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बुराड़ी डेथ मिस्ट्री : मौत से चार दिन पहले डायरी में लिखा था, '30 जून को भगवान से मिलना है'

बुराड़ी डेथ मिस्ट्री : मौत से चार दिन पहले डायरी में लिखा था, '30 जून को भगवान से मिलना है'

आखिरी बार 26 जून को रजिस्टर मे नोट लिखा गया.

आखिरी बार 26 जून को रजिस्टर मे नोट लिखा गया.

जांच के दौरान पुलिस को घर से दो नोटबुक मिली हैं जिनके आधार पर पुलिस ये मानकर चल रही है कि ये पूरा मामला अंधविश्वास और काले जादू का नतीजा हो सकता है.

    (संदीप कुमार)

    दिल्ली के बुराड़ी में एक घर से 11 लाशें मिलने से देशभर में सनसनी फैल गई है. घटना के 24 घंटे बाद पुलिस की जांच का दायरा काला जादू और अंधविश्वास की ओर घूम रहा है. पुलिस को भाटिया परिवार के घर से दो डायरियां मिली हैं. इन डायरियों में लिखी बातें पढ़कर पुलिस फिलहाल इसी निष्कर्ष पर पहुंची है कि हो न हो, 11 लोगों की मौत अंधविश्वास का ही नतीजा है. हालांकि, पुलिस सभी 11 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है.

    बुराड़ी के संत नगर इलाके में रहने वाले भाटिया परिवार में 75 साल की नारायणी अपने दो बेटों भूपी और ललित के साथ रहती थी. घर में भूपी अपनी पत्नी दो बेटियों और 12 साल के एक बेटे के साथ, जबकि ललित अपनी पत्नी और 12 साल के बेटे के साथ रहता था. परिवार में एक तलाकशुदा बहन भी थी जो अपनी 30 साल की बेटी के साथ रहती थी. घर में कुल 11 लोग थे. परिवार के दोनों भाइयों ने बुराड़ी में ही ग्राउंड फ्लोर पर परचून और प्लाईवुड की दुकानें खोल रखी थीं. रविवार की सुबह जब काफी देर तक परचून की दुकान नहीं खुली तो सामने रहने वाले पड़ोसी उनके घर गए. घर का दरवाजा खुला हुआ था. पहली मंजिल पर जाकर उन्होंने वहां की हालत देखी तो उनके होश उड़ गए. एक ही कमरे में दस लोग फांसी के फंदे से लटके थे जबकि बगल के कमरे में परिवार की मुखिया नारायणी जमीन पर मृत पाई गईं. इसी पड़ोसी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.

    रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे बुराड़ी के संत नगर में रहने वाले भाटिया परिवार के घर में 11 लोगों का शव मिलने की जानकारी के बाद भारी संख्या में लोग वहां पहुंचे. साथ ही 20 थानों के पुलिस वाले और दिल्ली पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए. मरने वालों में दस लोग छत के ऊपर बने लोहे के जाल से फांसी के फंदे पर लटके मिले. जबकि परिवार की बुजुर्ग महिला दूसरे कमरे में जमीन पर पड़ी थीं. मरने वालों में परिवार की सात महिलाएं और चार पुरुष हैं, जिनमें 12 साल के दो बच्चे भी शामिल हैं.
    चौंकाने वाली बात ये है कि घर में फांसी पर लटके सभी लोगों के हाथ या तो पीछे से या फिर आगे से बंधे मिले. यही नहीं सबके चेहरे और आंखों पर पट्टियां बंधी मिली. मौके से पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है. फॉरेन्सिक विभाग ने मौके से नमूने उठाए और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. रविवार की शाम पुलिस कमिश्नर ने बुराड़ी थाने से जांच के जिम्मा लेकर उसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया.


    जांच के दौरान पुलिस को घर से दो नोटबुक मिली हैं जिनके आधार पर पुलिस ये मानकर चल रही है कि ये पूरा मामला अंधविश्वास और काले जादू का नतीजा हो सकता है. पुलिस के मुताबिक अभी तक की जांच में ये पता चलता है कि घर से मिले दो नोटबुक को पढ़ने और दस लोगों के फंदे पर लटकने के तरीके को देखकर लगता है कि परिवार की वृद्ध महिला को छोड़कर सभी दस लोगों ने उस नोटबुक को फॉलो किया है. पुलिस को मिले नोटबुक में लिखा है कि

