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दिल्ली पुलिस, SITऔर CBI की जांच पूरी, अब भी लापता है नजीब, मां खा रही दर-दर की ठोकरें

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: October 15, 2019, 8:22 AM IST
दिल्ली पुलिस, SITऔर CBI की जांच पूरी, अब भी लापता है नजीब, मां खा रही दर-दर की ठोकरें
नजीब की मां फातिमा कई बार दिल्ली में बेटे की तलाश के लिए धरना भी दे चुकी हैं. (File Photo)

बेटे की तलाश में दर-दर की ठोकरें खाती नजीब की मां फातिमा नफीस (Fatima Nafis) अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की चौखट पर पहुंच गई हैं. और पिता दिल के मरीज (Heart Patient) हो गए हैं.

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  • Last Updated: October 15, 2019, 8:22 AM IST
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नई दिल्ली. अक्टूबर, 2016 को यूपी (UP) के बदायूं (Bdaun) का रहने वाला नजीब अहमद (Najeeb Ahmed) जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के हॉस्टल से गायब हो गया था. गायब होने की एफआईआर (FIR) दर्ज होने से अब तक देश की तीन नामी और बड़ी सुरक्षा एजेंसियां, दिल्ली पुलिस (Delhi Police), एसआईटी (SIT) और सीबीआई (CBI) उसकी तलाश कर चुकी हैं. लेकिन 3 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक नजीब का कोई सुराग तक नहीं लगा है. सीबीआई, कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर चुकी है. नजीब की मां का कहना है कि सीबीआई उसकी तलाश में थक सकती हैं, लेकिन मैं नहीं. 15 अक्टूबर (मंगलवार) को नजीब को गायब हुए तीन साल पूरे हो जाएंगे.

क्या हुआ था जेएनयू के हॉस्टल में

नजीब के छोटे भाई हसीब अहमद बताते हैं, नजीब भाई जेएनयू के माही-मांडवी हॉस्‍टल के रूम नंबर 106 में रहते थे. उस वक्त हॉस्टल में यूनियन के चुनाव चल रहे थे. कुछ लोग कमरे में प्रचार के लिए आए थे. तभी कुछ कहासुनी हो गई. ये लोग अखिल भारतीय विद्वार्थी परिषद से जुड़े हुए थे. इसी बात को लेकर झगड़ा बढ़ गया था.

यूपी में यहां रहता है नजीब का परिवार

बदायूं के 'वैद्यों का टोला' नाम के मोहल्ले में छह लोगों का ये परिवार दो साल पहले तक ठीक-ठाक रह रहा था. तीन बेटों में से एक को बॉयोटेक्नोलॉजी, जेएनयू में एडमिशन मिल गया था, दूसरा एमटेक कर रहा था और सबसे छोटा वाला बीटेक कर रहा था. घर के मुखिया नफीस अहमद अपना फर्नीचर का कारोबार कर रहे थे. उनकी बेटी भी 11वीं में पढ़ रही थी, लेकिन 15 अक्टूबर 2016 के बाद इस परिवार की तस्वीर अब बदल चुकी है.

तीन साल से लगातार नजीब गायब चल रहा है. अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है. (File Photo)


पिता दिल के मरीज तो मां खा रही दर-दर की ठोकरें
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बेटे नजीब के गम में पिता नफीस दिल के मरीज हो गए हैं. फर्नीचर का कारोबार भी बंद हो गया है. ज्यादातर वक्त अब घर पर ही बीतता है. वहीं नजीब की मां का वक्त बीते तीन साल से घर में कम और बाहर ही ज्यादा बीतता है. जहां से भी ज़रा सा सुराग मिल जाए तो पहुंच जाती हैं नजीब की तलाश करने. इस दौरान दिल्ली पुलिस की लाठी खाते और उन्हें घसीटे जाने को भी न्यूज चैनलों पर खूब देखा गया.

ये नजीब के पिता नफीस अहमद हैं. जो अब दिल के मरीज बन गए हैं. (File Photo)


नजीब के लिए फिर एक और बड़ा आंदोलन

शायद ही देश में कोई छोटा-बड़ा ऐसा संगठन हो जिसने नजीब की तलाश को लेकर आवाज न उठाई हो. यूनाइटेड अंगेस्ट हेट के बैनर तले तो नजीब पर एक डॉक्यूमेंट्री भी आ चुकी है. 15 अक्टूबर को एक बार फिर यूनाइटेड अंगेस्ट हेट बड़ा आंदोलन करने जा रहा है. इसमे नजीब की मां सहित दिल्ली और दिल्ली से बाहर के ज्यादातर संगठन हिस्सा ले रहे हैं. बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर ये लोग इकट्ठा होंगे.

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First published: October 14, 2019, 4:55 PM IST
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