MHA अधिकारी हत्या: सख्त था पिता का रवैया, फरमाइश पूरी नहीं की तो पत्नी-बेटे ने मार डाला

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के ऑडिटर आनंद सिंह की हत्या में पत्नी और नाबालिग बेटे के साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. गृह मंत्रालय में तैनात ऑडिटर आनंद सिंह की बीते शुक्रवार को चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई थी.

News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 9:27 PM IST
MHA अधिकारी हत्या: सख्त था पिता का रवैया, फरमाइश पूरी नहीं की तो पत्नी-बेटे ने मार डाला
गृह मंत्रालय के अधिकारी की हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने पत्नी और नाबालिग बेटे को पकड़ा
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Updated: July 9, 2019, 9:27 PM IST
दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के ऑडिटर आनंद सिंह की हत्या में पत्नी और नाबालिग बेटे के साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. गृह मंत्रालय में तैनात ऑडिटर आनंद सिंह की बीते शुक्रवार चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक आनंद सिंह की सख्ती और बेटे की फरमाइश पूरी न करने के चलते मां-बेटे और बेटे के दो जानकारों ने मिलकर आनंद सिंह की हत्या की योजना रची.

फरमाइश पूरी नहीं करने पर पत्नी और बेटे ने की हत्या
दिल्ली पुलिस के मुताबिक घटनावाली रात पत्नी ने जान-बूझकर घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया था. पहले से घर की छत पर बेटे के दोनों जानकार आकर आनंद सिंह के घर आने का इंतजार कर रहे थे. आनंद सिंह जब 11 बजे रात को घर वापस आए तो पत्नी और बेटे-बेटियों के साथ खाना भी खाया. इसके बाद आनंद सिंह कमरे में सोने चले गए.

घटना की तह तक जाने में पीसीआर कॉल की भूमिका अहम


आनंद सिंह जब गहरी नींद में थे, तभी घात लगाए घर में मौजूद दोनों जानकारों को आनंद के बेटे और पत्नी ने नीचे बुलाया. पत्नी ने अपनी आंखों के सामने पति का बेरहमी से कत्ल होते देखा. आनंद सिंह को पीठ पर चाकुओं से वार किए गए थे. कत्ल करने के बाद दोनों जानकर अपने-अपने घर चले गए. इसमें एक जानकर तो आनंद सिंह का पड़ोसी ही है.

पीसीआर कॉल के बाद पुलिस को पत्नी पर गया शक
दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटना वाली रात सुबह 5 बजे के आस-पास पड़ोस के दूसरे शख्स ने पीसीआर कॉल किया था. पीसीआर कॉल में आनंद सिंह की पत्नी ने बयान दिया था कि वह जब 3 बजे रात को वाॅशरूम जाने उठी तो आनंद को खून से लथपथ देखा. इससे वह और उसके बच्चे घबरा गए.
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दिल्ली पुलिस ने मां-बेटे के साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया है


दिल्ली पुलिस के मुताबिक अगर तीन बजे पत्नी को जानकारी थी तो सुबह 5 बजे क्यों कॉल किया गया?  आनंद की पत्नी ने 3 बजे के बजाए 5 बजे पड़ोसियों को जानकारी देने में क्यों देर कर दी? इसके अलावा परिवार के मोबाइल कॉल डीटेल से ये हत्याकांड सुलझ गया. कॉल डिटेल्स ने भी कातिल तक पहुंचाने में काफी मदद की.

बता दें कि चूंकि मामला गृह मंत्रालय से जुड़ा था, लिहाजा दिल्ली पुलिस इस मामले को काफी गंभीरता से ले रही थी. दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल खुद केस देख रहे थे. विश्वास के मौके पर पहुंचने पर शव पर जख्म के कई निशान मिले थे. उत्तराखंड के रहने वाले आनंद सिंह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे. आनंद का छोटा भाई भी उनके साथ ही रहता था.

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First published: July 9, 2019, 8:26 PM IST
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