लाइव टीवी

ये हैं अयोध्या से जुड़ी वो शख्सियतें जिनके धर्म पर भारी थी काम की वफादारी!

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: November 12, 2019, 12:59 AM IST
ये हैं अयोध्या से जुड़ी वो शख्सियतें जिनके धर्म पर भारी थी काम की वफादारी!
जिन्होंने अपने पद और काम की जिम्मेदारी को हमेशा सबसे ऊपर रखा

अयोध्या मामले (Ayodhya Case) से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रहीं कुछ शख्सियतों ने अपने पद की जिम्मेदारी के बीच कभी अपना धर्म (Religion) नहीं आने दिया. ऐसे लोग ही समय-समय पर हमें रोशनी देते हैं सिस्टम पर भरोसा रखने का.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2019, 12:59 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्णय के बाद अयोध्या (Ayodhya Case) मंदिर-मस्जिद विवाद (Mandir-Masjid dispute) का अंत हो गया है. 135 साल पहले 1885 में शुरू हुई अयोध्या विवाद की कानूनी लड़ाई में कुछ किरदार ऐसे रहे हैं जिन्हें उनकी कर्तव्य परायणता को लेकर हमेशा याद रखा जाएगा. जिन्होंने अयोध्या मामले में अपने धर्म से ऊपर उठकर भूमिका अदा की. जिनके धर्म पर उनके पद और काम की वफादारी भारी थी. जब किसी तंत्र पर आम आदमी का भरोसा टूटने लगता है तब ऐसे ही लोग अंधेरे में विश्वास की रोशनी दिखाते हैं. आइए मिलते हैं अयोध्या के ऐसे किरदारों से.

>>केके मोहम्मद: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मोहम्मद (K. K. Muhammed) ने अयोध्या में पुरातात्विक खुदाई के बाद दावा किया था कि स्पष्ट रूप से मस्जिद के नीचे एक मंदिर की उपस्थिति के निशान मिले हैं. उनकी रिपोर्ट हिंदू पक्ष के लिए सबसे बड़ा हथियार थी. 1976-77 की खुदाई में वो शामिल थे. वो केरल के कालीकट के रहने वाले हैं. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. जो खुदाई 2003 में हुई उसमें भी तीन मुसलमान शामिल थे.

Ayodhya Verdict, supreme court, ram mandir, babri masjid, ram janam bhoomi, CJI Ranjan Gogoi, ayodhya dispute, अयोध्या फैसला, सर्वोच्च न्यायालय, राम जन्म भूमि, बाबरी मस्जिद, राम मंदिर, CJI रंजन गोगोई, अयोध्या विवाद, केके मोहम्मद, K. K. Muhammed, पीएन शुक्ल, PN Shukla, अफजल अमानुल्लाह, Afzal Amanullah, आरके सिंह, RK Singh, राजीव धवन, Rajiv Dhawan, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर, Justice S. Abdul Nazeer, FIR, एफआईआर
केके मोहम्मद, जिन्होंने बताया कि विवादित जमीन के नीचे मंदिर के अवशेष हैं


>>पीएन शुक्ल: 6 दिसंबर 1992 बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद शाम सवा पांच बजे थाना राम जन्मभूमि, अयोध्या में अज्ञात कार सेवकों के खिलाफ बाबरी मस्जिद गिराने का षड्यंत्र, मारपीट और अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया था. हिंदू-मुस्लिमों झगड़े में हिंदुओं के खिलाफ एफआईआर एक हिंदू ने दर्ज की. वो थे थाना प्रभारी के रूप में काम कर रहे पीएन शुक्ल (PN Shukla). वो केस नंबर था 197.

>>गंगा प्रसाद तिवारी: बाबरी विध्वंस मामले में अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में 198 नंबर केस दर्ज हुआ. इसमें अशोक सिंघल (Ashok Singhal), गिरिराज किशोर, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विष्णु हरि डालमिया, विनय कटियार, उमा भारती और साध्वी ऋतंभरा सहित आठ लोगों के नाम थे. आरोप था कि राम कथा कुंज सभा मंच से मुस्लिम समुदाय के खिलाफ धार्मिक उन्माद भड़काने वाला भाषण देकर बाबरी मस्जिद गिरवाई गई. इन बड़े हिंदू नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाला हिंदू था. वो थाना राम जन्मभूमि के पुलिस अधिकारी गंगा प्रसाद तिवारी थे.

Ayodhya Verdict, supreme court, ram mandir, babri masjid, ram janam bhoomi, CJI Ranjan Gogoi, ayodhya dispute, अयोध्या फैसला, सर्वोच्च न्यायालय, राम जन्म भूमि, बाबरी मस्जिद, राम मंदिर, CJI रंजन गोगोई, अयोध्या विवाद, केके मोहम्मद, K. K. Muhammed, पीएन शुक्ल, PN Shukla, अफजल अमानुल्लाह, Afzal Amanullah, आरके सिंह, RK Singh, राजीव धवन, Rajiv Dhawan, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर, Justice S. Abdul Nazeer, FIR, एफआईआर
अफजल अमानुल्लाह, जिन्होंने राम रथ यात्रा निकालने वाले एलके आडवाणी को गिरफ्तार करने से मना किया


>>अफजल अमानुल्लाह: लालकृष्ण आडवाणी राम मंदिर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने वाले सबसे बड़े चेहरों में से एक रहे हैं. उन्होंने 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ से रथयात्रा शुरू की. 19 अक्टूबर को वो धनबाद पहुंचे. तब धनबाद के डीएम थे अफजल अमानुल्लाह. बिहार के तत्कालीन सीएम लालू यादव ने अमानुल्लाह (Afzal Amanullah) को आदेश दिया कि वो आडवाणी को गिरफ्तार करें. अमानुल्लाह ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. ताकि माहौल न बिगड़े. वह सैयद शहाबुद्दीन के दामाद हैं. तब शहाबुद्दीन बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक थे. इसलिए अगर आडवाणी को एक मुस्लिम वो भी सैयद शहाबुद्दीन का रिश्तेदार गिरफ्तार करवाता तो झगड़ा बढ़ जाता.
Loading...

