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दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहीन बाग प्रदर्शन से पुलिस बेरीकेट हटाने की याचिका खारिज की

शाहीन बाग धरना प्रदर्शन (फाइल फोटो)

शाहीन बाग धरना प्रदर्शन (फाइल फोटो)

याचिका (Petition) में बेरीकेट (Barricade) हटवाकर सड़क को चालू कराने की मांग की गई थी. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High ...अधिक पढ़ें

    अमित कुमार सिंह 

    नई दिल्ली. ओखला (Okhla) के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में बीते 26 दिन से प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शनकारी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के विरोध में बीच सड़क पर धरना दे रहे हैं. जिसके चलते दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने वहां से गुजरने वाली सड़क को बेरीकेट लगाकर बंद किया हुआ है. इसी के विरोध में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में एक याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में बेरीकेट हटवाकर सड़क को चालू कराने की मांग की गई थी. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने बेरीकेट हटवाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. जिसके चलते इस रोड के जल्द चालू होने की उम्मीदें कम ही दिखाई दे रही हैं.

    याची बोले दिल्ली-आगरा हाइवे हो रहा है प्रभावित

    दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले याची तुषार सचदेव और रमन कालरा ने मांग करते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारी ओखला में शाहीन बाग की उस सड़क पर बैठे हुए हैं जो आगे चलकर दिल्ली-आगरा हाइवे से जुड़ जाती है. इसी सड़क पर अपोलो अस्पताल है. सुबह से शाम तक ही नहीं रातभर इस सड़क पर खासा ट्रैफिक भी रहता है. लिहाजा इस सब को देखते हुए सड़क खुलवाने के आदेश जारी किए जाएं.

    26 दिन से महिलाएं और बच्चे कर रहे हैं प्रदर्शन

    दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में जामिया हिंसा मामले के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है. कड़ाके की सदी और बारिश के मौसम में भी प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे हुए हैं. शाहीन बाग में यह धरना 24 घंटे चालू रहता है. धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं. सड़क पर ही सभी का खाना-पीना और चाय-पानी चलता रहता है. छोटे बच्चों को गर्म दूध पीने के लिए दिया जाता है.

    जामिया के छात्र भी दे रहे हैं अपना समर्थन

    शाहीन बाग में चल रहे इस विरोध-प्रदर्शन में आस-पास के इलाके के लोगों को भारी संख्या में जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों का समर्थन भी मिल रहा है. जामिया के प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शाहीन बाग का प्रदर्शन कमजोर न पड़े इसलिए वह रोजाना यहां आकर कुछ देर जरूर बैठते हैं. जामिया के इन छात्र-छात्राओं में सभी वर्ग के लोग होते हैं.



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    Tags: CAA, DELHI HIGH COURT, Jamia University, NRC

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