ANALYSIS: दिल्ली चुनाव के लिए मुफ्त बिजली क्यों हैं केजरीवाल का Master Stroke?

दिल्ली के 49 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से सर्दी में करीब 65 से 70 फीसदी आबादी 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करती है. इन लोगों को पहले 2 किलोवाट के कनेक्शन पर 200 यूनिट बिजली के लिए 622 रुपये देने पड़ते थे, जो अब शून्य हो गया है.

विक्रांत यादव | News18India
Updated: August 2, 2019, 4:41 PM IST
ANALYSIS: दिल्ली चुनाव के लिए मुफ्त बिजली क्यों हैं केजरीवाल का Master Stroke?
दिल्ली में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बड़ा राजनीतिक दांव
विक्रांत यादव
विक्रांत यादव | News18India
Updated: August 2, 2019, 4:41 PM IST
दिल्ली में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली का ऐलान कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है. दिल्ली देश का पहला राज्य बन गया है, जहां घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जायेगी. गुरुवार को ये ऐलान कर केजरीवाल ने सभी को चौंका दिया. दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. जाहिर है कि इस कदम ने उनके राजनीतिक विरोधियों को भी सकते में डाल दिया है. इस फैसले से उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंच रहा है. ऐसे में राजनैतिक दल खुलकर इस फैसले का विरोध भी नहीं कर सकते. उनका सिर्फ इतना ही कहना है कि दिल्ली मे फिक्स चार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं से सात हज़ार करोड़ रूपये फालतू लिए गए, वो भी वापस किए जाने चाहिए.

दिल्ली की जनता के लिए केजरीवाल का बड़ा फैसला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली में बिजली बिलों में फिक्स चार्ज पर भारी कटौती की. घरेलू उपभोक्ताओं को तो 84 फीसदी तक की कमी कर दी गई. इस फैसले से दिल्ली के सभी बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली. इसी के जवाब में दिल्ली बीजेपी ने कहा कि हमारे उनके दबाव में दिल्ली सरकार को बिजली के फिक्स चार्ज कम करने पड़े.

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दिल्ली देश का पहला राज्य बन गया जहां उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जाएगी


मुफ्त बिजली की नहीं थी उम्मीद
गुरुवार दोपहर जब घोषणा हुई कि दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को कोई बिल नहीं पेश होगा, यानी उनके लिए ये पूरी तरह से निशुल्क होगा तो एक बारगी किसी को यकीन नहीं हुआ. लेकिन मुख्यमंत्री खुद ऐलान कर रहे थे तो मानना ही था. साथ ही ये भी घोषणा कर दी गई कि ये फैसला 1 अगस्त से ही लागू हो जाएगा.

सर्दी में 65-70 % आबादी 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करती है
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ये फैसला दिल्ली वालों के जीवन पर किस तरह से असर डालेगा, ये भी समझना जरूरी है. दिल्ली में करीब 49 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में गर्मी में 35 फीसदी और सर्दी में करीब 65 से 70 फीसदी आबादी 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करती है. पहले 2 किलोवाट के कनेक्शन पर 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल होने पर अनुमानित 622 रुपये देने पड़ते थे जो अब शून्य हो गया है. इस योजना के ऐलान में समय का भी ध्यान रखा गया है. लोगों के बिल में इसी महीने से फर्क आने लगेगा. दिल्ली मे फरवरी में चुनाव होने हैं. उससे पहले सर्दियां आयेंगी और उस दौरान दिल्ली के 65 से 70 फीसदी उपभोक्ताओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा और ये चुनाव से ठीक पहले होगा.

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सर्दी में दिल्ली की करीब 65 से 70 फीसदी आबादी 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करती है


बीजेपी को नए सिरे से बनानी पड़ेगी रणनीति
इस ऐलान के बाद बीजेपी को इस मसले पर दिल्ली सरकार को घेरने के लिए के लिए अपनी रणनीति नये सिरे से बनानी होगी. अब तक दिल्ली बीजेपी आप सरकार पर फिक्स चार्ज के नाम पर लोगों से 7 हज़ार करोड़ से ज्यादा की राशि लूटने का आरोप लगा रही थी. मुफ्त बिजली का खुलकर कोई राजनीतिक दल विरोध नहीं कर सकता. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि हम खुश हैं कि कम से कम हमारे संघर्ष ने कम से कम इतना तो किया की 200 यूनिट तक ही सही लोगों को मुफ्त बिजली का आश्वासन तो मिला.

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First published: August 2, 2019, 3:57 PM IST
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