    1- पट्टियां अच्छे से बांधनी हैं. शून्य के अलावा कुछ भी न दिखे.
    2- गुरुवार या रविवार का दिन चुनें.
    3- रस्सी के साथ सूती चुन्नियां या साड़ी का प्रयोग करना है.
    4-सात दिन बाद लगातार पूजा करनी है, थोड़ी लगन और साधना से. अगर कोई जाए तो उसके अगले दिन फिर शुरू करेंगे.
    5-बेबे खड़ी नहीं हो सकतीं तो अलग कमरे में लेट सकती हैं.
    6- सबकी सोच एक जैसी होनी चाहिए, ये करते ही तुम्हारे आगे के काम दृढ़ता से शुरू होंगे.
    7-मद्धम रोशनी को प्रयोग करना है.
    8-हाथों की पट्टियां बच जाएं तो उसे आंखो पर डबल कर लेना.
    9- मुंह की पट्टी भी रूमाल से डबल कर लेना.
    10- रात्रि के 12-1 बजे के बीच क्रिया करना है. उसके पहले हवन करना है.

    सूत्रों के मुताबिक घर से बरामद रजिस्टर में ये बात भी लिखी पाई गई है कि अगर आप स्टूल का इस्तेमाल करेंगे, आंखें बंद करेंगे और हाथ बांध लेंगे तो आपको मोक्ष की प्राप्ति होगी. खास बात यह है कि रजिस्ट्रर या नोटबुक में जिस तरह की चीजें लिखी गई हैं घर में सारे शव उसी अवस्था मे मिले हैं.

    सूत्रों के मुताबिक, घर से बरामद दोनों रजिस्टर में लिखा है कि सभी इच्छाओं की पूर्ति हो. उन दोनों रजिस्टर के करीब 35 पेज के शुरुआती कुछ पेज में इस बात का जिक्र है कि किस शख्स को कहां-कहां खड़ा होकर लटकना है. और खासकर ये भी लिखा गया है की दरवाजे के पास किस शख्स को लटकना है. सूत्रों के मुताबिक भाटिया परिवार 2015 से रजिस्टर मे नोट्स लिख रहा था और आखिरी बार 26 जून को रजिस्टर मे नोट लिखा गया. 26 जून के इस नोट में लिखा गया है कि 30 तारीख को भगवान से मिलना है.


    फिलहाल डॉक्टरो की एक टीम ने रविवार आधी रात के बाद परिवार के छह लोगों का पोस्टमार्टम किया. सोमवार को बचे हुए पांच शवों का डॉक्टरों की दूसरी टीम पोस्टमार्टम करेगी. सूत्रों के मुताबिक जिन छह लोगों का पोस्टमार्टम रविवार आधी रात के बाद हुआ है, उनकी फाइनल रिपोर्ट मंगलवार तक आने की उम्मीद है. हालांकि छह शवों के पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक ये मौतें गला घुटने की वजह से हुई हैं. शरीर पर न तो किसी जख्म के निशान हैं और न ही शरीर के अंदर जहर या दूसरी चीजें पाई गई हैं.

    क्राइम ब्रांच भले ही दिल दहला देने वाली इस घटना को अंधविश्वास औऱ काले जादू से जोड़कर देख रही है लेकिन भाटिया परिवार के करीबी और दोस्त ये मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि परिवार धार्मिक तो था लेकिन अंधविश्वासी नहीं. करीबी इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या मान रहे हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि वो हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि परिवार की एक लड़की प्रियंका की 17 जून को ही वजीरपुर के एक बैंक्वेट हॉल मे धूमधाम से सगाई की गई थी. सगाई के वीडियो में पूरा भाटिया परिवार खुश था और नाच गा रहा था. जिस लड़की (प्रियंका) की सगाई हो रही थी वो एमबीए करने के बाद एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी नौकरी कर रही थी और उसका होने वाला पति नोएडा की एक जानी मानी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है.

    क्राइम ब्रांच भले ही इस पूरे मामले को अंधविश्वस से जोड़ रहा है लेकिन भाटिया परिवार की माली हालत और सारे परिस्थितियों के देखकर पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल ये है कि क्या परिवार के सभी 11 लोग समान मनोदशा में आ जाए और खुदकुशी कर लें. एक पढ़े-लिखे परिवार का इस तरह अंधविश्वास और मोक्ष के लिए खुदकुशी करना किसी को नहीं पच रहा है. पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है. हालांकि उसका कहना है कि मामले की सभी एंगल से जांच चल रही है.

    Tags: Burari

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