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Delhi-NCR वासियों के लिए खुशखबरीः बढ़ने जा रहे हैं Metro के फेरे! लेकिन...

News18Hindi
Updated: October 15, 2019, 10:37 AM IST
Delhi-NCR वासियों के लिए खुशखबरीः बढ़ने जा रहे हैं Metro के फेरे! लेकिन...
मेट्रो के फेरे बढ़ाने से लोग निजी वाहनों का प्रयोग कम करेंगे जिससे पॉल्यूशन के स्तर में काफी कमी आएगी. (फाइल फोटो)

दिल्ली (Delhi) में बढ़ते पॉल्यूशन (Pollution) को देखते हुए अब मेट्रो के फेरों (Metro) और बस (BUS) सर्विस में इजाफा करने पर विचार किया जा रहा है. वहीं, डीजल जनरेटरों पर रोक लगा दी गई है.

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  • Last Updated: October 15, 2019, 10:37 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) ने जहां एक तरफ लोगों को परेशान कर रखा है, वहीं इस प्रदूषण के चलते ही लोगों के लिए जल्द एक सुविधा भी मिलने जा रही है. प्रदूषण से निपटने के लिए अब मेट्रो ट्रेन के फेरे बढ़ाने पर विचार चल रहा है. साथ ही बसों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे. ऐसे में लोगों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है. गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. अब ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्‍शन प्लान (GRAP) की टीम मंगलवार से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए कमर कस रही है. ऐसे में डीजल जनरेटर, शहर में ट्रकों की एंट्री, ईंट-भट्ठे और स्टोन क्रशर्स को बंद करवाया जा रहा है. वहीं माना जा रहा है कि मेट्रो के फेरे बढ़ाने से लोग निजी वाहनों का प्रयोग कम करेंगे, जिससे पॉल्यूशन के स्तर में काफी कमी आएगी.

रविवार से लगातार बढ़ रहा है प्रदूषण
सर्दी के शुरू होने से पहले ही दिल्ली के प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. रविवार को दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के स्तर तक पहुंच गया था. हालांकि, सोमवार को इसमें 50 पॉइंट्स का सुधार हुआ, लेकिन यह लगातार घटता बढ़ता रहा है. वहीं, पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के चलते दिल्ली की हवा में पीएम घनत्व भी बढ़ता जा रहा है.

जनरेटर पर लगी रोक

इसी के चलते अब पार्किंग फीस को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है. जिससे लोग अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल कम से कम करें. साथ ही पानी का छिड़काव, सड़कों की मशीन से सफाई और प्राकृतिक गैस के ज्यादा उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा. वहीं 4 नवंबर से सरकार दिल्ली में ऑड ईवन का फॉर्मूला भी लागू करने जा रही है. इसके साथ ही गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और बहादुरगढ़ क्षेत्र में डीजल जनरेटरों के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना शुरू
जानकारी के अनुसार, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में किसानों ने पराली जलाना शुरू कर दिया है. इस संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास खत्म होते दिख रहे हैं. हमें दिल्ली के लिए बहुत कुछ करना है और हम कर भी रहे हैं. इसके लिए जरूरी है कि सभी राज्य सरकारें और एजेंसियां फसलों के जलाने की प्रक्रिया को बंद करवाएं.
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करनाल में सबसे ज्यादा जलाई जा रही पराली
सीएम केजरीवाल ने कहा कि अभी तक सामने आया है कि दिल्ली में आने वाला प्रदूषण हरियाणा के करनाल में जलाई जा रही पराली के चलते हो रहा है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में शनिवार से ही प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो गया था और इसका मुख्य कारण भी यही था.

दो दिनों में 6 प्रतिशत तक बढ़ेगा प्रदूषण
पराली जलाने के चलते ‌आने वाले दो दिनों में दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण स्तर 6 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा. इसके बाद से ही ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्‍शन प्लान की एक टीम हरकत में आ गई. जीआरएपी की एक टीम ने इस संबंध में शुक्रवार को भी एक बैठक की. इस बैठक के बाद वरिष्ठ वैज्ञानिक वी के सोनी ने बताया कि अभी मानसून के खत्म होने के साथ ही हवाएं शांत हैं. हवा की दिशा भी पश्चिम और उत्तर पश्चिम की तरफ है. ऐसे में प्रदूषण के कारक इतनी जल्दी खत्म नहीं होंगे.

पंजाब में 45 प्रतिशत तक पराली जलाने के मामले बढ़े
एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में काफी कमी आई है. वहीं पंजाब में यह मामले रिकॉर्ड बढ़े हैं. 11 अक्टूबर तक के आंकड़ेां पर नजर डाली जाए तो पराली जलाने के मामलों में 45 प्रतिशत तक का उछाल आया है.

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First published: October 15, 2019, 10:11 AM IST
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