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तीस हजारी और कड़कड़डूमा जिला अदालतों में बार संघ के चुनाव स्थगित, जेल में लगाई गई अदालत

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Updated: November 5, 2019, 4:45 AM IST
तीस हजारी और कड़कड़डूमा जिला अदालतों में बार संघ के चुनाव स्थगित, जेल में लगाई गई अदालत
दिल्ली हाईकोर्ट ने बार संघों के चुनाव स्थगित किए.

वकीलों (Advocates) और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में झड़प के कारण दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने तीस हजारी (Tis Hazari) और कड़कड़डूमा जिला अदालत (Karkardooma District Court) में बार संघों (Bar Associations) के चुनाव कराने पर रोक लगा दी.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 4:45 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने वकीलों (Advocates) और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के बीच झड़प की घटना के बाद तीस हजारी (Tis Hazari) और कड़कड़डूमा जिला अदालत (Karkardooma District Court) में बार संघों (Bar Associations) के चुनाव कराने पर सोमवार को रोक लगा दी.

अगले आदेश तक टाल दिए गए चुनाव
तीस हजारी और कड़कड़डूमा अदालतों में बार एसोसिएशनों के चुनाव क्रमश: मंगलवार तथा बृहस्पतिवार को होने थे. न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी तथा न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने कहा कि चुनाव अगले आदेश तक टाल दिए गए हैं.

जेल में ही लगाई गई अदालत

अदालत ने कहा, ‘तीस हजारी अदालत परिसर में दो नवंबर को घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मद्देनजर हमें तीस हजारी और कड़कड़डूमा अदालतों में बार संघों के 5 और 7 नवंबर को होने वाले चुनावों को स्थगित करना उचित लगता है.’ दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद सोमवार को भी अलग-अलग कोर्ट में छिटपुट घटनाएं होती रहीं. सुरक्षा के लिए कैदियों को पेशी पर कोर्ट नहीं लाया गया बल्कि जेल में ही अदालत लगाई गई. घटना वाली रात अफसरों ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर दिया था.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई कराएं
पुलिस अधिकारियों के लिए जारी किए गए इस पत्र में पुलिस विभाग को अपने अधिकारियों और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है. पत्र में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कैदियों को कोर्ट न ले जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनके मामले की सुनवाई की व्यवस्था की जाए. साथ ही यह भी कहा गया है कि जेल परिसर में कैदियों और अंडर-ट्रायल का मेडिकल उपचार और परीक्षण कराया जाए.
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दिल्ली हाईकोर्ट ने भी जारी किया लेटर
दिल्ली हाईकोर्ट और दिल्ली तीस हजारी कोर्ट ने भी सोमवार को एक सर्कुलर जारी किया. इस सर्कुलर में कहा गया है कि सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को अंडर ट्रायल कैदियों को दिल्ली की सभी जिला कोर्टों में न लाया जाए बल्कि उनकी पेशी जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए. ऑर्डर सर्कुलर में लिखा गया है कि दिल्ली के सभी मेट्रोपोलिन मजिस्ट्रेट जेल में जाकर कैदियों के मामलों की सुनवाई करें.

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First published: November 5, 2019, 4:43 AM IST
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