होम /न्यूज /दिल्ली-एनसीआर /यहां दाऊद की 'कंपनी' का चारा खाती हैं गायें

यहां दाऊद की 'कंपनी' का चारा खाती हैं गायें

ये हैं दाउद खान, जो रोजाना छह हजार गायों के लिए चारा सप्लाई करते हैं

ये हैं दाउद खान, जो रोजाना छह हजार गायों के लिए चारा सप्लाई करते हैं

गायों के लिए चारा सप्लाई करने वाले इन गोभक्त खान बंधुओं को गोसेवा आयोग सम्मानित कर चुका है.

    क्या सभी गोमांस विक्रेता, खरीददार और स्लॉटरहाउस के मालिक सिर्फ मुसलमान हैं? कोशिश यही साबित करने की है कि हिंदू गाय के सबसे बड़े रक्षक हैं और मुसलमान, दुश्मन. असल में गोभक्त मुसलमान भी कम नहीं हैं.

    आगरा नहर के साथ फरीदाबाद से नोएडा जाने वाली सड़क पर पल्ला इलाके से कुछ पहले हमारी मुलाकात ऐसे दो गोभक्त मुसलमानों से हुई, जो चारे के अभाव में किसी गाय को नहीं मरने देते. रोज करीब छह हजार गायों को चारा खिलाने का प्रबंध करते हैं.

    हम बात कर रहे हैं दाऊद खां और याहिया खां की. दाऊद की 'कंपनी' हरा चारा सप्लाई करती है. नाम है गोरक्षा सदन धर्मकांटा, चारा आढ़त. पल्ला इलाके में चारा सप्लाई करते हुए दोनों भाइयों को एक दशक से ज्यादा हो चुका है.

    Daud-D company, green fodder, cows, mathura, gaushala, Barsana, faridabad, cow politics in india, mob lynching, cow related violence, दाऊद, डी कंपनी, हरा चारा, गाय, मथुरा, गोशाला, बरसाना, फरीदाबाद, भारत में गाय राजनीति, गाय संबंधी हिंसा, gau seva ayog, गोसेवा आयोग      दाऊद अपने भाई याहिया खान के साथ यह काम करते हैं

    इन गोभक्त खान बंधुओं को गोसेवा आयोग उनके काम के लिए सम्मानित कर चुका है. न्यूज18हिंदी से बातचीत में दाऊद खान ने कहा

    मेरे काम में आम का आम गुठलियों का दाम है. घर भी चल रहा है और गऊ माता का पुण्य भी मिल रहा है.


    बादशाहपुर निवासी खान ने बताया, '1987 में हमने चारा बेचने का काम शुरू किया. करीब एक दशक पहले भैंस पालने वालों के पास चारे का काफी पैसा फंस गया. हम लोग घाटे में चले गए. इसके बाद एक गोशाला खुली. उसमें चारा देना शुरू किया. धीरे-धीरे गोशालाएं बढ़ने लगीं और हम लोगों ने उन्हीं में चारा पहुंचाना शुरू कर दिया. इससे बस इतना कमाते हैं कि मज़दूरों का भी घर चले, हमारा भी चले और गऊ माता भूखी न रहें.'

    Daud-D company, green fodder, cows, mathura, gaushala, Barsana, faridabad, cow politics in india, mob lynching, cow related violence, दाऊद, डी कंपनी, हरा चारा, गाय, मथुरा, गोशाला, बरसाना, फरीदाबाद, भारत में गाय राजनीति, गाय संबंधी हिंसा, gau seva ayog, गोसेवा आयोग      इनकी आढ़त का नाम ही गोरक्षा से शुरू होता है

    ये खान बंधु इस वक्त मवई, गोपाल गोशाला, नारायणी गोशाला सिद्ददाता आश्रम, छायंसा एवं बरसाना की गोशालाओं में रोज करीब 250 टन चारा भेजते हैं. चारा रोहतक, नजफगढ़, कलानौर, मेरठ से लाते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले सात-आठ साल में गोशालाएं ज्यादा बढ़ी हैं. उनका कहना है कि गायों के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. हर मुसलमान गायों का दुश्मन नहीं है. गाय के नाम पर जो भी कुछ हो रहा है, ऐसा किसी दौर में नहीं देखा.”

    Daud-D company, green fodder, cows, mathura, gaushala, Barsana, faridabad, cow politics in india, mob lynching, cow related violence, दाऊद, डी कंपनी, हरा चारा, गाय, मथुरा, गोशाला, बरसाना, फरीदाबाद, भारत में गाय राजनीति, गाय संबंधी हिंसा, gau seva ayog, गोसेवा आयोग     दाउद को गोसेवा आयोग सम्मानित कर चुका है

    दाऊद, कहते हैं कि हर बुधवार को  चारा ज्यादा बिकता है. लोग गोशालाओं में दान करते हैं. लेकिन आज तक मैं यह समझ नहीं पाया कि आखिर ऐसा क्यों होता है. पर ये अच्छा है कि किसी भी वजह से लोग गायों को चारा दे रहे हैं. कोशिश यह होनी चाहिए कि चारे के अभाव में गायों की मौत न हो.

    इन्हें भी पढ़ें:

    गौ तस्करों की लिस्‍ट बनाएंगे मेव मुसलमान

    गौरक्षकों पर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, गोसेवा आयोग बैकफुट पर..!

    मेवात के गोभक्‍त मुसलमान: यहां बेटी की शादी में दान दी जाती है गाय

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें