लाइव टीवी

दिवाली के बाद दिल्ली की हवा हुई बहुत खराब, लेकिन पिछले तीन वर्षों से बेहतर

भाषा
Updated: October 28, 2019, 12:41 PM IST
दिवाली के बाद दिल्ली की हवा हुई बहुत खराब, लेकिन पिछले तीन वर्षों से बेहतर
दिवाली के अगले दिन दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है लेकिन यह पिछले 3 वर्षों के मुकाबले कम है.

दिवाली (Diwali) के बाद सुबह के समय वैसे हर साल दिल्ली में प्रदूषण (Pollution) का स्तर सबसे खराब श्रेणी में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार हवा की गुणवत्ता (Air Quality) पिछले तीन साल से बेहतर रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग आधी रही.

  • Share this:
नई दिल्ली. दिवाली (Diwali) के बाद सुबह के समय वैसे हर साल दिल्ली में प्रदूषण (Pollution) का स्तर सबसे खराब श्रेणी में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार हवा की गुणवत्ता (Air Quality) पिछले तीन साल से बेहतर रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग आधी रही. यह एक अच्छा संकेत है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े दस बजे AQI 345 था. यह रविवार को शाम चार बजे 337 रहा था.

रात 11 बजे शहर का AQI 327 था
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी सेवा, ‘वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली’ (SAFAR) ने पहले अनुमान जताया था कि पटाखे फोड़ने व प्रतिकूल मौसम के कारण देर रात एक बजे से लेकर सोमवार सुबह छह बजे के बीच शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच जाएगा. हालांकि, शहर का एक्यूआई रात के 11 बजे 327 था जो साढ़े तीन बजे तक गिरकर 323 पर आ गया, जबकि इस समय इसके 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचने की आशंका थी. लेकिन धुंध के कारण सुबह 8:30 बजे एक्यूआई 340 पर पहुंच गया.

पिछले साल दिवाली के बाद, दिल्ली में एक्यूआई 600 को पार कर गया था, जो कि सुरक्षित स्तर का 12 गुना था. 2017 में दिवाली के बाद एक्यूआई 367 और 2016 में 425 पर पहुंच गया था.

गाजियाबाद और नोएडा में AQI 375
0-50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा' माना जाता है जबकि 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' श्रेणी का माना जाता है. एक्यूआई अगर 500 से ऊपर पहुंच जाता है, तो उसे 'गंभीर व आपातकालीन' श्रेणी का माना जाता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता पास के गाजियाबाद (375), ग्रेटर नोएडा (356), गुड़गांव (352) और नोएडा (375) से बेहतर रही.

10 या 10 माइक्रोन से कम व्यास वाले अत्यंत सूक्ष्म अभिकण 'पार्टिकुलेट मैटर' पीएम 10 का स्तर रविवार को आनंद विहार में 515 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया था. वजीरपुर और बवाना में, पीएम 2.5 का स्तर 400 के स्तर को पार कर गया था.
Loading...

सुप्रीम कोर्ट पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे की समय-सीमा तय कर रखा है, जिसका राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में उल्लंघन हुआ. हर साल दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक हो जाने के मद्देनजर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया और केवल ग्रीन पटाखे जलाने की मंजूरी दी थी.

ये भी पढ़ें-

दिल्ली में दिवाली पर आग लगने की 200 से अधिक घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई

रात भर चले पटाखों से Delhi-NCR की हवा हुई जहरीली, सांस लेने में भी तकलीफ

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 28, 2019, 12:37 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...