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दिल्ली पुलिस-वकील विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ताली एक हाथ से नहीं बजती, हम किसी वजह से चुप हैं

Sushil Pandey | News18Hindi
Updated: November 8, 2019, 3:19 PM IST
दिल्ली पुलिस-वकील विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ताली एक हाथ से नहीं बजती, हम किसी वजह से चुप हैं
बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उन्हें उम्मीद है कि दो दिनों के भीतर समाधान हो जाएगा.

उड़ीसा (Odisha) में भी वकीलों (Lawyers) का कुछ विवाद चल रहा है. इसी विवाद की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चल रही थी. सुनवाई के दौरान ही एक वक्त ऐसा आया कि जब जजों ने तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) मामले का जिक्र करते हुए जिरह कर रहे वकीलों से कहा कि एक हाथ से ताली नहीं बजती.

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  • Last Updated: November 8, 2019, 3:19 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और वकीलों (Lawyers) के बीच छिड़ा विवाद सातवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. डीसीपी मोनिका भारद्वाज (DCP Monika Bhardwaj) के साथ धक्का-मुक्की का वीडियो (Video) सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल (Viral) होने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है. ये ही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को भी इस मामले में बोलना पड़ा. शुक्रवार को अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती है. हमें सब पता है. हम किसी वजह से चुप हैं.

मामले की सुनवाई पर SC ने किया बड़ा कमेंट

दरअसल ओडिशा में भी वकीलों का कुछ विवाद चल रहा है. शुक्रवार को इस विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी. सुनवाई के दौरान एक वक्त ऐसा आया कि जब जजों ने तीस हजारी मामले का जिक्र करते हुए जिरह कर रहे वकीलों से कहा कि एक हाथ से ताली नहीं बजती. समस्या दोनों तरफ है. हम और अधिक कुछ नहीं कहना चाहते हैं. हम किसी कारण से चुप हैं. हालांकि इस दौरान वकीलों ने पुलिस अत्याचार की शिकायत भी की. लेकिन कोर्ट उनके तर्क से सहमत नहीं हुआ. बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उन्हें उम्मीद है कि दो दिन के भीतर समाधान हो जाएगा. इस मौके पर वो भी मौजूद थे.

राष्ट्रीय महिला आयोग भी मामले में कर चुका है टिप्पणी

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ये भी कहा है कि डीसीपी मोनिका भारद्वाज सहित तमाम पुलिसकर्मियों को तीस हजारी कोर्ट से बाहर ले जाया गया. ये गलत है और मैं इसकी निंदा करती हूं. मैं खुद इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेने जा रही हूं. हमने इस मामले में कार्रवाई की है और कमिश्नर और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को चिट्ठी लिखी है कि इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज की जाए और अलग से कार्रवाई हो. एक बेहद गंभीर मामला है जिसमें एक महिला शामिल है और वो भी यूनिफॉर्म (वर्दी) में.



उन्होंने कहा कि यह सिर्फ महिला अफसर पर हमले की बात नहीं है बल्कि महिलाओं को समाज में काम करने से डीमोटिवेट करने की कोशिश है. अगर महिला अधिकारियों से इस तरह का व्यवहार होगा तो हम कैसे उम्मीद करेंगे कि महिलाएं समाज में बराबरी की भूमिका निभाएं. हमने इस मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी है. हम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. अगर कार्रवाई नहीं होती है तो हम आगे एक्शन लेंगे.

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First published: November 8, 2019, 3:01 PM IST
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