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पीएम मोदी के इस दांव से एक बार फिर 'चित' हुए अरविंद केजरीवाल

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: December 4, 2019, 8:03 PM IST
पीएम मोदी के इस दांव से एक बार फिर 'चित' हुए अरविंद केजरीवाल
पीएम मोदी ने आखिरकार संसद में अवैध कॉलोनियों वाला बिल पास कर बड़ा दांव चला है. (फाइल फोटो)

राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने कहा था कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश होने वाले सभी बिलों की जानकारी है, लेकिन इस लिस्ट में कहीं पर भी दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों (Regulations of Delhi's Unauthorized Colonies) को नियमित करने संबंधी बात नहीं लिखी गई है.

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  • Last Updated: December 4, 2019, 8:03 PM IST
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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) ने दिल्ली (Delhi) की अवैध कॉलोनियों को लेकर इसी साल अक्टूबर महीने में जो बड़ा ऐलान किया था, वह पूरा कर दिया है. बुधवार को दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख लोगों को तोहफा मिल गया है. अवैध कॉलोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक दिलाने (Regulations of Delhi's Unauthorized Colonies) वाला बिल राज्यसभा से भी पास हो गया है. पिछले सप्ताह ही इस बिल को लोकसभा से पास किया गया था. इस बिल के पास हो जाने के बाद अब दिल्ली के 1,797 कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक मिल जाएगा. लेकिन, इस बिल को पास कराने को लेकर आम आदमी पार्टी ने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले बड़ा बयान दिया था.

मोदी के दांव के आगे अरविंद केजरीवाल फिर हुए फिसड्डी
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के सभी सांसदों ने बिल पास कराने को लेकर प्रदर्शन किया था. 'आप' नेताओं ने आरोप लगाया था कि बीते 23 अक्टूबर को मोदी कैबिनेट ने जो प्रस्ताव पास किया था वह सिर्फ दिखावटी था. बता दें कि अक्टूबर महीने में कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में अवैध कॉलोनियों को पक्का करने को लेकर मंजूरी मिली थी. इस फैसले के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा था, 'आज दिल्ली की आबादी दो करोड़ से अधिक है. 11 साल पहले साल 2008 में भी कोशिश हुई थी, दिल्ली सरकार (Delhi Government) काम को लटका रही थी. 2018 में बोले की दो साल और चाहिए. अब लगा कि इस पर केंद्र सरकार को ही कदम बढ़ाने होंगे. यह दिल्ली के लिए रेवोल्यूशनरी (Revolutionary) कदम है. सभी मकान मालिक (Land Lord) को अब मालिकाना हक दिया जाएगा, भले ही ये कॉलोनी सरकारी या निजी जमीन पर बनी हों.'

शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के सभी सांसदों ने बिल पास कराने को लेकर प्रदर्शन किया था
शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के सभी सांसदों ने बिल पास कराने को लेकर प्रदर्शन किया था


केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली में रहने वाले 40 लाख लोगों को फायदा पहुंचेगा. इन कॉलोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक देने की घोषणा के साथ ही बीजेपी ने एक बड़ा दांव दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) को लेकर चल दिया है. इस फैसले के बाद अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी बिजली, पानी का स्थायी मीटर और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा. सड़क, नाले और गली की लाइट की व्यवस्था के साथ नगर निगम की सारी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी. बच्चों को खेलने के लिए पार्क, सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी मिलनी शुरू हो जाएंगी. दिल्ली की ये 1,797 कॉलोनियां 175 वर्ग किलोमीटर में फैली हैं.

शीतकालीन सत्र शुरू से होने से पहले 'आप' ने सवाल किया था
जानकारों का मानना है कि संसद में बिल पास हो जाने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी बड़ा असर पड़ सकता है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी इसे नियमित करने की मंजूरी पहले ही दे दी थी. साथ ही एलजी ने अवैध कॉलोनियों के मामलों में दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम के मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया था. इसके अलावा राजधानी के 79 गांवों के शहरीकरण को भी मंजूरी दी गई थी. अब अवैध कॉलोनियों में रहने वालों को उनके घरों के कागजात मिल जाएंगे. अब लोग आसानी से घर खरीद बेच सकेंगे.
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दिल्ली के 1797 कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक मिल जाएगा. (File Photo)


सरकार इन कॉलोनियों को वैध कॉलोनी करार देते हुए वहां सारी बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल की व्यवस्था करेगी. इस बिल का उद्देश्य जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी, वसीयत, बेचने, खरीदने और कब्जे संबंधी दस्तावेजों को मान्यता देना है. इसके तहत इनके निवासियों को एक बार में इन सभी मामलों में छूट मिलेगी. इसके अलावा बिल अंतिम लेनदेन पर पंजीकरण शुल्क और स्टांप शुल्क की भी सुविधा देगा और सर्किल रेट से कम शुल्क के कारण आयकर देनदारी के मुद्दे को भी संबोधित करेगा.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है 
18 नवंबर को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस बिल को लेकर एक ट्वीट किया था. संजय सिंह ने संसदीय कार्य मंत्रालय का एक दस्तावेज डालते हुए कहा था कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में पेश होने वाले सभी बिलों की जानकारी है. लेकिन, इस लिस्ट में कहीं पर भी दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने संबंधी बात नहीं लिखी गई है. सत्र शुरू होने पर आप के सभी सांसदों ने इसको लेकर विरोध भी किया था. लेकिन, बुधवार को आखिरकार यह बिल पास ही हो गया. अब बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि बहुत जल्द ही अनाधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री भी शुरू हो जाएगी.

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First published: December 4, 2019, 7:31 PM IST
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