Ayodhya Verdict, supreme court, ram mandir, babri masjid, ram janam bhoomi, CJI Ranjan Gogoi, ayodhya dispute, अयोध्या फैसला, सर्वोच्च न्यायालय, राम जन्म भूमि, बाबरी मस्जिद, राम मंदिर, CJI रंजन गोगोई, अयोध्या विवाद, केके मोहम्मद, K. K. Muhammed, पीएन शुक्ल, PN Shukla, अफजल अमानुल्लाह, Afzal Amanullah, आरके सिंह, RK Singh, राजीव धवन, Rajiv Dhawan, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर, Justice S. Abdul Nazeer, FIR, एफआईआर
जिन्होंने राम रथ यात्रा निकालने वाले एलके आडवाणी को गिरफ्तार कराया


>>आरके सिंह: 23 अक्टूबर 1990 को आडवाणी समस्तीपुर पहुंच चुके थे. तब वहां के डीएम आरके सिंह (RK Singh) थे. लालू ने उन्हें आडवाणी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. इस पर सिंह ने हिंदुत्व की पहचान बन चुके राम रथयात्री आडवाणी को गिरफ्तार करवा लिया. इस गिरफ्तारी के साथ ही रथ यात्रा समाप्त हो गई. हालांकि देश भर में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई. आरके सिंह बाद में केंद्रीय गृह सचिव बने. संयोग की बात यह है कि उन्हें भाजपा से टिकट मिला और वो चुनाव जीत गए. अब मोदी सरकार में मंत्री हैं.

Ayodhya Verdict, supreme court, ram mandir, babri masjid, ram janam bhoomi, CJI Ranjan Gogoi, ayodhya dispute, अयोध्या फैसला, सर्वोच्च न्यायालय, राम जन्म भूमि, बाबरी मस्जिद, राम मंदिर, CJI रंजन गोगोई, अयोध्या विवाद, केके मोहम्मद, K. K. Muhammed, पीएन शुक्ल, PN Shukla, अफजल अमानुल्लाह, Afzal Amanullah, आरके सिंह, RK Singh, राजीव धवन, Rajiv Dhawan, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर, Justice S. Abdul Nazeer, FIR, एफआईआर
अयोध्या मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील


>>राजीव धवन: अयोध्या मामले में मुस्लिमों की ओर से जिसने सुप्रीम कोर्ट में वकालत की वो हिंदू हैं. सीनियर एडवोकेट राजीव धवन (Rajiv Dhawan) इस मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की दलील रख रहे थे. राजीव धवन लगातार अपनी दलीलों और हिंदू पक्षकारों के तर्कों पर वार करके सुर्खियों में रहे हैं. इसी 16 अक्टूबर को उन्होंने हिंदू महासभा के वकील की ओर से पेश किए गए एक नक्शे को भरी अदालत में फाड़ दिया. 72 साल के धवन ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट हैं. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं.

Ayodhya Verdict, supreme court, ram mandir, babri masjid, ram janam bhoomi, CJI Ranjan Gogoi, ayodhya dispute, अयोध्या फैसला, सर्वोच्च न्यायालय, राम जन्म भूमि, बाबरी मस्जिद, राम मंदिर, CJI रंजन गोगोई, अयोध्या विवाद, केके मोहम्मद, K. K. Muhammed, पीएन शुक्ल, PN Shukla, अफजल अमानुल्लाह, Afzal Amanullah, आरके सिंह, RK Singh, राजीव धवन, Rajiv Dhawan, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर, Justice S. Abdul Nazeer, FIR, एफआईआर
सर्वसम्मति से अयोध्या पर फैसला देने वाली बेंच में शामिल मुस्लिम जज


>>जस्टिस एस. अब्दुल नजीर: अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट विवादित जमीन रामलला विराजमान को दे दी है. इस ऐतिहासिक फैसले को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Justice Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली पांच जजों की जिस पीठ ने सर्व सम्मति से फैसला सुनाया उसमें एकमात्र मुस्लिम जज जस्टिस एस. अब्दुल नजीर (Justice S. Abdul Nazeer) भी शामिल हैं. जस्टिस नजीर ने फरवरी 1983 में कर्नाटक हाईकोर्ट में वकालत शुरू की. 2003 में उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट में एडिशनल जज बनाया गया. 2004 में उन्हें स्थायी जज नियुक्त किया गया. फरवरी 2017 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया.

ये भी पढ़ें: 

अयोध्या विवाद: रामलला की मूर्तियों पर नेहरू का आदेश टालने वाले DM की पूरी कहानी
अयोध्या विवाद: राम मंदिर आंदोलन से ये है गोरखनाथ मठ का कनेक्शन!

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अयोध्या से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 12, 2019, 12:57 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...