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मानहानिकारक बयान देने वाले को ‘गुरिल्ला युद्ध’ करने की अनुमति नहीं दे सकते: दिल्ली उच्च न्यायालय

भाषा
Updated: November 21, 2019, 11:44 PM IST
मानहानिकारक बयान देने वाले को ‘गुरिल्ला युद्ध’ करने की अनुमति नहीं दे सकते: दिल्ली उच्च न्यायालय
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने कहा कि मुकदमे में पहचान को गुमनाम बनाए रखना न्यायिक कार्यवाही (Judicial Proceedings) की विरोधात्मक प्रकृति, निष्पक्ष प्रक्रिया और सबको समान अवसर प्रदान किए जाने के विपरीत प्रतीत होता है.

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने कहा कि मुकदमे में पहचान को गुमनाम बनाए रखना न्यायिक कार्यवाही (Judicial Proceedings) की विरोधात्मक प्रकृति, निष्पक्ष प्रक्रिया और सबको समान अवसर प्रदान किए जाने के विपरीत प्रतीत होता है.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 11:44 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने कहा है कि मानहानिकारक (Defamatory) और दुर्भावना से प्रेरित बयान देने वाले लोगों को अपना नाम छिपाकर ‘गुरिल्ला युद्ध’ (Guerrilla Warfare) करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

‘हर्डसीनएंड’ हैंडल ने सुबोध गुप्ता की ओर से दायर याचिका में पहचान गोपनीय रखने की मांग की
न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ ने इंस्टाग्राम हैंडल ‘हर्डसीनएंड’ की ओर से दी गई दलील पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. ‘हर्डसीनएंड’ हैंडल ने कलाकार सुबोध गुप्ता की ओर से दायर याचिका में पहचान गोपनीय रखने की मांग की है. गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी को हटवाने का अनुरोध किया है. अदालत ने अंतरिम तौर पर इंस्टाग्राम अकाउंट ‘हर्डसीनएंड’ हैंडल को इस चरण में पहचान गोपनीय रखते हुए अपना जवाब सीलबंद लिफाफे में तथा वकालतनामा सौंपने को कहा है.

पहचान उजागर हो जाएगी तो उसे अपूरणीय नुकसान होगा

वकालतनामा वह दस्तावेज होता है जिसके जरिए एक वकील को अपने मुवक्किल की ओर से मुकदमा लड़ने का अधिकार मिलता है. इंस्टाग्राम के अज्ञात अकाउंट होल्डर के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल हैंडल चला रहा है और इस चरण में अगर उसकी पहचान उजागर हो जाएगी तो उसे अपूरणीय नुकसान होगा.

क्षतिपूर्ति के रूप में की पांच करोड़ रुपए की मांग
गुप्ता ने कथित मानहानिकारक पोस्ट के कारण इंस्टाग्राम हैंडल ‘हर्डसीनएंड’ तथा अन्य के खिलाफ याचिका दायर कर उन्हें और उनके परिवार को हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में पांच करोड़ रुपए की मांग की है. पूर्व में अदालत ने सोशल मीडिया फेसबुक, गूगल और इंस्टाग्राम को पिछले साल मी टू मुहिम के दौरान गुप्ता के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े गुमनाम पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया था.
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First published: November 21, 2019, 11:44 PM IST
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