AIIMS की बड़ी कामयाबी, 125 डॉक्टर्स की मदद से दो अलग हुए जग्गा और बलिया

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Updated: September 6, 2019, 10:26 PM IST
AIIMS की बड़ी कामयाबी, 125 डॉक्टर्स की मदद से दो अलग हुए जग्गा और बलिया
एम्स के डायरेक्टर डॉ. गुलेरिया ने कहा कि दोनों बच्चों को यहां 14 July 2017 को लाया गया था. ये बहुत मुश्किल सर्जरी थी.

एम्स (AIIMS) में ऐसा पहली बार हुआ था जब इस तरह का ऑपरेशन (Operation) किया गया हो. क्योंकि, दोनों बच्चों के सर की नस एक ही थी. डॉक्टरों ने उनके सर में दूसरी नस लगाई.

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  • Last Updated: September 6, 2019, 10:26 PM IST
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(मोहित सिंह)

नई दिल्ली. राजधानी के एम्स अस्पताल (AIIMS) में करीब दो साल पहले पहली बार में जुड़वा (The Twins) बच्चों के दिमाग को अलग करने की सफल सर्जरी (Surgery) की गई थी. गुरुवार को दोनों बच्चों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. जग्गा और बलिया (Jagga and Balia) नाम के दोनों जुड़वा बच्चे उड़ीसा के रहने वाले थे. तीन डॉक्टरों की टीम, जिसमें डॉक्टर दीपक, डॉक्टर गिरिजा रथ, डॉक्टर किरण कुमार शामिल हैं. इन डॉक्टरों के साथ एम्स की एक नर्स भी जाएंगी. दोनों बच्चों को एससीबी मेडिकल कॉलेज कटक में कुछ सप्ताह के लिए रखा जाएगा. उड़ीसा की सरकार दोनों बच्चों की मदद करेगी.

दोनों के दिमाग आपस में जुड़े हुए थे. एम्स में डॉक्टरों की टीम ने उनके जुड़े हुए दिमाग अलग कर दिए हैं. ऑपरेशन कई घंटो तक चला. एम्स में ऐसा पहली बार हुआ था जब इस तरह का ऑपरेशन किया गया हो. क्योंकि, दोनों बच्चों के सर की नस एक ही थी. डॉक्टरों ने उनके सिर में दूसरी नस लगाई.  साथ ही उनकी ब्लड की कमी को भी दूर किया गया.

डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि मैंने डॉक्टर्स से कहा था कि जब बच्चे अस्पताल से जाएंगे तो मैं बच्चों से मिलना चाहूंगा.


फ़ेस्टीवल जैसा माहौल
डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि मैंने डॉक्टर्स से कहा था कि जब बच्चे अस्पताल से जाएंगे तो मैं बच्चों से मिलना चाहूंगा. वहां फ़ेस्टीवल जैसा माहौल था. जग्गा-बलिया के माता-पिता काफी खुश थे. जग्गा ने मुझे सब बताया, चलकर भी बताया. मैं एम्स के डॉक्टर्स को बहुत बधाई देना चाहता हूं. अमेरिका में एक ऐसी सर्जरी हुई थी जिस पर लाखों डॉलर ख़र्च हुए. एम्स में दो साल दो महीने के दौरान डॉक्टर्स ने काफी मेहनत की. सात सितंबर को हमारा चन्द्रयान लैंड करेगा. वहीं, ये बच्चे भी अपने घर पहुंचेंगे.

डॉ दीपक ने कहा कि 125 डॉक्टर्स की टीम ने सर्जरी में मदद की. ये बहुत मुश्किल काम था.

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मुश्किल सर्जरी
एम्स के डायरेक्टर डॉ. गुलेरिया ने कहा कि दोनों बच्चों को यहां 14 July 2017 को लाया गया था. ये बहुत मुश्किल सर्जरी थी. टीम की मेहनत से हम सर्जरी करने में सफल रहे. अब हम इन्हें वापस इनके घर भेजने जा रहे हैं.

125 डॉक्टर्स की टीम ने की सर्जरी में मदद
डॉ दीपक ने कहा कि 125 डॉक्टर्स की टीम ने सर्जरी में मदद की. ये बहुत मुश्किल काम था. ये चार साल के थे जब उनको यहां लाया गया. हमने छह महीने का समय लिया. उसके बाद हमने टीम बनाई, कई टीम मीटिंग की. इस तरह की सर्जरी हम सब के लिए नई थी. सर्जरी के दस मिनट बाद जग्गा को कार्डिएक अरेस्ट हुआ. लेकिन बाद में टीम ने सब ठीक कर दिया. इलाज के दौरान कई बाद कई तरह के इंजेक्शन दिए गए.

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First published: September 6, 2019, 9:25 PM IST
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