घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर दिल्ली सरकार देती है इनाम, नहीं लेते लोग

दिल्ली सरकार की तरफ से घायलों की सहायता करने वालों को सरकार की ओर से दो हजार रुपये का इनाम और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है. लेकिन लोग यह कहकर इससे इनकार कर देते हैं कि मदद करना तो धर्म का काम है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 1:00 PM IST
घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर दिल्ली सरकार देती है इनाम, नहीं लेते लोग
प्रतीकात्मक फोटो
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Updated: July 31, 2019, 1:00 PM IST
दिल्ली के लोग सड़क हादसों में घायल होने वालों की मदद में आगे रहते हैं. इसके बदले में कोई इनाम भी नहीं लेना चाहते हैं. पिछले साल शुरू की गई योजना के तहत दिल्ली सरकार की तरफ से घायलों की सहायता करने वालों को सरकार की ओर से दो हजार रुपये का इनाम और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है. लेकिन लोग यह कहकर इससे इनकार कर देते हैं कि मदद करना तो धर्म का काम है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बताया कि पिछले एक साल में ऐसे ढाई हजार मामले सामने आए जब लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. लेकिन इसमें से सिर्फ सौ लोगों ने ही इनाम की राशि ली. बाकी ने मना कर दिया. हिन्दुस्तान अखबार के अनुसार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह आंकड़ा दिल्ली के सभी बड़े-छोटे अस्पतालों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सामने आया है.

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2018 में सड़क दुर्घटना, एसिड अटैक और जलने के मामलों में घायल होने वालों को मुफ्त इलाज देने की घोषणा की थी. अगर कोई व्यक्ति घायल को किसी अस्पताल में भर्ती कराता है तो वहां पर उसका व्यक्ति का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिख लिया जाता है. इस पर बाद में सरकार की ओर से संपर्क कर संबंधित व्यक्ति को इनाम दिया जाता है. हादसे में घायलों का इलाज भी मुफ्त होता है.

अस्पतालों के साथ बैठक के दौरान केजरीवाल ने कहा कि इसमें पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतें आई हैं कि कुछ अस्पताल मुफ्त इलाज में आनाकानी कर रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो सरकार उस अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर देगी.

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First published: July 31, 2019, 1:00 PM IST
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