धारा 144 उल्लंघन मामले में केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ आरोप तय

निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और लोक सेवकों के काम को बाधित करने के मामले में एक अदालत ने अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती पर आरोप तय कर दिए हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 6, 2019, 4:10 PM IST
धारा 144 उल्लंघन मामले में केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ आरोप तय
निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर आरोप तय. (फाइल फोटो)
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Updated: July 6, 2019, 4:10 PM IST
2014 में एक आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धारा 144 के उल्लंघन करने और लोक सेवकों के काम को बाधित करने के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती पर आरोप तय कर दिए हैं. एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा कि इस मामले में इन नेताओं के शामिल होने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं.

अदालत ने इन नेताओं के बचाव में पेश की गईं दलीलों को ठुकरा दिया. सांसद संजय सिंह और आप के पूर्व नेता आशुतोष को अदालत ने यह कहते हुए आरोपों से बरी कर दिया कि उनके खिलाफ सबूत नहीं हैं. इस मामले में विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला पर अभी आरोप तय नहीं किए गए हैं क्योंकि वे शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हो पाईं थीं. अदालत ने उन्हें 8 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया है, उसी दिन उन पर आरोप तय किए जाएंगे.

इन धाराओं में तय किए गए हैं आरोप
अदालत ने बिना अनुमति सभा से संबंधित आईपीसी की धारा 143 और 145, लोक सेवक के आदेश को नहीं मानने के लिए धारा 188, दंगा करने की धारा 147, सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालने के लिए धारा 186 और अपने कर्तव्य के निर्वहन से लोक सेवक को रोकने के लिए किया गया हमला और लोकसेवक को चोट पहुंचाने के लिए धारा 353 और 332 के तहत आरोप तय किए गए हैं.

यह है पूरा मामला
अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं ने सैकड़ों समर्थकों के साथ 19 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली में एक कथित ड्रग और वेश्यावृत्ति रैकेट पर छापा मारने से इनकार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रेल भवन के बाहर धरना दिया था. पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि 19 जनवरी 2014 को सहायक पुलिस आयुक्त ने रेल भवन और संसद मार्ग के पास नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, विजय चौक इलाकों में निषेधाज्ञा लागू की थी, जिसके खिलाफ जाकर उन्होंने यह विरोध प्रदर्शन और सभा की.

आप नेताओं ने कार्यकर्ताओं को उकसाया था
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पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्य के निर्वहन में बाधा पहुंचाने के आरोप में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि पुलिस अधिकारियों ने रेल भवन पर आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को बैरिकेड्स लगाकर रोकने की कोशिश की तो आप नेताओं ने अपने समर्थकों को उकसाया और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की थी.

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First published: July 6, 2019, 3:58 PM IST
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