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दिल्ली अग्निकांड: ट्रेन नहीं एम्बुलेंस से भेजे जाएंगे बिहार के लोगों के शव

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Updated: December 9, 2019, 7:52 PM IST
दिल्ली अग्निकांड: ट्रेन नहीं एम्बुलेंस से भेजे जाएंगे बिहार के लोगों के शव
दिल्ली अग्निकांड में मारे गये बिहार के लोगों के शव एबुलेंस से भेजे जाएंगे

बिहार (Bihar) भवन के रेसिडेंट कमिश्नर कुमार दिग्विजय ने कहा, 'परिवार ने ट्रेन से शवों को भेजने पर आपत्ति जताई थी, इसलिए हमने एम्बुलेंस से शवों को भेजने का फैसला किया है.'

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  • Last Updated: December 9, 2019, 7:52 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (New Delhi) के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी (Anaj Mandi) में रविवार सुबह लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले बिहार के निवासियों के शवों (Dead body) को अब ट्रेन के बजाए सड़क मार्ग से ले जाया जाएगा. इससे पहले फैसला किया गया था कि ये शव स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के SLR कोच में रख ले जाए जाएंगे. लेकिन मारे गए लोगों के परिवारों ने इस तरह की व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी.

बिहार भवन के रेसिडेंट कमिश्नर कुमार दिग्विजय ने  कहा, 'परिवार ने ट्रेन से शवों को भेजने पर आपत्ति जताई थी, इसलिए हमने एम्बुलेंस से शवों को भेजने का फैसला किया है. एक एम्बुलेंस में दो शवों को ले जाया जाएगा.'

कैसे हुआ था हादसा?
बता दें कि दिल्ली (New Delhi) के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में रविवार सुबह लगी भीषण आग से 43 लोगों की मौत हो गई थी. यह हादसा शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ और चिंगारी नीचे रखे केमिकल के बॉक्स पर जा गिरी. केमिकल पर गिरने के कारण चिंगारी काफी तैजी से फैल गई. देखते ही देखते चिंगारी ने आग का रूप ले लिया. रही सही कसर, सामान पैकिंग करने वाले सुलेसन केमिकल ने पूरी कर दी. इसके संपर्क में आते ही आग भीषण हो गई और भारी मात्रा में धुआं उठने लगा. यह धुआं कई लोगों की मौत का जिम्मेदार बना.

फैक्टी मालिक और मैनेजर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री के मालिक और मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है. जैसे-जैसे इसकी जांच आगे बढ़ रही है, कई खुलासे भी हो रहे हैं. इसी दौरान पता चला है कि मैनेजर ने फैक्ट्री के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा दिया था, जिससे यहां सो रहे लोग आग लगने के बाद बाहर नहीं निकल सके और फैक्ट्री इन मजदूरों के लिए कब्रगाह बन गई.

कौन था फैक्ट्री का मालिक?दिल्ली पुलिस ने रेहान नाम के शख्स को गिरफ्तार किया. इसे बिल्डिंग का मालिक बताया जा रहा है, लेकिन इस मामले की पड़ताल के बाद यह जानकारी मिली कि रेहान के साथ-साथ कई लोग के पास उस बिल्डिंग का मालिकाना हक था. इस बिल्डिंग का मालिक- रेहान, सोहेल, तारिक, आशिफ और इमरान हैं. इन लोगों के बीच आपसी रिश्तों की अगर बात करें तो रेहान और इमरान आपस में भाई हैं, जबकि तारिक और आशिफ रेहान के साले हैं. इमारत का सबसे नीचे वाला फ्लोर यानी ग्राउंड फ्लोर इमरान का है. इसका इस विवाद से फिलहाल कोई वास्ता नहीं दिख रहा है, क्योंकि ये हादसा और लापरवाही सेकेंड फ्लोर पर हुई है.

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First published: December 9, 2019, 4:22 PM IST
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