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दिल्ली में दिवाली बाद एयर क्वालिटी पिछले साल की तुलना में बेहतर रहने की संभावना

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Updated: October 27, 2019, 12:34 PM IST
दिल्ली में दिवाली बाद एयर क्वालिटी पिछले साल की तुलना में बेहतर रहने की संभावना
दिल्ली में वायु प्रदूषण (File Photo)

वायु गुणवत्ता अनुमान एवं अनुसंधान सेवा (सफर) के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी की संपूर्ण वायु गुणवत्ता रविवार रात को कुछ समय के लिए ‘गंभीर’ हो जाने की आशंका है लेकिन यह पिछले साल जितनी बुरी नहीं होगी.

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  • Last Updated: October 27, 2019, 12:34 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (New Delhi) में शनिवार को वायु गुणवत्ता (Air Quality) बहुत खराब रही. अब दिवाली (Diwali) पर पटाखों के धुंए एवं पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने के कारण इसके (वायु गुणवत्ता के) 'गंभीर' हो जाने की आशंका है. वायु गुणवत्ता अनुमान एवं अनुसंधान सेवा (सफर) के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी की संपूर्ण वायु गुणवत्ता रविवार रात को कुछ समय के लिए ‘गंभीर’ हो जाने की आशंका है लेकिन यह पिछले साल जितनी बुरी नहीं होगी. पिछले साल शहर में दिवाली के अगले दिन आठ नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 642 था जो अति गंभीर आपात श्रेणी में दर्ज किया गया. वर्ष 2017 में दिवाली के बाद एक्यूआई 367 थी.

केवल ग्रीन पटाखा ही बेचा जा सकता है
हर साल दिवाली के आसपास दिल्ली की वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक पहुंच जाने के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष पटाखे जलाने पर पाबंदी लगा दी थी और आदेश दिया था कि केवल हरित पटाखे बनाए और बेचे जाएं क्योंकि इससे 30 फीसद कम प्रदूषण फैलता है. लेकिन पर्यावरण अनुकूल पटाखों को विक्रेताओं और खरीददारों से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली क्योंकि उनमें विविधता नहीं थी, स्टॉक सीमित था और दाम अधिक थे.

शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 302 था

सफर ने कहा कि पटाखों से निकलने वाले धुंए का सर्वाधिक असर रविवार को रात एक से छह बजे तक हो सकता है. शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 302 था. शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' और 500 से ऊपर को अति गंभीर आपात स्थिति की श्रेणी में रखा जाता है.

निर्माण कार्य पर बुधवार तक प्रतिबंध
सफर ने कहा कि हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं क्रमिक ढंग से बढ़ रही है और पिछले साल अक्टूबर जैसा ही पैटर्न नजर आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकृत पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ने कहा कि दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में निर्माण गतिविधियों पर शनिवार से बुधवार तक शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक प्रतिबंध रहेगा. उसने इस अवधि के दौरान फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सोनीपत और बहादुरगढ़ में बिजली संयंत्रों को छोड़कर कोयला आधारित उद्योग बंद रखने के निर्देश दिए हैं.
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ईपीसीए के निर्देश पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने उन उद्योगों को शनिवार से बुधवार तक कामकाज बंद रखने का आदेश दिया है जिन्होंने अबतक पाईप वाली प्राकृतिक गैस पद्धति नहीं अपनाई है. केंद्र ने भी हरियाणा और पंजाब को अगले कुछ अहम दिनों के लिए पराली जलाने पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा है.

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First published: October 27, 2019, 12:34 PM IST
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