Sheila Dikshit: जिनके विरोधी भी मुरीद, किसी ने मां जैसा बताया तो किसी ने आदर्श

भावशाली, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहने वाली शीला दीक्षित का व्यक्तित्व अन्य राजनेताओं से बिलकुल अलग था.

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Updated: July 21, 2019, 3:08 AM IST
Sheila Dikshit: जिनके विरोधी भी मुरीद, किसी ने मां जैसा बताया तो किसी ने आदर्श
देश की राजधानी दिल्‍ली में उनके द्वारा विभिन्‍न क्षेत्रों में किए गए बुनियादी स्‍तर के कामों ने उनके राजनीतिक विरोधियों को भी उनका मुरीद बनाया. (फाइल फोटो)
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Updated: July 21, 2019, 3:08 AM IST
दिल्‍ली की तीन बार मुख्‍यमंत्री रहीं कांग्रेस की कद्दावर नेता शीला दीक्षित का शनिवार दोपहर लगभग 3:55 बजे एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 81 वर्षीय शीला दीक्षित लंबे समय से हृदय संबंधित बीमारी से जूझ रही थीं. उनके निधन पर दिल्‍ली सरकार ने दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. साथ ही राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा.

भावशाली, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहने वाली शीला दीक्षित का व्यक्तित्व अन्य राजनेताओं से बिलकुल अलग था. उन्‍हें कार की सवारी का बड़ा चाव था. हालांकि जब उनकी एक राजनीति परिवार में शादी हुई तो उनकी जिंदगी एकदम बदल गई. उत्‍तर प्रदेश के वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता की बहू शीला दीक्षित राजीव गांधी के साथ काम करने लगी और धीरे-धीरे पार्टी और गांधी परिवार के प्रति निष्‍ठावान बन गईं.

शीला दीक्षित मूल रूप से पंजाब के कपूरथला से हैं. उनकी स्कूलिंग और हायर स्टडीज देश की राजधानी दिल्ली में पूरी हुई. शीला दीक्षित ने उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक कौशल मजबूत किया और 1984 में पहली बार कन्‍नौज लोकसभ सीट से सांसद चुनी गईं. उसके बाद उन्‍होंने दिल्‍ली को अपनी कर्मभूमि बनाया.

देश की राजधानी दिल्‍ली में उनके द्वारा विभिन्‍न क्षेत्रों में किए गए बुनियादी स्‍तर के कामों ने उनके राजनीतिक विरोधियों को भी उनकी मुरीद बनाया. उनके राजनीतिक विरोधी भी उनके असहमत नहीं हो पाते थे. उनके कामों और विकास में बड़ी ताकत थी.



केजरीवाल बोले- उनके कामों को दिल्‍ली कभी भूल नहीं पाएगी

इसलिए उनके विरोधी रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'उनके कामों को दिल्‍ली कभी भूल नहीं पाएगी.' केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'उनके जैसा आदर्श व्‍यक्‍त‍ित्‍व राजनीति में मुश्‍कि‍ल से मिलता है.'
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जबकि उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने वाले दिल्‍ली बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवा ने उन्‍हें मां समान बताया. मनोज तिवारी ने कहा, 'अभी पिछले दिनों जब मैंने उनसे मिला तो उन्‍होंने मेरा उसी तरह स्‍वागत किया, जैसे मां एक बेटे का करती है.

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First published: July 21, 2019, 3:04 AM IST
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