एक्सीडेंट, एसिड अटैक और बर्न इंजरी पीड़ि‍तों का इलाज न करने वाले अस्पतालों का लाइसेंस होगा रद्द

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली सरकार अपनी योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च उठा रही है. इसके बावजूद अगर प्राइवेट अस्पताल दिल्ली सीमा में घायल हुए और जले हुए लोगों को इलाज करने से मना करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 2:50 PM IST
एक्सीडेंट, एसिड अटैक और बर्न इंजरी पीड़ि‍तों का इलाज न करने वाले अस्पतालों का लाइसेंस होगा रद्द
दिल्ली सरकार ने सख्त लहजे में कहा है कि निजी अस्पताल घायल, एसिड अटैक और जले हुए लोगों को इलाज से मना नहीं कर सकते.
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Updated: July 31, 2019, 2:50 PM IST
दिल्ली सरकार ने सख्त लहजे में कहा है कि निजी अस्पताल दुर्घटना में घायल, एसिड अटैक और जले हुए लोगों का इलाज करने से मना नहीं कर सकते. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली सरकार अपनी योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च उठा रही है. इसके बावजूद अगर प्राइवेट अस्पताल दिल्ली सीमा के में घायल और झुलसे लोगों का इलाज करने से मना करते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी. उन्‍होंने कहा कि दिल्ली की एक भी निजी अस्पताल के बारे में इस तरह की शिकायत मिलती है तो उसकी लाइसेंस रद्द करने से भी दिल्ली सरकार पीछे नहीं हटेगी.

प्राइवेट अस्पतालों की मनमर्जी पर लगाम

केजरीवाल ने कहा है कि फरवरी 2018 से लेकर अप्रैल 2019 के बीच 2, 501 लोगों का निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज हुआ है. इसके बावजूद दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में आनाकानी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ दिल्ली सरकार सख्त एक्शन लेगी. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'दिल्ली की सीमा के अंदर अगर कोई एक्सीडेंट होता है या कोई एसिड अटैक होता है या कोई बर्न इंजरी होती है तो उसका तुरंत इलाज कराना बहुत जरूरी है.'

केजरीवाल ने कहा है कि फरवरी 2018 से लेकर अप्रैल 2019 के बीच 2 हजार 501 लोगों का निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज हुआ है
केजरीवाल ने कहा है कि फरवरी 2018 से लेकर अप्रैल 2019 के बीच 2 हजार 501 लोगों का निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज हुआ है.


मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि पहले एक घंटे में अगर घायल या जले हुए व्यक्ति को मेडिकल सुविधा मिल जाए तो दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचने के आसार काफी ज्यादा होंते हैं. इस बारे में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई ऑर्डर भी हैं, जिनमें कहा गया है कि अगर ऐसे किसी पीड़ित को लेकर आप अस्पताल जाते हैं तो कोई भी अस्पताल इलाज करने से इंकार नहीं कर सकता. लेकिन, ऐसा देखा गया है कि कई बार प्राइवेट अस्पताल कोई न कोई बहाना बनाकर इलाज से मना कर देते हैं. प्राइवेट अस्पताल वाले इसलिए इलाज करने से बचते हैं कि इसका बिल कौन देगा. दुर्घटना के शिकार व्यक्ति का इंश्योरेंस है भी या नहीं.'

घायल व्यक्ति को हर हालत में इलाज करना होगा

अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, 'दिल्ली सरकार के लिए हर इंसान की जान बहुत अहम है, चाहे अमीर हो या गरीब. हम चाहते हैं कि ऐसे हादसों में जो भी पीड़ित हों उनको तुरंत मेडिकल की सुविधा मिले. हम चाहते हैं कि दुर्घटना के आसपास मौजूद लोग दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले कर जाएं. वह अस्पताल चाहे कितना भी बड़ा न हो, अस्पताल चाहे प्राइवेट हो या सरकारी, दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए ताकि उसकी जान बचाई जा सके. इसके लिए दिल्ली सरकार ने योजना बनाई है कि उसके इलाज का सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी. यह योजना फरवरी 2018 में लागू हुई थी. फरवरी, 2018 से लेकर अप्रैल, 2019 के बीच इस 14 महीने में 2 हजार 501 लोगों को अस्पताल ले जाकर जान बचाई जा चुकी है. इन लोगों को प्राइवेट अस्पतालों ले जाया गया.' वहां उनका इलाज हुआ.
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फरवरी 2018 से लेकर अप्रैल 2019 के बीच 2 हजार 501 लोगों का निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज
सड़क दुर्घटना में घायलों के इलाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी आदेश जारी कर चुका है. 


मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मेरे सामने कुछ ऐसे मामले भी आए हैं कि कुछ प्राइवेट अस्पताल दुर्घटना के शिकार लोगों के इलाज में आनाकानी कर रहे हैं. इसलिए मैंने दिल्ली के सारे अस्पतालों की मीटिंग बुलाई थी. मैंने उनको कहा कि हम आपको पार्टनर मानते हैं. दिल्ली सरकार के अस्पताल लोगों की जान बचाने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपकी भी जिम्मेदारी है. आपकी लीगल जिम्मेदारी भी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा है. अब आप लोग कोई बहाना नहीं बना सकते क्योंकि दिल्ली सरकार इसके लिए पैसे दे रही है. हमारे पास ऐसी एक भी शिकायत नहीं आनी चाहिए.

दिल्ली सरकार ने साफ लहजे में कह दिया है कि घायल व्यक्ति का इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल मना नहीं कर सकते
दिल्ली सरकार ने साफ लहजे में कह दिया है कि घायल व्यक्ति का इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल मना नहीं कर सकते.


कुछ अस्पतालों का रवैया गैरजिम्मेदाराना

अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि मुझे खुशी है कि सभी अस्पतालों का बहुत पॉजिटिव रिस्पॉन्स रहा. उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे किसी को भी मना नहीं करेंगे. लेकिन, उन्हें ये भी बता दिया गया है कि अगर वे मना करेंगे तो दिल्ली सरकार उस अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेने में नहीं हिचकेगी. अगर ये पता चला कि ऐसे किसी भी मामले में उनका रवैया गैर-जिम्मेदाराना था और उसकी वजह से किसी की मौत हो जाती है तो दिल्ली सरकार उस अस्पताल का लाइसेंस कैंसल करने से भी नहीं हिचकेगी.

दिल्ली सरकार ने कुछ दिन पहले घायल व्यक्ति की मदद में आगे आने वाले लोगों के लिए एक प्रोत्साहन राशि का भी एलना किया. जो भी व्यक्ति दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल ले कर जाएगा उसको दिल्ली सरकार की तरफ से 2 हजार का पुरस्कार राशि दिया जाएगा. लेकिन,अभी तक 2 हजार 501 लोगों ने पुरस्कार लेने से मना कर दिया. अभी तक 100 से भी कम लोगों ने यह पुरस्कार राशि लिया है.

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First published: July 31, 2019, 2:16 PM IST
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