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सुप्रीम कोर्ट ने चारों राज्यों को लगाई फटकार, सुनवाई के दौरान कहीं ये 5 बड़ी बातें

एहतेशाम खान | News18Hindi
Updated: November 4, 2019, 5:38 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने चारों राज्यों को लगाई फटकार, सुनवाई के दौरान कहीं ये 5 बड़ी बातें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक वाहन रोककर दूसरा उतना ही प्रदूषण फैलाने वाला वाहन चलाने की अनुमति दी जाए ये ईवन ऑड का क्या सिद्धांत हैं?

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि एक वाहन रोककर दूसरा उतना ही प्रदूषण (Pollution) फैलाने वाला वाहन चलाने की अनुमति दी जाए ये ऑड-इवन (Odd-even) का क्या सिद्धांत हैं ? अगर एक कार (Car) में चार लोग यात्रा करते हैं तो उसके लिए इंसेंटिव देने जैसी योजना होनी चाहिए.

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  • Last Updated: November 4, 2019, 5:38 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को दिल्ली (Delhi) में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) पर बड़ा कमेंट किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली-पंजाब (Punjab) सहित चारों राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को तलब किया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन लागू करने के फैसले पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा है कि सरकार बताए इससे क्या फायदा होने जा रहा है और इससे संबंधित डेटा भी उपलब्ध कराए.

जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार करे या फिर राज्य सरकार, इससे हमें मतलब नहीं है. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि हर साल 10-15 दिन के लिए हमें ये देखना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि आज लुटियन जोन के बेडरूम में भी AQI 500 तक पहुंच गया है और ये दिल्ली का हाल है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहीं ये 5 अहम बातें...

# सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि कोर्ट के अगले आदेश तक इन चारों राज्यों में पावर कट नहीं होगा. कोर्ट ने कहा कि पावर कट के चलते डीजल जेनरेटर को बढ़ावा मिल रहा है.

# शीर्ष अदालत ने दिल्ली में कंस्ट्रक्शन और कूड़ा जलाने पर एक लाख रुपये का फाइन जबकि सार्वजनिक जगह पर कूड़ा फेंकने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है.

# सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की ऑड-ईवन स्कीम पर सवाल खड़े किए हैं. कोर्ट ने इसे लागू करने की वजह पूछी है और इससे होने जा रहे फायदे से जुड़ा डेटा उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है.

# कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और यूपी के प्रधान सचिवों को अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है.
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#सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकारों को चुनाव में ज्यादा दिलचस्पी है, लेकिन यहां पर लोग मर रहे हैं. किसी भी सभ्य देश में ऐसा नहीं होता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोगों को जीने का अधिकार है, एक पराली जलाता है और दूसरे के जीने के अधिकार का उल्लंघन करता है.

‘घरों से न निकलने की दी जा रही सलाह, क्या मजाक है’
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर सुनवाई करते हुए कहा कि लोगों को दिल्ली से बाहर नहीं निकाला जा सकता है. अजीब मजाक है कि लोगों को घरों से न निकलने की सलाह दी जा रही है. ये मुमकिन नहीं है कि दिल्ली को खाली कराया जा सके. अब समय आ गया कि जवाबदेही तय की जाए. किसी भी किसान को ये अधिकार नही है कि वो पराली जलाये. सेटेलाइट की तस्वीरें बताती हैं कि पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जा रही है.

‘क्या सिर्फ कारों पर रोक लगाने से कम हो जाएगा प्रदूषण’
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक गुप्ता ने दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या सिर्फ दिल्ली में कारों पर रोक लगाकर प्रदूषण को कम किया जा सकता है. जबकि ऑटो और बाइक को छूट दी गई है. जिसे जहां जाना है वो तो जाएगा ही. उन्होंने एक बड़ा कमेंट करते हुए कहा कि कुछ लोगों को मेट्रो से एयरपोर्ट जाना पसंद नहीं है. वो ज्यादातर कार का इस्तेमाल करते हैं. मैंने अक्सर देखा है कि एयरपोर्ट की ओर जाने वाली मेट्रो खाली चलती है.

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First published: November 4, 2019, 4:43 PM IST
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