उत्तर भारत में बारिश का कहर, मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हुई

भाषा
Updated: August 19, 2019, 11:48 PM IST
उत्तर भारत में बारिश का कहर, मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हुई
उत्तर भारत में बारिश का कहर, 38 की मौत. (फाइल फोटो)

देश के उत्तरी राज्यों (Northern states) में बारिश (Rain) की वजह से कम से कम 38 लोगों की जान चली गई. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की वजह से सैकड़ों लोग फंस गए हैं. पंजाब, हरियाणा और जम्मू के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है.

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देश के उत्तरी राज्यों (Northern states) में बारिश (Rain) की वजह से कम से कम 38 लोगों की जान चली गई. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई जगह हुए भूस्खलन की वजह से सैकड़ों लोग फंस गए हैं. वर्षा के कारण पंजाब, हरियाणा और जम्मू के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है. भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने सोमवार को जम्मू और करनाल जिलों में बचाव अभियान चलाया. पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में प्रशासन अलर्ट पर है. समूचे क्षेत्र में सोमवार को बारिश में कमी आई है, लेकिन क्षेत्र में बह रही नदियां उफान पर चल रही हैं.

हिमाचल में 25 लोगों की हुई मौत
हरिद्वार और दिल्ली में नदियों का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है जबकि भाखड़ा बांध में जलस्तर तय सीमा से एक फुट ऊपर निकल गया है. हिमाचल प्रदेश में तीन और लोगों की मौत होने की खबर है जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. राज्य में सप्ताहांत में हुई भारी बारिश की वजह से बाढ़ आ गई और भूस्खलन हुआ.

उत्तराखंड में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई

उत्तराखंड में सोमवार को दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से एक दर्जन से ज्यादा गांवों में तबाही मच गई है. कोटा बैराज से चंबल में पानी छोड़ने की वजह से उत्तर प्रदेश के इटावा में 16 साल का लड़का डूब गया.

राहत के लिए अमरिंदर सिंह ने दिए 100 करोड़ रुपए
पंजाब और हरियाणा के इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. पंजाब सरकार ने बाढ़ की मौजूदा स्थिति को राज्य की प्राकृतिक आपदा घोषित कर दिया है. राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत और पुनर्वास के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है.
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रोकी गई कैलाश मानसरोवर यात्रा
रास्ते में भूस्खलन की वजह से पारंपरिक लिपुलेख मार्ग से जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा रोकनी पड़ी है. पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वीके जोगडांडे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 56 तीर्थ यात्रियों वाले 17वें जत्थे को आधार शिविर वापस बुला लिया गया है. उत्तराखंड में अधिकतर नदियां उफान पर हैं. गंगा नदी हरिद्वार में खतरे के निशान को पार कर गई है और ऋषिकेश में खतरे के निशान के करीब बह रही है. उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि सोमवार को मौसम साफ होने के बाद बचाव अभियान को गति दी गई तो शाम में मकुदी से दो शव मिले.

उन्होंने बताया कि पांच लेाग अब भी लापता हैं. अब तक मकुदी में मलबे में से छह, अराकोट से चार और तिकोची और सनेल से एक-एक शव को निकाला गया है. मोरी खंड में बादल फटने से 60 मवेशी भी मारे गए हैं. लोगों तक खाने के पैकेट, राशन और जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर सहित तीन हेलीकॉप्टरों को सेवा में लगाया गया है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया था कि सोमवार को राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश होगी. लिहाजा 13 जिलों के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे.

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ की वजह से 500 से ज्यादा लोग फंसे
हिमाचल प्रदेश में सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, राज्य में भूस्खलन और बाढ़ की वजह से 500 से ज्यादा लोग फंस गए हैं. बारिश की वजह से अब तक 574 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिनों में हुई बारिश की वजह से कांगड़ा जिले में पानी की आपूर्ति करने वाली लाइन क्षतिग्रस्त हुई है और रसद आपूर्ति प्रभावित हुई है. वहीं राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले 10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

दिल्ली के निगम बोध घाट का एक हिस्सा पानी में डूबा
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, यमुना नदी 205.36 मीटर पर बह रही है और खतरे का निशान 205.33 मीटर है. अधिकारी ने बताया कि हरियाणा ने सोमवार की शाम को छह बजे 1.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है जिससे नदी में जलस्तर और बढ़ने का अंदेशा है. यमुना नदी दिल्ली के छह जिलों से गुजरती है जहां के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है. प्रशासन ने दुर्घटनावश डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए 30 नौकाओं को तैनात किया है. वहीं नदी में पानी का स्तर बढ़ने से पूर्वी दिल्ली में स्थित निगम बोध घाट का एक हिस्सा पानी में डूब गया. यमुना नदी पर बने पुराने लोहे के पुल को एहतियाती उपाय के तहत यातायात के लिए बंद कर दिया गया है.

पंजाब और हरियाणा में वायु सेना ने नौ लोगों को बचाया
पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है जहां वायु सेना ने नौ लोगों को बचाया है. एक रक्षा विज्ञप्ति में बताया गया है कि सेना और एनडीआरएफ तथा राज्य प्रशासन पंजाब और हरियाणा में बचाव अभियान चला रहा है. अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में वायु सेना ने हेलीकॉप्टर के जरिए उफान पर चल रही तवी नदी में फंसे चार मछुआरों को बचाया है.

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First published: August 19, 2019, 11:46 PM IST
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