दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े फिल्मों के 'दुश्मन', रिलीज से पहले कर देते थे फिल्म लीक

दिल्ली पुलिस के हत्थे वो लोग चढ़े हैं जो फिल्म बनाने वाली कंपनियों के दुश्मन बन गए हैं और फिल्म को रिलीज होने से पहले ही उसे बाजार में उतार देते हैं।

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नई दिल्ली।  दिल्ली पुलिस के हत्थे वो लोग चढ़े हैं जो फिल्म बनाने वाली कंपनियों के दुश्मन बन गए हैं और फिल्म को रिलीज होने से पहले ही उसे बाजार में उतार देते हैं। पंजाब के मौजूदा हालात पर रोशनी डालती उड़ता पंजाब फिल्म इंटरनेट पर उड़ान भरती दिखाई देने लगी थी। और देखते ही देखते बिना रिलीज हुए ये फिल्म सियासी गलियारों में बहस का मुद्दा बन गई थी।

शायद यही वजह थी कि हर कोई फिल्म को जल्द से जल्द देख लेना चाहता था ताकि वो फिल्म से ताल्लुक रखने वाली बहसों में शिरकत कर सके। नतीजा ये हुआ कि फिल्म की नकली सीडी बाजार में धड़ल्ले से बिकना शुरू हो गई थी। आलम ये हो गया कि पुलिस को अपना सारा काम धाम छोड़कर फिल्म की नकली सीडी बेचने वालों की धरपकड़ शुरू करनी पड़ी।

वो मामला अभी पूरी तरह ठंडा पड़ा भी नहीं था कि एक बार फिर पुलिस हरकत में आई और इस बार बाजार में ग्रेट ग्रांड मस्ती का जिक्र है। पहले उड़ता पंजाब और अब ग्रेट ग्रांड मस्ती - करीब 35 करोड़ की लागत से बनी बालाजी टेलीफिल्म की ये फिल्म रिलीज होने से पहले ही एक बार फिर बाजार में बिकने लगी हैऔर आप जानकर ताज्जुब करेंगे कि जिस फिल्म की मामूली से मामूली टिकट करीब 100 रुपये हो सकती है। उस फिल्म की नकली सीडी और पैन ड्राइव बड़े आसानी से बाजार में 50 50 रुपये में बिकने लगी और ये खबर जैसे ही बाजार से निकली तो चारो तरफ हड़कंप मच गया। जाहिर है ये खबर पुलिस के लिए भी चौंकाने वाली थी लिहाजा एक बार फिर उसे हरकत में आना पड़ा।



दरअसल पुलिस को ये शिकायत बालाजी टेलीफिल्म की तरफ से मिली थी शिकायत ये कि उसकी आने वाली फिल्म ग्रेट ग्रांड मस्ती साइबर बाजार में आसानी से बिक रही है। पुलिस ने शिकायत पर गौर किया और क्राइम ब्रांच की टीम तहकीकात में जुट गई। पुलिस की टीमों ने दिल्ली के अलग अलग हिस्से में सीडी और पेनड्राइव के बाजारों पर छापा मारना शुरू किया.। पुलिस की ये कोशिश रंग लाई और उसके हाथ नौ लोग लग गए।
इस वक्त थाने के बाहर मौजूद ये वही शातिर लोग हैं। जिन लोगों ने दिल्ली में बैठकर मुंबई में फिल्म बनाने वालों को चूना लगाने का धंधा चला रखा है बकौल पुलिस ये लोग पेनड्राइव और पायरेसी की सीडी को औने पौने दामों में बेचकर अपनी तो जेब भर रहे थे। लेकिन सेंध लग रही थी बालाजी फिल्म्स की जेब पर। पुलिस ने जब इन लोगों को पकड़ा तो साथ में वो कंप्यूटर और पायरेटेड सीडी भी बरामद कर ली। जिसके जरिए इन लोगों ने फिल्म देखने से पहले ही अपनी तिजोरी भरने का सपना देखना शुरू कर दिया था।

इन लोगों को पकड़ने और इनके पास से सीडी वगैराह जब्त करने के बाद भी पुलिस का काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने की कोशिश में लगी हुई है कि आखिर ये फिल्म रिलीज होने से पहले बाजारों में कैसे पहुंच जाती हैं। पुलिस को शक है कि इसमें किसी की मिलीभगत भी हो सकती है क्योंकि लगातार दो फिल्में रिलीज होने से पहले ही बाजार में उतर गईं। और इत्तेफाक से दोनों ही फिल्में बालाजी फिल्म की थीं। लिहाजा पुलिस के सामने ये एक ऐसा सवाल है, जिसे वो फौरन सुलझाकर इस मामले को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहती है।

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