ये केमिकल शराब को बनाता है नशीला, ज्यादा होने पर ले लेता है जान

एक्सपर्ट की मानें तो शराब माफिया अवैध शराब को और अधिक नशीली बनाने के लिए एक खास केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जैसे ही इसकी मात्रा ज्यादा होती है तो ये जान लेना शुरु कर देता है.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: February 11, 2019, 2:19 PM IST
ये केमिकल शराब को बनाता है नशीला, ज्यादा होने पर ले लेता है जान
फाइल फोटो.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: February 11, 2019, 2:19 PM IST
यूपी-उत्तराखण्ड में जहरीली शराब अब तक 100 से अधिक लोगों की जान ले चुकी है. हादसे के बाद से पुलिस की छापेमारी में अवैध शराब बनाने वाली सैकड़ों शराब भट्टियों का खुलासा हुआ है. बनी हुई अवैध शराब भी बरामद हो रही है. एक्सपर्ट की मानें तो शराब माफिया अवैध शराब को और अधिक नशीली बनाने के लिए एक खास केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जैसे ही इसकी मात्रा ज्यादा होती है तो ये जान लेना शुरु कर देता है.

डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्वालय में केमेस्टी के प्रोफेसर डॉ. तनेजा बताते हैं, आमतौर पर कानूनी तरीके से शराब या बीयर बनाने के लिए ईथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है. ये लाइसेंस से मिलता है और खुले बाजार में उपलब्ध भी नहीं है. लेकिन शराब माफिया अवैध शराब बनाने के लिए मिथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल करते हैं.

ये खुले बाजार में आसानी से आम इंसान की पहुंच में है. अगर ए वन क्वालिटी के मिथाइल अल्कोहल की बात करें तो ये बाजार में 500 से 600 रुपये लीटर तक मिल जाता है. अवैध शराब बनाने वाले इसी मिथाइल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन गड़बड़ तब होती है जब माफिया शराब को तेज और ज्यादा नशीली बनाने के लिए उस घोल में मिथाइल की मात्रा बढ़ा देते हैं.



ये भी पढ़ें- विदेशी सिपाही ‘वाकोस’ ने नक्सलियों की नाक में किया दम, अब तक 200 हमले किए नाकाम

ऐसा नहीं है कि मिथाइल हमारे शरीर के लिए पूरी तरह से नुकसानदायक है. 10 से 20 एमएल मिथाइल अल्कोहल 10 किलो वजन वाले शरीर पर कोई नुकसान नहीं करेगा. लेकिन जैसे ही ये मात्रा बढ़ेगी तो शरीर पर उसका नुकसान दिखना शुरु हो जाएगा.

ये भी पढ़ें- बेटी के रेपिस्ट को फांसी दिलाने लोअर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सिक्योरिटी गॉर्ड

शरीर में मिथाइल अल्कोहल की मात्रा बढ़ते ही कम दिखाई देने लगता है, ब्लड प्रेशर कम और ज्यादा होने लगता है. पेट दर्द, उल्टी होना, जी मिचलाना और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. कभी-कभी तुरंत तो कभी एक-दो दिन बाद मौत भी हो जाती है.
Loading...

ये भी पढ़ें- 50 रुपये में ऐसे तैयार होती है कच्ची शराब की एक बोतल
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर