तीन तलाक के झगड़ों पर जिंदा रहने वाले परेशान हैं- आरिफ मोहम्मद खान

अब तो मीडिया में भी अक्सर खबरें आ रही हैं कि शरई अदालतों में तीन तलाक से जुड़े मामले आना कम हो गए हैं. शरई अदालतों के पास काम की कमी होने लगी है.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 4:06 PM IST
तीन तलाक के झगड़ों पर जिंदा रहने वाले परेशान हैं- आरिफ मोहम्मद खान
फाइल फोटो- शाहबानों केस से लेकर अब तक आरिफ मोहम्मद तीन तलाक के खिलाफ हैं.
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Updated: July 29, 2019, 4:06 PM IST
अब तो मीडिया में भी अक्सर खबरें आ रही हैं कि शरई अदालतों में तीन तलाक से जुड़े मामले आना कम हो गए हैं. शरई अदालतों के पास काम की कमी होने लगी है. लेकिन इस सब से उन लोगों को परेशानी होने लगी है, जो तीन तलाक के झगड़ों पर ही जिंदा रहते हैं. यह कहना है पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का. एक बार फिर से लोकसभा में तीन तलाक बिल के पास होने पर वो न्यूज18 हिन्दी से बात कर रहे थे.

शाहबानो केस से लेकर मौजूदा तीन तलाक बिल पर बेबाकी के साथ अपनी राय रखने वाले आरिफ मोहम्मद खान का कहना है, ‘तीन तलाक का एक मामला कई तरह के झगड़ों को जन्म देता है. किसी भी तीन तलाक के एक मामले से जुड़े कई-कई मामले शरई अदालत में जाते हैं. यह वो मामले हैं जिन पर कुछ लोग जिंदा रहते हैं.

लेकिन तीन तलाक पर पास हो चुके कानून ने इसे कम कर दिया है. इस बात की गवाह मीडिया की खबरें हैं कि शरई अदालतों में अब तीन तलाक के मामले आना कम हो गए हैं. लेकिन कुछ लोग परेशान भी हो रहे हैं कि अब उनके दफ्तर कैसे चलेंगे.’

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प्रतीकात्मक फोटो- एक बार फिर से तीन तलाक बिल लोकसभा में पास हो चुका है.


आरिफ मोहम्मद खान का कहना है कि अभी तीन तलाक बिल पर राज्यसभा में बहस होना बाकी है. लोकसभा में तो प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है.

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First published: July 29, 2019, 2:38 PM IST
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