हौज काजी मंदिर में पूजा-पाठ फिर शुरू, दोनों पक्षों में सहमति के बाद बाजार खुला

इलाके में शांति लौटने के बाद बुधवार सुबह मंदिर में फिर से पूजा-अर्चना को दौर शुरू हो गया. इस दौरान यहां काफी संख्‍या में भक्‍त मौजूद रहे.

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 3:11 PM IST
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पुरानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में अब शांति स्थापित हो गई है. यह इलाका बीते 3 दिन से दो समुदायों के बीच हुई हिंसा के कारण सुर्खियों में था. यहां हुई हिंसा में कुछ उपद्रवियों ने लगभग 100 साल पुराने दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ की थी. इस वजह से यहां 3 दिन तक पूजा-अर्चना नहीं हो रही थी. आज यानी बुधवार सुबह इस मंदिर में फिर से पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया. इस दौरान यहां काफी संख्‍या में भक्‍त मौजूद रहे.

यहां भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के साथ कई बैठक कर इलाके में शांति बहाल करने में अहम भूमिका निभाई. बुधवार को यहां शांति लौटने के बाद बाजार भी खुल गए.



फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम का फरमान
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मंगलवार को फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने मंदिर को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना पर अफसोस जताते हुए कहा था कि इस मामले में पुलिस अच्छा काम कर रही है. उन्होंने कहा था कि मंदिर की जो भी क्षति हुई है, उसे इलाके के आरडब्ल्यूए के लोग (हिंदू-मुसलमान) मिलकर मरम्मत कराएंगे.

मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने न्यूज़18 से बात करते हुए कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि क्षेत्र के जो जिम्मेदार लोग हैं वो इस मामले को ज्यादा तूल देना नहीं चाहते हैं. वो लोगों से बराबर भाइचारे और अमन की अपील कर रहे हैं. लेकिन बाहर के लोग आकर ड्रामा कर रहे हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो बनाकर अपलोड कर रहे हैं. जबकि पुरानी दिल्ली क्षेत्र के लोग बाहर के लोगों का हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं.

पूजा के दौरान काफी संख्‍या में लोग मौजूद थे.


क्या है पूरा मामला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह घटना रविवार देर रात उस समय हुई जब आस मोहम्मद नाम का युवक एक इमारत के बाहर अपना स्कूटर खड़ा कर रहा था. इसे लेकर वहां रहने वाले संजीव गुप्ता ने आपत्ति जतायी. संजीव की पत्नी बबीता ने बताया कि जब उनके पति ने स्टॉल के पास स्कूटर खड़ा करने पर आपत्ति की तो उस वक्त आस मोहम्मद वहां से चला गया. लेकिन बाद में वो कुछ और लोगों के साथ आया और उसने तोड़फोड़ और मारपीट की. बताया जा रहा है कि जो लोग उसके आए थे उन सबने शराब पी रखी थी.

दोनों तरफ से लगे आरोप
इस मामले में दोनों पक्ष अलग-अलग दावे कर रहे हैं. 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर साकिब ने कहा कि जब मोहम्मद की पिटाई कर दी गई तो उसने और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया. इस घटना से जुड़े एक वीडियो में पार्किंग विवाद को लेकर कुछ लोग एक युवक की कथित रूप से पिटाई करते दिख रहे हैं. इलाके में रहने वाले आकिब हसन ने कहा, ‘जब मोहम्मद ने अपना स्कूटर खड़ा किया तो संजीव गुप्ता ने उससे कहा कि वो अपना स्कूटर कहीं और ले जाए, नहीं तो वो उसे आग लगा देंगे. इसके बाद दोनों का झगड़ा हो गया, जिसमें गुप्ता और कुछ अन्य लोगों ने मोहम्मद को इमारत के अंदर खींचकर उसकी पिटाई कर दी.'

पुलिस दोनों पक्षों को ले गई थाने
झगड़ा बढ़ने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर दिया. इसके बाद वहां पहुंची पुलिस मोहम्मद और संजीव गुप्ता दोनों को थाने ले आई. साकिब ने दावा किया, ‘जब मोहम्मद और गुप्ता पुलिस थाने में थे, कुछ अज्ञात व्यक्ति मंदिर के बाहर एकत्रित हो गए और उसमें तोड़फोड़ की. इससे क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया था.’

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First published: July 3, 2019, 11:10 AM IST
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