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14 साल का राजनीतिक वनवास काटकर आखिरकार सत्ता में पहुंचा चौटाला परिवार

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: November 15, 2019, 2:13 PM IST
14 साल का राजनीतिक वनवास काटकर आखिरकार सत्ता में पहुंचा चौटाला परिवार
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला (File Photo)

गुरुग्राम, जहां के राजस्व से चलता है हरियाणा (Haryana) का खर्च वहां से एक भी विधायक (MLA) नहीं बनाया गया मंत्री, वैश्य समाज को भी हिस्सेदारी नहीं मिली, जबकि खट्टर सरकार में जाटों (JAT) का हुआ दबदबा

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  • Last Updated: November 15, 2019, 2:13 PM IST
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नई दिल्ली. हरियाणा (Haryana) के तीन लालों में से दो के परिवार राजनीति में हाशिए पर हैं लेकिन तीसरे ने 14 साल का सियासी वनवास काटकर सत्ता में वापसी कर ली है. हम बात कर रहे हैं उप प्रधानमंत्री रहे ताऊ देवीलाल के परिवार की. 2005 में ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) की विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में हार के बाद यह परिवार पहली बार यहां की सत्ता में लौटा है. इस परिवार के पास 14 महत्वपूर्ण विभाग हैं. दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) खुद डिप्टी सीएम (Deputy CM) तो उनके चाचा रणजीत सिंह चौटाला की भी लॉटरी लगी. वो कैबिनेट मंत्री बन गए हैं. रणजीत सिंह पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पुत्र और इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला के भाई हैं.

खट्टर सरकार में जाटों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ भारद्वाज कहते हैं कि जिन जाटों (JAT) ने चुनाव में बीजेपी (BJP) को बुरी तरह से नकार दिया, उन्हें खट्टर मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा हिस्सा मिला है. 12 लोगों की कैबिनेट में 4 जाट हैं. 50 फीसदी महत्वपूर्ण विभाग उनके पास हैं. एक ही परिवार से दो लोग ले लिए गए हैं जबकि वैश्य समुदाय का एक भी व्यक्ति मंत्री नहीं बनाया गया. जबकि यह बीजेपी का कोर वोटर है. इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सिर्फ 4 जाट विधायक जीते हैं. गुरुग्राम, जहां के राजस्व से पूरी सरकार चलती है वहां के किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया.

जेजेपी को मिले ये 11 मंत्रालय
दुष्यंत चौटाला को मिले 11 महत्वपूर्ण मंत्रालय


दुष्यंत चौटाला के पास महत्वपूर्ण विभाग    

राजनीतिक विश्लेषक नवीन धमीजा का कहना है कि इस बार मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की स्थिति पहले जैसी नहीं हैं. वित्त, सिंचाई, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और कार्मिक को छोड़कर अन्य सभी महत्वपूर्ण विभाग मंत्रियों के पास हैं. चौटाला परिवार के पास राजस्व, श्रम, उद्योग, आबकारी एवं कराधान, विकास एवं पंचायत, लोक निर्माण (बीएंडआर), खाद्य एवं आपूर्ति जैसे विभाग हैं तो उनके चाचा रणजीत सिंह के पास बिजली, नवीन एवं अक्षय ऊर्जा और जेल विभाग हैं. एक तरह से दुष्यंत चौटाला सुपर सीएम की भूमिका में आ गए हैं. ज्यादातर ब्यूरोक्रेट उनसे संपर्क साध रहे हैं.

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हरियाणा की राजनीति में बढ़ा जाटों का दबदबा

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दुष्यंत ने दिखाई ताकत

सरकार में दुष्यंत चौटाला की हनक इसी बात से देखी जा सकती है कि उन्होंने कुर्सी संभालते एक डीएसपी को सस्पेंड करवा दिया. 75 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार के मुद्दे को कैबिनेट से अप्रूव करवा लिया. एचटेट परीक्षा स्थानीय स्तर पर ही करवाने के अपने वादे को भी पूरा करवा लिया.

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First published: November 15, 2019, 2:10 PM IST
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