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निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर ऐसे मनाई गई बसंत पंचमी, देखें वीडियो

News18India
Updated: February 10, 2019, 2:19 PM IST

हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह वैसे ही साम्प्रदायिक सौहार्द की निशानी मानी जाती है. इसकी बानगी बसंतोत्सव में दरगाह में देखने को मिलती है

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700 साल से लगातार हजरत ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर सदियों से मनाया जा रहा बसंत उत्सव इस साल भी धूमधाम से मनाया गया. बसंतोत्सव को दरग़ाह में देखने के लिए तमाम अलग अलग जगहों से पीले पोशाक में लोग भी पहुंचे और मज़ार में पीले फूल और पीली चादर चढ़ाई. लोग भी दरग़ाह में बसंत के रंगों को देखकर काफ़ी गदगद काफ़ी ख़ुश नज़र आए. लोगों ने ख़ूबसूरत क़व्वाली के साथ अपनी शाम दरग़ाह में गुज़ारी.

क्या बसंत पंचमी और हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया का नाता

कहा जाता है निज़ामुद्दीन औलिया अपने भांजे के गुज़र जाने के बाद बेहद ग़मग़ीन थे. बसंत के मौक़े पर हज़रत अमीर ख़ुसरो ने कुछ औरतों को गाना गाते और पीले फूल पीली पोशाकों में जाते देखा तो खुसरो ने भी ऐसा रूप धारण कर हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के सामने गाना गाया जो निज़ामुद्दीन औलिया के चेहरे पर मुस्कराहट ले आया. जिसके बाद साढ़े 700 साल से लगातार हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह पर बसंत का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है.



दरगाह में कव्वाली



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दरगाह साम्प्रदायिक सौहार्द की निशानी

हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह वैसे ही साम्प्रदायिक सौहार्द की निशानी मानी जाती है. इसकी बानगी बसंतोत्सव में दरगाह में देखने को मिलती है. बसंत पंचमी एक हिन्दू त्योहार है लेकिन फिर भी इसे एक मुस्लिम स्थल पर मनाया जाता है जो भारत देश की एक ओर क़ौमी एकता की ख़ूबसूरत तस्वीर को दर्शाता है. देखें वीडियो.

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First published: February 10, 2019, 2:19 PM IST
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