपल FSL को भेजने के निर्देश दिए हैं.

  • Last Updated: March 3, 2021, 1:01 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एक डॉक्टर की आत्महत्या (Doctor Suicide Case)के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक (AAP MLA) प्रकाश जारवाल की आवाज के नमूने लेकर तुरंत फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL)में जमा कर 20 मार्च तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. विधायक जारवाल पर 52 साल के डॉक्टर को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है।

राउज एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने मामले की जांच में देरी पर दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि कि हर कदम पर देरी की जा रही है. कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि प्रकाश जारवाल और सह-आरोपी हरीश कुमार की आवाज के नमूने जल्द से जल्द FSL में जमा करवाएं जाएं. वहीं मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच अधिकारी को 20 मार्च तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने खारिज कीं पुलिस की दलीलें, लगाई फटकार
दरअसल मामले में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि दोनों के नमूने लिए गए, लेकिन उन्हें जांच के लिए लैब में जमा नहीं करवाया गया. वहीं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले दिनों गणतंत्र दिवस परेड और किसान आंदोलन में ज्यादा स्टाफ तैनात था. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने उनके दलील को खारिज करते हुए कहा कि इससे पहले भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. इस मामले में जारवाल जमानत पर हैं और उन्होंने आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट किसी अन्य रंग की स्याही से लिखा गया व मृतक के हस्ताक्षर भी नहीं हैं.
डॉक्टर के बेटे ने लगाया विधायक पर जबरन वसूली का आरोप


वही कोर्ट में पेश जारवाल के वकील ने कहा कि मृतक की पत्नी ने आत्महत्या से ठीक एक हफ्ते पहले दिल्ली जल बोर्ड को एक शिकायत दी थी. उसमें जबरन वसूली के आरोप नहीं हैं और प्रकाश का नाम कहीं नहीं लिया गया. मृतक परिवार का मकसद उनके क्लाइंट को फंसाने का था क्योंकि मृतक और उसके बेटे को पानी के टैंकर की किसी भी गतिविधियों को अंजाम देने से दिल्ली जल बोर्ड से अलग किया गया था. वहीं मृतक के बेटे का आरोप है कि उनके पिता जल बोर्ड में टैंकर के जरिये पानी सप्लाई करते थे और जारवाल ने रिश्वत मांगी थी, जिसके न देने पर पानी सप्लाई और भुगतान रोक दिया गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज