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बेरोजगार मजदूरों को दिल्ली की सड़कों से डस्ट हटाने के काम पर लगाएं: हाईकोर्ट

Amit Singh | News18Hindi
Updated: December 2, 2019, 8:56 PM IST
बेरोजगार मजदूरों को दिल्ली की सड़कों से डस्ट हटाने के काम पर लगाएं: हाईकोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट (File Photo )

वायु प्रदूषण (Air pollution) को लेकर हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली (Delhi )में कंस्ट्रक्शन बंद होने से मजदूर बेरोजगार हैं. लिहाजा, उन्हें काम पर लगाइए कि वो दिल्ली के सड़कों से डस्ट (Dust) हटाएं.

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  • Last Updated: December 2, 2019, 8:56 PM IST
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नई दिल्ली. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में चल रही सुनवाई पर राज्य सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ चीफ कंजरवर्टर ऑफ फॉरेस्ट ईश्वर सिंह पेश हुए. ईश्वर सिंह ने हाईकोर्ट से कहा कि 15 फरवरी से 15 अक्टूबर तक दिल्ली में पेड़ लगाए गए थे, अभी और पेड़ दिल्ली में नहीं लगाए जा सकते हैं. प्लांटेशन इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि फॉरेस्ट एरिया में हर तरफ पेड़ लगाए जा चुके हैं.

ईश्वर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया, 'बाकी जगहों पर जो फॉरेस्ट की जमीन हैं, वहां पर अतिक्रमण है. फॉरेस्ट की 317 हेक्टर्स जमीन पर काफी अतिक्रमण है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सर्वे किया जा रहा है. अतिक्रमण वाली जगह को चिन्हित किया जा रहा है.'

अतिक्रमण हटाने का एक्शन प्लान तैयार करें
राज्य सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ के जवाब पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें आदेश देते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करें और इस काम को स्पेशल टास्क फोर्स को दें.

बेरोजगार मजदूरों को सड़कों से डस्ट हटाने के काम पर लगाएं
हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कंस्ट्रक्शन बंद है. मजदूर बेरोजगार हैं. लिहाजा, उन्हें काम पर लगाइए कि वो दिल्ली के सड़कों से डस्ट हटाएं. दिल्ली के सभी कॉरपोरेशन को भी हाईकोर्ट ने आदेश दिया है, जिसके पास जो लैंड है, वहां से डस्ट हटवाएं और फिर कॉन्क्रीट बनाएं. दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी कॉरपोरेशन, एनडीएमसी, राज्य सरकार को सड़क किनारे से मलबा और डस्ट हटाने के लिए हलफनामा दायर करने को कहा है. मामले की अगले गुरुवार को फिर सुनवाई होगी.

स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट कर रहा है सुनवाईबता दें, राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. हाईकोर्ट ने प्रदूषण पर दिल्ली सरकार सहित अन्य जिम्मेदार विभागों की खिंचाई की थी, जिसमें दिल्ली सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ भी शामिल है. हाईकोर्ट ने डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ से राज्य में कितने पेड़ लगाए? इसका जवाब मांगा था. इस पर आज डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था.

गौरतलब है कि तमाम कोशिशों के बावजूद दिल्ली की हवा की गुणवत्‍ता कभी ऊपर-नीचे होती रहती है. पिछले कुछ समय से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) डाटा के अनुसार नवंबर महीने में एक्यूआई 751 के साथ बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था.

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First published: December 2, 2019, 5:07 PM IST
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