हाई वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं दिखी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक

2019 चुनाव में हार के बाद शनिवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं दिखी.

Ranjeeta Jha | News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 10:51 PM IST
हाई वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं दिखी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी. साथ में सोनिया गांधी.
Ranjeeta Jha
Ranjeeta Jha | News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 10:51 PM IST
लोकसभा चुनाव में हार के बाद शनिवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं दिखी. बैठक की शुरुआत राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश से शुरू हुई. बैठक शुरू होने के एक घंटे बाद कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया में इस खबर को यह कहकर खारिज कर दिया कि राहुल गांधी ने इस्तीफे की ही नही, लेकिन CWC के खत्म होने के बाद प्रेसवार्ता में रणदीप सुरजेवाला ने ही प्रस्ताव पढ़ा जिसमें राहुल के इस्तीफे की बात कही गई.

प्रस्ताव को पढ़ते हुए सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की लेकिन सभी CWC सदस्यों ने सर्वसम्मति से उसे खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी पुनर्गठन के लिए अधिकृत किया गया है.



बैठक की मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने अपने इस्तीफे के पेशकश में कहा कि हार की जिम्मेदारी लेते हुए मैं इस्तीफा देना चाहता हूं, मुझे कोई भी रिप्लेस कर सकता है,गांधी परिवार ही क्यों?

इस पर पूर्व वित्त मंत्री और पार्टी के दिग्गज नेता पी.चिदंबरम ने बैठक में राहुल के इस्तीफे पर भावुक होकर कहा कि पूरे देश की 12 करोड़ जनता ने कांग्रेस को वोट किया है. दक्षिण भारत ने कांग्रेस को प्यार दिया, उनके साथ अन्याय होगा अगर आप अध्यक्ष नहीं रहेंगे.

कांग्रेस की हार के लिए वर्किंग कमेटी के एक सदस्य ने बीजेपी द्वारा उठाए गए राष्ट्रवाद के मुद्दे को बड़ा बताया. उन्होंने बैठक में कहा कि राष्ट्रवाद का मुद्दा पूरे देश मे चला इसलिए यूपी और बिहार जैसे राज्य में मजबूत जातीय समीकरण होने के बावजूद गठबंधन कामयाब नहीं रहा.

EVM का मुद्दा भी उठा
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ईवीएम के मुद्दे पर यह दलील दी गई कि हार का मार्जिन लाखों में नही हो सकता.  बैठक के दौरान चुनाव आयोग पर भी बातें हुईं. बैठक में यह बातचीत हुई कि चुनाव के दौरान आयोग का रवैया पक्षपाती रहा. बैठक में कहा गया कि मीडिया में वही दिखाया गया जो सरकार चाहती थी. वर्किंग कमिटी के एक सदस्य ने कहा विपक्ष को स्थान नही मिला.

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