केजरीवाल बोले- केंद्र की मानेंगे सभी शर्तें, कच्ची कॉलोनियों को पक्का करना हमारा लक्ष्य

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वो केंद्र की सभी शर्तें मानने को तैयार हैं क्योंकि इस समय उनका एकमात्र लक्ष्य कच्ची कॉलोनियों में बेहतर सड़क और रजिस्ट्री की व्यवस्था करवाना है.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 6:51 PM IST
केजरीवाल बोले- केंद्र की मानेंगे सभी शर्तें, कच्ची कॉलोनियों को पक्का करना हमारा लक्ष्य
केजरीवाल ने कहा है कि अब वो तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक ये काम पूरा नहीं हो जाएगा.
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Updated: July 24, 2019, 6:51 PM IST
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वो केंद्र की सभी शर्तें मानने को तैयार हैं क्योंकि इस समय उनका एकमात्र लक्ष्य कच्ची कॉलोनियों में बेहतर सड़क और रजिस्ट्री की व्यवस्था करवाना है. केजरीवाल ने कहा है कि अब वो तब तक शांत नहीं बैठेंगे, जब तक ये काम पूरा नहीं हो जाएगा. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा कच्ची कॉलोनियों को अधिकृत करने के निर्णय पर प्रसन्नता जाहिर की है.

मंत्रिपरिषद को निर्देश
बीते शनिवार को भी अरविंद केजरीवाल ने अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों को निर्देश दिया था कि वे कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने के लिए केन्द्र सरकार की सभी शर्तों को तुरंत स्वीकार करें, ताकि पुराने मुद्दे को जल्द से जल्द हल किया जा सके.

नहीं बर्दाश्त होगी कोताही

अरविंद केजरीवाल के मुताबिक इस मामले में अब कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गौरतलब है कि कच्ची कॉलोनियों के इस मसले को सीएम अरविंद केजरीवाल खुद देख रहे हैं. सीएम केजरीवाल ने पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की थी कि सभी कच्ची कॉलोनियों को मालिकाना हक देने के दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली में 1,797 अनधिकृत कॉलोनियों के मकानों की रजिस्ट्री का काम शुरू हो जाएगा.



दिल्ली में कच्ची कॉलोनियों की समस्या दशकों से चली आ रही है लेकिन इस कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है. कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों के लिए सुविधाओं का अभाव जीवन का हिस्सा बन चुका है. अब माना जा रहा है कि राज्य सरकार की गंभीरता के बाद इस मुद्दे का जल्द ही हल निकलेगा.
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दिल्ली सरकार ने केंद्र को भेजे हैं ये सुझाव
1) केंद्र सरकार द्वारा 50% बिल्डअप एरिया वाली शर्त जो कि 1 जनवरी 2015 तक रखी गई है, उसे बढ़ाकर 31 मार्च 2019 तक कर दिया जाए.

2) सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 30 जून 2019 तक जितने लोगों ने अपनी जीपीए करा ली है, उन सभी जीपीए को वैध माना जाए और उसी के आधार पर मालिकाना हक दिया जाए.

3) 1 जुलाई 2019 तक जितनी कच्ची कॉलोनियां दिल्ली में बन चुकी हैं, उनकी एक सूची बनाकर दूसरे चरण में उन सभी को पक्का घोषित किया जाए.

4)भविष्य में दिल्ली में कोई नई कच्ची कॉलोनी बनती है तो संबंधित एसडीएम, एसएचओ एवं एमसीडी अधिकारी को बर्खास्त किया जाए.

5) तीन कॉलोनियों सैनिक फार्म, महेंद्रू एनक्लेव तथा अनंत राम डेरी केंद्र सरकार ने पक्का करने के दायरे से बाहर रखी हैं, यह आर्टिकल 14 का उल्लंघन है. इन तीनों कॉलोनियों को भी अन्य कॉलोनियों के साथ रेगुलराइज किया जाए.

6) इन कॉलोनियों को रेगुलराइज करते समय जो पेनाल्टी अदा करनी हो, उसके लिए बैंक से लोन की सुविधा की जाए ताकि गरीब लोग आसानी से इस राशि को जमा करा सकें.

7) डीडीए के नक्शे बनाने का इंतजार करने की बजाय, विभिन्न आरडब्ल्यू और दिल्ली सरकार के जीएसडीएल विभाग द्वारा सेटेलाइट के जरिये बनाए गए मौजूदा नक्शों के आधार पर तुरंत रजिस्ट्रियां खोल दी जाएं.

8) यमुना बांध के अंदर जो कॉलोनियां आ रही हैं उन्हें रेगुलराइज ना किया जाए. यमुना बांध के बाहर वाली कॉलोनियों को रेगुलराइज कर दिया जाए.

9) इन कच्ची कॉलोनियों में जो सरकारी जमीनें हैं वह दिल्ली सरकार को द्वितीय कैटेगरी के मूल्य पर स्कूल, अस्पताल एवं अन्य सुविधा की चीजें बनाने के लिए हस्तांतरित कर दी जाएं.

10) कच्ची कॉलोनियों को नजदीकी कालोनियों में जो सबसे निम्न स्तर की कैटेगरी की कॉलोनी है उससे भी नीचे माना जाए.

11) जिन कालोनियों में फॉरेस्ट का पैच, एएसआई का पैच है, उसको छोड़कर बाकी कॉलोनी को रेगुलराइज कर दिया जाए.

12) इन कच्ची कॉलोनियों में लोगों ने दुकानें भी खोल रखी हैं, इन कालोनियों की जमीन को मिक्स यूज़ लैंड. घोषित किया जाए.

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First published: July 24, 2019, 6:11 PM IST
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