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दिल्ली में मुश्किल होगा ग्रीन पटाखे चलाना, अब आई ये बड़ी समस्या

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Updated: October 22, 2019, 9:07 PM IST
दिल्ली में मुश्किल होगा ग्रीन पटाखे चलाना, अब आई ये बड़ी समस्या
दिल्ली में सिर्फ कुछ ही दुकानदारों को ग्रीन पटाखे बेचने की इजाजत दी गई है. (Photo news18)

ग्रीन पटाखे बेचने के लिए करीब एक दर्जन अस्थायी लाइसेंस ही दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की ओर से अभी तक जारी किए गए हैं.

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  • Last Updated: October 22, 2019, 9:07 PM IST
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नई दिल्ली. दीवाली (Diwali) नजदीक है. ग्रीन पटाखे (Green Crackers) पहली बार बाजार में आये हैं. ग्रीन पटाखों की कीमत से लेकर उनकी वैरायटी कारोबारी और ग्राहकों (Customer) के लिए परेशानी का सबब बन रही है. उससे भी बड़ी समस्या है ग्रीन पटाखों का मिलना. फिलहाल जो ग्रीन पटाखे के खरीदार हैं उन्हें घर से खासा दूर कई किमी तक जाना पड़ रहा है. प्रशासन (Administration) ने पटाखों के लिए स्थाई-अस्थायी लाइसेंस कुछ गिने-चुने कारोबारियों को ही दिए हैं. करीब एक दर्जन अस्थायी लाइसेंस ही दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की ओर से अभी तक जारी किए गए हैं.

सूना पड़ा है दिल्ली का 100 साल पुराना पटाखा बाजार

दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में करीब 100 साल पुराना पटाखा बाजार है. दीवाली पर कई दिन पहले से से ही खरीदारों की लाइन लग जाती थी. बुकिंग तो कई हफ्ते पहले से ही हो जाती थी. गोदाम से माल सप्लाई होता रहता था. लेकिन अब दीवाली आने में उंगलियों पर गिनने लायक ही दिन बचे हैं. लेकिन इस इलाके में 50 साल पुरानी दुकान चलाने वाले अमित ने बताया कि एक तो ग्रीन पटाखों कीमत बहुत ज़्यादा है. दूसरे डिमांड के मुकाबले उत्पादन भी कम है. दुकान कम होने की वजह से ग्राहक भी यहां-वहां ग्रीन पटाखों के लिए भटक रहे हैं.

दुकान 112 और खरीदने आएगी पूरी दिल्ली

दिल्ली पुलिस के पीआरओ एम एस रंधावा की मानें तो दिल्ली में ग्रीन पटाखे बेचने वाले 100 के करीब स्थाई दुकानदार हैं तो 12 अस्थाई लाइसेंस वाले हैं. कुछ आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं. अब ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है कि पूरी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सजी ग्रीन पटाखे की ये 112 दुकान दिल्ली की डिमांड को कैसे पूरा करेंगी. कैसे दिल्ली वाले पूजन करने के बाद शगुन के तौर पर पटाखे जलाएंगे. जामा मस्जिद के दुकानदार अमित जैन की परेशानी भी ये ही है कि अगले 2 दिन बाद जब पटाखा बाजार की डिमांड बढ़ जाएगी तो कैसे इतनी बड़ी आबादी को पटाखे दिए जाएंगे पता नहीं.

ग्राहकों के इंतजार में जामा मस्जिद के बाजार में कुछ इसी तरह से बैठे हैं दुकानदार. (Photo news18 )


ये हैं असली ग्रीन पटाखे की पहचान
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प्रदूषण के चलते सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी स्टाइल के पटाखे बैन कर दिए हैं. तीन साल पहले तक पुराने तरीके के ही पटाखे चलन में थे. लेकिन अब उनकी जगह ग्रीन पटाखों ने ले ली है. ग्रीन पटाखों की पहचान के लिए 'ग्रीन फायर वर्क्स' की एक मुहर के साथ Council of Scientific & Industrial Research (CSIR) NEERI (National Environmental Engineering Research Institute) का QR कोड लगा है. कोड का मतलब है ये पटाखे पर्यावरण के अनुकूल हैं.

क्या बोले ग्राहक

जामा मस्जिद इलाके में पटाखे खरीदने आए मनोज ने बताया कि पटाखे कहीं नहीं मिल पा रहे. ग्रीन क्रैकर्स 400 रुपए यूनिट मिल रहा जो 180 रुपए का मिलता था. महंगा होने की वजह से आगे नहीं बिक पाता. अपने घर की दीवाली मन जाए यही बहुत है. एक और ग्राहक ने कहा कि ग्रीन पटाखों की वैरायटी कम हैं और महंगे ज्यादा हैं.

फुलझड़ी और अनार से ही चलाएं काम

ग्रीन पटाखे में अभी सिर्फ फुलझड़ी और अनार मिल रहे हैं. अनार और एक फूलझड़ी की कीमत 500 रुपए तक है. ग्रीन पटाखों के अलावा बाजार में बच्चों के लिए प्लास्टिक की बंदूक ही दिखी. ग्रीन पटाखे न मिलने के चलते कुछ ग्राहक पुराने पटाखे ही मांगने लगते हैं.

क्या बोली दिल्ली पुलिस  

दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने बताया कि हमने टीमें गठित की हैं. जो पुराने पटाखे जलाकर कानून तोड़ेगा उस पर कार्यवाही होगी. सदर बाजार, जामा मस्जिद, द्वारका, पुल प्रह्लादपुर इलाके में दुकानदारों को लाइसेंस दिए गए हैं.

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First published: October 22, 2019, 8:44 PM IST
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