मस्जिदों पर निशाना साधने वाले BJP सांसद पर कांग्रेस-AAP का पलटवार, कहा- सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश

प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्‍ली में सरकारी जमीनों और सड़कों पर बढ़ रही मस्जिदों संख्‍या के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जिम्‍मेदार हैं, क्योंकि ये दोनों पार्टियों वोटबैंक के लिए इसकी अनदेखी कर रही हैं.

News18Hindi
Updated: June 20, 2019, 9:16 PM IST
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दिल्‍ली में सरकारी जमीन और सड़कों पर मस्जिदों की संख्‍या तेजी से बढ़ने का आरोप लगाकर उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध करने वाले भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के निशाने पर अब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस आ गई है.

प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्‍ली में सरकारी जमीन और सड़कों पर बढ़ रही मस्जिदों संख्‍या के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जिम्‍मेदार हैं, क्‍योंकि ये दोनों पार्टियों अपने वोटबैंक के लिए इस संवेदनशील मुद्दे की अनदेखी कर रही हैं.

कांग्रेस और आप का पलटवार
भाजपा सांसद के आरोपों पर कांग्रेस और दिल्‍ली में सत्‍तासीन आम आदमी पार्टी ने पटलवार किया है. दोनों पार्टियों ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले इस मामले को सांप्रदायिक रंग दे रही है, ताकि उसे 2020 के शुरुआत में होने वाले चुनावों में फायदा मिल सके.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता सिसोदिया ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, 'लोगों ने उन्हें (बीजेपी सांसद) कानून और व्यवस्था के लिए चुना है और वो लोगों को वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद 5 साल तक वो उनसे बात नहीं करते. आप दिल्ली में कानून-व्यवस्था भी देख सकते हैं.'

वहीं दिल्ली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ ने भाजपा सांसद पर इस मुद्दे को सांप्रदायिक रूप देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'दिल्ली के लोगों को पानी की कमी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय भाजपा और उसके नेता अपने सांप्रदायिक एजेंडे में व्यस्त हैं. उन्हें लोगों की सेवा करने के लिए वोट मिला है और वर्मा को यह समझना चाहिए.'

मंगलवार को प्रवेश वर्मा ने कही थी ये बात
दरअसल पश्चिम दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने दो दिन पहले (मंगलवार) दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर उनसे इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया था. उन्होंने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, 'मैं पूरी दिल्ली लेकिन खासकर मेरे संसदीय क्षेत्र (पश्चिम दिल्ली) के कुछ खास भागों में सरकारी जमीन, सड़कों और एकांत स्थानों पर मस्जिदों के तेजी से बढ़ने के एक खास तरीके से अवगत कराना चाहता हूं.'



वर्मा ने मस्जिदों की वजह से ट्रैफिक व्‍यवस्‍था गड़बड़ाने के अलावा आम जनता को हो रही असुविधा की भी बात कही. उन्होंने उम्‍मीद जताई कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और उपराज्यपाल के कार्यालय द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

बीजेपी सांसद के मुताबिक, 20 मस्जिदें उनके संसदीय क्षेत्र में बन रही हैं. जबकि दिल्‍ली में सरकारी जमीन और सड़कों पर बनने वाली मस्जिदों की संख्‍या 100 के करीब है.

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