इंदिरा जयसिंह के पति आनंद ग्रोवर पर CBI जांच के दायरे में विदेश से आए 32.39 करोड़ रुपये

सीबीआई का सर्च ऑपरेशन "लॉयर्स कलेक्टिव" नाम के NGO और उसके अधिकारियों के खिलाफ है, इस NGO पर FCRA कानून के उल्लंघन का आरोप है. आनंद ग्रोवर उस NGO के अध्यक्ष हैं.

shankar Anand | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 11, 2019, 12:43 PM IST
इंदिरा जयसिंह के पति आनंद ग्रोवर पर CBI जांच के दायरे में विदेश से आए 32.39 करोड़ रुपये
सीबीआई का सर्च ऑपरेशन जारी है.
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shankar Anand | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 11, 2019, 12:43 PM IST
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की टीम आज गुरुवार की सुबह-सुबह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर और इंदिरा जयसिंह के आवास पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन को अंजाम दे रही है. लेकिन ये बताना बेहद आवश्यक है कि सर्च ऑपरेशन "लॉयर्स कलेक्टिव" नाम के NGO और उसके अधिकारियों के खिलाफ है, इस NGO पर FCRA कानून के उल्लंघन का आरोप है. आनंद ग्रोवर उस NGO के अध्यक्ष हैं. लिहाजा ये सर्च ऑपरेशन उनके खिलाफ है, न की उनकी पत्नी इंदिरा जयसिंह के खिलाफ. इंदिरा जयसिंह भी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ एडवोकेट हैं.

क्या है ये सीबीआई का मामला?

गृहमंत्रालय की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने एक NGO से जुड़े मामले में पिछले महीने जून में एक FIR दर्ज किया था. जिसके तहत ये आरोप था कि "लॉयर्स कलेक्टिव" नाम के NGO के संचालन के दौरान FCRA कानून का उल्लंघन हुआ है. यानी विदेशी मदद हासिल करने में नियमों का उल्लंघन हुआ था. ये NGO मुम्बई में रजिस्टर्ड है. इस NGO के अध्यक्ष आनंद ग्रोवर हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट हैं. इनकी पत्नी इंदिरा जयसिंह भी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ एडवोकेट हैं.

सीबीआई ने FCRA के उल्लंघन मामले में NGO के अध्यक्ष सहित कई अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. गृह मंत्रालय द्वारा दर्ज शिकायत के मुताबिक साल 2006-07 और साल 2014-15 के बीच 32.39 करोड़ रुपये की विदेशी सहायता मिली थी, जिसमें काफी अनियमितता की गई थी. लिहाजा पिछले कुछ समय पहले गृहमंत्रालय ने कई NGO के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया था. ये कार्रवाई उसी लिहाज से है. सीबीआई द्वारा दर्ज इस FIR में इंदिरा जयसिंह का नाम नहीं है लेकिन ये सर्च ऑपरेशन आनंद ग्रोवर और उसकी NGO खिलाफ किया गया है.

एनजीओ से सीबीआई को नहीं मिला था संतोषजनक जवाब

गृहमंत्रालय द्वारा काफी बड़ी संख्या में एनजीओ के खिलाफ शिकायतों को सीबीआई में जांच के लिए भेजा था. जिसमें से कई एनजीओ के खिलाफ सीबीआई और ईडी में तफ्तीश चल रही है. हालांकि सीबीआई को ये मामला ट्रांसफर करने से पहले उन एनजीओ के अधिकारियों से इस मामले में लिखित तौर पर जवाब भी मांगा गया था, जिससे उसके पक्ष को भी गंभीरता से सुना जा सके. लेकिन जब उसका जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तब उन एनजीओ में से कई संस्थान का एफसीआरए का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया था. इसके साथ ही उसको कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. इन तमाम प्रक्रियाओं के बाद ही उन दागी एनजीओ के खिलाफ जांच के लिए सीबीआई समेत कई अन्य को निर्देश दिया गया.

सीबीआई ने जून में दर्ज किया मामला
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सीबीआई ने जून महीने में इस एनजीओ के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीबीआई द्वारा इस मामले की तफ्तीश के दौरान इस बात को भी गंभीरता से जांचा जा रहा है कि - क्या लॉयर्स क्लेक्टिव नाम की इस एनजीओ में जो पैसा विदेश से आया था, उन पैसों को का कहीं देश के खिलाफ गतिविधियों में दुरूपयोग तो नहीं किया गया है? क्योंकि इस तरह की भी बातें जांच एजेंसियों के गलियारों में सुनने को मिली थी. हालांकि सच और झूठ क्या है? इस मामले की तफ्तीश अब सीबीआई कर रही है. जल्द ही इस मामले को केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भी टेक ओवर करके अपने कानून के मुताबिक जांच करेगी.

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First published: July 11, 2019, 12:30 PM IST
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