50 रुपये में ऐसे तैयार होती है कच्ची शराब की एक बोतल

कच्ची शराब को बनाने के लिए बड़ी मात्रा में गुड़ और शीरा के घोल का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इस घोल को इस्तेमाल करने के लिए जरूरी होता है कि इसे सील बंद कर सड़ाने के लिए रख दिया जाता है.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: February 9, 2019, 11:53 AM IST
50 रुपये में ऐसे तैयार होती है कच्ची शराब की एक बोतल
फाइल फोटो- पकड़ी गई अवैध शराब.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: February 9, 2019, 11:53 AM IST
हर दो-चार महीने बाद देश के किसी भी शहर या गांव से जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों की खबर सुनाई दे जाती है. मौत का ये आंकड़ा कभी 10-20 का होता है तो कभी-कभी ये आंकड़ा 50 को भी पार कर जाता है.

लेकिन इतनी घटनाएं होने के बाद भी अभी तक इस तरह की घटनाएं न तो कम हुई हैं और न ही बंद हुई हैं. लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा कि जिस शराब के पीने से दर्जनों लोगों की मौत हो जाती है उस शराब की एक बोतल सिर्फ 50 रुपये में तैयार होती है.



आबकारी विभाग के रिटायर्ड इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने बताया, “कच्ची शराब को बनाने के लिए बड़ी मात्रा में गुड़ और शीरा के घोल का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इस घोल को इस्तेमाल करने के लिए जरूरी होता है कि इसे सील बंद कर सड़ाने के लिए रख दिया जाता है. जब तक इसमे से तेज बदबू नहीं उठती है इसका कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

बस यहीं पर शराब माफिया खेल करते हैं. घोल को जल्दी सड़ाने के लिए उसमे ऑक्सीटोसिन मिला देते हैं. कभी-कभी नौसादर और यूरिया भी मिलाया जाता है. इसके बाद इसे भट्टी पर पकाया जाता है. इसे पकाने के दौरान उस पर से उठने वाली भाप से शराब उतारी जाती है. इस प्रक्रिया से बनने वाली शराब की एक बोलत सिर्फ 50 रुपये से भी कम में तैयार हो जाती है. शराब माफिया इसे 80 से 90 रुपये तक में एजेंट को बेच देता है और एजेंट 150 रुपये से लेकर जहांं जिस एरिया में जैसा ग्राहक मिल जाए उसी हिसाब से बेच देता है.”

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डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्वालय रसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. तनेजा बताते हैं, कच्ची शराब को और अधिक नशीला बनाने के लिए शराब माफिया ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल करते हैं. असल में जब गुड़ और शीरा के घोल में ऑक्सीटोसिन मिलाया जाता है तो वह घोल के साथ मिलकर मिथाइल अल्कोहल बन जाता है. जबकि मिथाइल अल्कोहल शरीर के लिए पूरी तरह से नुकसानदायक होता है. मिथाइल अल्कोहल के शरीर में जाते ही शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं. इसी के चलते कच्ची शराब पीने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है.

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