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8 शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन को केजरीवाल सरकार ने दिया 1-1 करोड़ का मुआवजा

विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: September 17, 2019, 11:13 PM IST
8 शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन को केजरीवाल सरकार ने दिया 1-1 करोड़ का मुआवजा
दिल्‍ली सरकार का बड़ा ऐलान.

इन सभी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान ही मौत हो गई थी. दिल्ली सरकार की नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों की यदि ड्यूटी के दौरान मौत होती है तो उनके परिवार को सहायता राशि के तौर पर एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं.

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नई दिल्‍ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के 8 शहीद पुलिसकर्मियों (8 Martyred Policemen) के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये ( Rs 1 crore) की सहायता राशि जारी करने का फैसला किया है. इन सभी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान ही मौत हो गई थी. दिल्ली सरकार की नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों की यदि ड्यूटी के दौरान मौत होती है तो उनके परिवार को सहायता राशि के तौर पर एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं.

इन शहीदों के परिवारों को मिली सहायता
दिल्ली सरकार ने जिन शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मंगलवार को एक करोड़ रुपये देने का फैसला किया है, उनमें एएसआई विजय सिंह, एएसआई जितेन्द्र, एएसआई महावीर सिंह, हवलदार गुलजारी लाल, हवलदार राजपाल कसाना, एसआई खजान सिंह, एएसआई धर्मबीर सिंह और सिपाही अमरपाल शामिल हैं. दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर एएसआई विजय सिंह को भूपेंद्र सिंह नामक व्यक्ति की सुरक्षा में PSO लगाया गया था. 30 अप्रैल 2019 को वो अपनी ड्यूटी पर थे. मोटर साइकिल पर आए बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

जबकि ASI जितेंद्र सिंह की ड्यूटी यातायात पुलिस में लगी हुई थी. 13 नवंबर 2018 को उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन कर भाग रहे एक टेम्पो को रोकने की कोशिश की. उसी दौरान उसे रोकने की कोशिश में वो गिर गए और बाद में उनकी मौत हो गई थी. वहीं एएसआई महावीर सिंह की ड्यूटी शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पकड़ने में लगी हुई थी. 12 जुलाई 2018 को उन्होंने एक कार रोकने की कोशिश की और कार चालक ने रुकने की जगह बैरिकेड को टक्कर मारते हुए महावीर सिंह को भी बुरी तरह घायल कर दिया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

कार ने मारी थी टक्कर
हवलदार गुलजारी लाल की 7 जनवरी 2019 को द्वारका अंडरपास के पास रात्रि पिकेट ड्यूटी लगी हुई थी, तभी एक तेज रफ्तार कार बैरिकेड को टक्कर मारकर फरार हो गया. बैरिकेड हवा में उछला और गुलजारी लाल उसकी चपेट में आ गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. जबकि हवलदार राजपाल कसाना इसी साल 14 जनवरी को अवैध हथियारों के सौदागरों का पीछा कर रहे थे, तभी एक कार ने उनकी मोटर साइकिल को टक्कर मार दी थी और चोट के कारण उनकी मौत हो गई थी.

इसके अलावा SI खजान सिंह गुमशुदा बच्चों की तलाश में हरियणा के झज्जर में गए हुए थे. वहां उनकी 20 अक्तूबर 2017 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी. जबकि एएसआई धर्मबीर सिंह 20 अक्तूबर 2017 को कुछ बदमाशों के बारे में खुफिया जानकारी जुटा रहे थे. उसी दौरान सड़क हादसे में उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी. वहीं सिपाही अमरपाल भी एक केस की जांच के सिलसिले में 21 दिसबर 2017 को यात्रा कर रहे थे, उसी दौरान सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी.
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First published: September 17, 2019, 10:43 PM IST
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