पानी के प्रबंधन को लेकर दिल्ली का बुरा हाल, गुजरात रहा अव्वल

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Updated: August 24, 2019, 11:23 PM IST
पानी के प्रबंधन को लेकर दिल्ली का बुरा हाल, गुजरात रहा अव्वल
जलशक्ति के रूप में बना नया मंत्रालय

इंडेक्स के आंकड़े बताते हैं कि तीन साल के दौरान 80 फीसदी राज्यों ने पिछली बार से इस बार बेहतर किया है.

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  • Last Updated: August 24, 2019, 11:23 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Pm narendra modi) की केंद्र में दूसरी बार सरकार बनने के बाद सबसे ज्यादा जोर पानी को लेकर है. यही वजह है कि इस बार जलशक्ति के रूप में नया मंत्रालय बनाया गया. इसके द्वारा साल 2024 तक हर घर तक पीने का पानी पहुचाने का लक्ष्य है. शुक्रवार को नीति आयोग की तरफ से कम्पोजिट वाटर मैनेजमेंट इंडेक्स जारी किया गया. चिंता और चुनौती के बीच नीति आयोग और जल शक्ति मंत्रालय ने आंकड़ों के जरिए देश में पानी की हालत बताई. इंडेक्स के आंकड़े बताते हैं कि तीन साल के दौरान 80 फीसदी राज्यों ने पिछली बार से इस बार बेहतर किया है.

राज्यों का परफार्मेंस

-वॉटर बॉडीज को लेकर बेहतर परफॉर्म करने वाले राज्य मध्यप्रदेश , तेलंगाना और तमिलनाडु रहे.

- ग्राउंड वाटर को लेकर आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु , मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने जहां बेहतर काम किया है वहीं उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड, झारखंड की हालात चिंताजनक.

- शहरी जनता को स्वच्छ पानी मुहिया करवाने के मामले में मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा और उत्तराखण्ड अव्वल रहे. वहीं बिहार और असम में हालात खराब.

-गांव में पीने योग्य पानी पहुंचाने के मामले में हिमाचल प्रदेश, पुडुच्चेरी, गुजरात ने अच्छा काम किया. वहीं दिल्ली की स्थिति इस मामले सबसे खराब है.

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल, मिज़ोरम, मणिपुर और जम्मू कश्मीर ने जल को लेकर अपनी स्थिति नीति आयोग से साफ नहीं की. जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जो राज्य पीछे रह गए हैं वहां ज्यादा जोर लगाने की जरुरत है. शेखावत ने ग्राउंड वाटर को लेकर चिंता भी जाहिर की. शेखावत ने कहा कि वाटर मैनेजमेंट को लेकर जो इंडेक्स जारी हुआ है इससे सीख लेते हुए केंद्र और राज्य सरकारें और बेहतर तरीके से सामजस्य बनाकर काम करेंगी.
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मोदी सरकार का लक्ष्य
पिछली नीति आयोग की तरफ से रिपोर्ट जारी हुई थी जिसमें कहा गया था कि साल 2020 तक देश के 21 शहर डे जीरो हो जायेंगे यानी ग्राउंड वाटर की बुरी स्थिति हो जायेगी. सरकार के लिए चिंता का विषय है ये यही वजह है कि इस बार पानी की स्थिति को सुधारने के लिए अलग मंत्रालय का गठन हुआ. केंद्र सरकार का लक्ष्य 2024 तक गांवों में घर-घर नल से पानी मुहैया कराने का है. जल्द सरकार जल जीवन मिशन को लेकर भी आगे कदम उठाने वाली है. केंद्र और राज्य मिलकर इस योजना पर काम करेंगे जिसपर लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है.
(रवि सिंह की रिपोर्ट)

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First published: August 23, 2019, 10:56 PM IST
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