इस बार लाल किले की प्राचीर से फिर बड़ी घोषणाएं करेंगे पीएम मोदी!

15 अगस्त (15 August) के मौके पर पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का इस बार देश के नाम संबोधन (Address to the Nation) कई मायनों में खास होने वाला है. जम्मू-कश्मीर (Jammu kashmir) पर ऐतिहासिक फैसला लेने के बाद पीएम मोदी का लाल किले ( Lal Quila) के प्राचीर से यह पहला संबोधन होगा.

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 8:31 PM IST
इस बार लाल किले की प्राचीर से फिर बड़ी घोषणाएं करेंगे पीएम मोदी!
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को कई सौगात दे सकते हैं.
Ravishankar Singh
Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 8:31 PM IST
15 अगस्त (15 August) के मौके पर पीएम मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  इस बार देश के नाम संबोधन (Address to the Nation) कई मायनों में खास होने वाला है. जम्मू-कश्मीर (Jammu kashmir) पर ऐतिहासिक फैसला लेने के बाद पीएम मोदी का लाल किले (Lal Quila) के प्राचीर से यह पहला संबोधन होगा. जाहिर है कि मोदी के एजेंडे में जम्मू-कश्मीर की प्राथमिकता तो होगी ही साथ ही वो शेष भारत के लिए भी कुछ बड़े ऐलान कर सकते हैं. पीएम मोदी अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर का विशेष उल्लेख करने के साथ बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं. साथ ही वो महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की आय में बढ़ोतरी को लेकर भी नई स्कीमों की घोषणा कर सकते हैं.

पीएम मोदी से देश को कई सौगात की उम्मीद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को कई सौगात दे सकते हैं. पीएम मोदी ने लाल किले से पिछले अपने पांच भाषणों में जो कहा है उससे कहीं आगे बढ़कर काम किया है. पीएम मोदी का लाल किला से दिया गया हर भाषण ऐतिहासिक रहता है, लेकिन इस बार का भाषण सबसे अलग होगा. 15 अगस्त 2018 को भी मोदी ने लाल किले से एक बाद एक बड़ा ऐलान किया था. पिछले साल पीएम मोदी ने अपने संबोधन में तीन तलाक के मुद्दे का प्रमुखता से जिक्र किया था. जिसका नतीजा है कि आज तीन तलाक बिल संसद के दोनों सदनों से पास होकर एक कानून का रूप धारण कर चुका है.

जम्मू-कश्मीर की प्राथमिकता तो होगी ही साथ ही पीएम मोदी शेष भारत के लिए भी कई बड़े ऐलान कर सकते हैं.


इसी तरह पिछले साल 15 अगस्त के मौके पर पीएम ने बलात्‍कारियों को भी चेतावनी दी थी. पीएम मोदी ने कहा था कि हमें अपने समाज और देश को रेप की घटिया मानसिकता से आजाद करना होगा. पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के एक बलात्कारी को फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा दिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा था, 'हमें इस खबर को फैलाना चाहिए. यह घटना न हो इसके लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है. देश में कानून का शासन सर्वोच्च है और किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.'

सुनी जाती है गरीबों की आवाज
पीएम मोदी अपने भाषण में ये भी कहा था कि हमारे मंत्रिमंडल में भारत के इतिहास में सर्वाधिक महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है. साथ ही पीएम मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचारियों और काला धन जमा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे. इन्हीं लोगों ने देश को बर्बाद किया है.
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पीएम मोदी लगातार छठी बार लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे.


मोदी ने अपने भाषण में सत्ता के दलालों का जिक्र करते हुए कहा था, 'दिल्ली की सड़कें सत्ता के दलालों से आजाद हो चुकी हैं. अब सत्ता के दलालों की नहीं, गरीबों की आवाज सुनी जाती है. कितनी भी आफतें आएं मैं छोड़ने वाला नहीं हूं. देश को दीमक की तरह इन्हीं बीमारियों ने तबाह कर के रखा हुआ है.'

2018 में पीएम मोदी ने 82 मिनट भाषण दिया था
बता दें कि पीएम मोदी का साल 2018 का देश के नाम संबोधन 82 मिनट का था. पिछले साल ही पीएम मोदी ने 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय जयंती पर प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य अभियान शुरू करने का ऐलान किया था. पीएम मोदी ने दावा किया था इस योजना से करीब 50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा. इसके तहत पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी. पीएम मोदी इस बार भी अपने भाषण में इस योजना का जिक्र कर सकते हैं.

पीएम मोदी ने स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अपने भाषण के संबंध में लोगों से 19 जुलाई को सुझाव मांगे थे.


पीएम मोदी ने स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अपने भाषण के संबंध में लोगों से 19 जुलाई को सुझाव मांगे थे. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था, 'मुझे अपने 15 अगस्त के भाषण में आप सभी के बहुमूल्य सुझावों को शामिल करने में खुशी होगी.'

19 हजार लोगों ने सुझाव दिए
पीएम मोदी ने लोगों से सुझाव देने की अपील करते हुए कहा था कि लाल किले की प्राचीर से 130 करोड़ भारतीय आपके विचार सुनेंगे. पीएम मोदी ने कहा था कि सुझाव देने वाले नमो एप पर विशेष रूप से बनाए गए ओपन फोरम में अपना सुझाव भेज सकते हैं. पीएम मोदी के ट्वीट पर अब तक तकरीबन 19 हजार लोगों ने सुझाव पोस्ट किए हैं. हर वर्ग के लोग पीएम मोदी को अपना सुझाव भेज रहे हैं.

पीएम मोदी का साल 2018 का देश के नाम संबोधन 82 मिनट का था.


कुल मिलाकर पीएम मोदी लगातार छठी बार लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे. वैसे तो पिछले साल पीएम मोदी ने दो बार लाल किले से तिरंगा फहराया था. सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को झंडा पहराया था. इसके बाद पीएम मोदी देश के ऐसे पहले पीएम बन गए जिन्होंने 15 अगस्त के अलावा भी लाल किले पर झंडा फहराया.

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First published: August 13, 2019, 5:51 PM IST
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