लाइव टीवी

निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देने से पहले बोला पवन जल्लाद- अब जीना मुश्किल हो गया

News18Hindi
Updated: December 12, 2019, 12:03 PM IST
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देने से पहले बोला पवन जल्लाद- अब जीना मुश्किल हो गया
तिहाड़ जेल ने यूपी के डीजी जेल से जल्लाद की मांग की है (फाइल फोटो)

पवन जल्लाद (Pawan Jallad) मेरठ (Meerut) की आलोक विहार कालोनी का रहने वाला है. उसका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी जेल (Jail) में फांसी (Execution) देने का काम कर रहा है

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 12, 2019, 12:03 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape) कांड के दोषियों को फांसी (Execution) देने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. उन्हें फांसी पर लटकाने की तैयारियां चल रही हैं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) के रहने वाले पवन जल्लाद (Pawan Jallad) को बुलाने के लिए लेटर लिखा गया है. लेकिन फांसी से पहले पवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से एक मार्मिक अपील की है. अब तो जीना भी मुश्किल हो गया है, ऐसा कहते हुए पवन एक लेटर में अपनी आपबीती लिखकर सभी को भेज रहा है.

पीढ़ी दर पीढ़ी फांसी देने का काम कर रहा है परिवार

पवन जल्लाद मेरठ की आलोक विहार कालोनी का रहने वाला है. पवन का परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी जेल में फांसी देने का काम करता है. पवन से पहले उसके परदादा लक्ष्मण सिंह, दादा कल्लू जल्लाद और पिता मम्मू सिंह भी फांसी देने का काम करते थे. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब पवन फांसी देता है. पवन का बीवी, बच्चों संग छोटे-बड़े भाइयों वाला परिवार है. निर्भया गैंगरेप केस में दोषियों को फांसी दिए जाने का जिक्र आते ही पवन एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया है.

पवन जल्लाद ने लेटर में दर्द बयां किया 

पवन जल्लाद ने बताया कि पिता के बाद से मैं इस काम को विभिन्न जेलों में जाकर अंजाम दे रहा हूं. कुछ समय पहले तक मुझे मेरठ जेल से तीन हजार रुपये महीना मानदेय मिलता था. मेरे अथक प्रयासों के बाद मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये मिलने लगा.



लेकिन आज की इस महंगाई के दौर में अब पांच हजार रुपये भी नाकाफी साबित हो रहे हैं. परिवार का पालन-पोषण करना कठिन होता जा रहा है. मैं बीते काफी समय से लगातार संबंधित अधिकारियों से मानदेय बढ़ाने के संबंध में गुहार लगा चुका हूं. लेकिन अभी तक इस मामले में मेरी सुनवाई नहीं हुई है.मुश्किल हो गया है बच्चों को पढ़ाना और घर चलाना

पवन जल्लाद का कहना है कि मेरा मकान टूट-फूट गया है. बच्चे बड़े हो गए हैं. उनकी पढ़ाई-लिखाई कराना मुश्किल होता जा रहा है. कई बार तो स्कूल की फीस तक नहीं जा पाती है. इस परेशानी को देखते हुए मेरे बेटे ने इस काम को करने के लिए अभी से मना कर दिया है. आर्थिक परेशानियों के चलते मेरा जीना मुश्किल हो गया है. साइकिल पर कपड़े रखकर गली-गली फेरी लगाता हूं, तब कहीं जाकर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता है.

मानदेय के लिए इन्हें लेटर लिख रहा है पवन जल्लाद

पवन जल्लाद का कहना है कि वो अपना मानदेय बढ़वाने के लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और यूपी के जेल विभाग को पत्र लिखने जा रहा है.

ये भी पढ़ें:- अयोध्या मामलाः अजित डोभाल ने योगी सरकार को लिखा लैटर, UP में हो रही चर्चा

कार पर लिखे 'L' ने ले ली 23 हजार लोगों की जान!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 12, 2019, 10:49 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर